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पतंजली के प्रोडक्ट में गड़बड़ी, 11 लाख का जुर्माना

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नई दिल्ली। बाबा रामदेव की कंपनी ‘पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड‘ पर उत्पादों के बारे में गलत जानकारी देने को लेकर 11 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। खबर के मुताबिक, पतंजलि के पांच उत्पादन यूनिटों को ब्रैंडिंग व उत्पाद को लेकर गलत जानकारी देने के दोषी पाए जाने पर हरिद्वार की कोर्ट ने जुर्माना लगाया है।

दूसरे यूनिटों में बने प्रोडक्ट को अपने यूनिटों में बना बताकर बेचा जा रहा था। पतंजलि के ये यूनिट दूसरे यूनिटों में बने उत्पादों को अपने यहां का लेबल लगाकर बेच रहे थे। कोर्ट ने इसे खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम-2003 की धारा 52-53 और फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड (पैकेजिंग एंड लेबलिंग रेग्युलेशन-2011) की धारा 23.1(5) का उल्लंघन करार देते हुए जुर्माना लगाया है।

पतंजलि को जुर्माने की धनराशि महीने के अंदर जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने अगर प्रोडक्ट में सुधार नहीं किया गया तो जिला खाद्य सुरक्षा विभाग को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने यह आदेश एक दिसंबर 2016 को दिया था। हालांकि यह दिसंबर में जाकर सार्वजनिक हुआ है। हरिद्वार के जिला खाद्य सुरक्षा विभाग ने 16 अगस्त 2012 को पतंजलि के कुछ प्रोडक्ट के नमूने लिए थे। ये नमूने कनखल स्थित दिव्य योग मंदिर से पतंजलि द्वारा उत्पादित बेसन, शहद, कच्ची घानी का सरसों का तेल, जैम और नमक के लिए गए थे। इसके बाद इन नमूनों को जांच के लिए रुद्रपुर लैब में भेजा गया था। जहां इनके सैंपल फेल पाए गए। इसके बाद से इस मामले की चार सालों से कोर्ट में सुनवाई चल रही थी।

इस पर एडीएम डाॅ. ललित नारायण मिश्रा ने कच्ची घानी सरसों के तेल का सैंपल फैल होने पर 2.50 लाख का जुर्माना। नमक पर 2.50 लाख, पतंजलि जैम पर 2.50 लाख, बेसन पर 1.50 लाख और शहद का सैंपल फेल होने पर 2 लाख रूपये का जुर्माना लगाया है।