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'हमें पुलिस पर भरोसा नहीं' : जेवर कांड

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रेटर नोएडा। जेवर में वारदात के 5 दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ है। पीड़ितों का कहना है कि वारदात को 5 दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है। पीड़ित परिवार ने कहा, ‘बदमाश तो पकड़े नहीं गए, उल्टे हमपर ही तोहमत लगा दी गई है। फर्जी मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर हमको झूठा साबित करने की कोशिश की गई।

हम पुलिस से पूछना चाहते हैं कि क्या जिस आदमी को मार दिया गया, वह भी फर्जी है? क्या हत्या भी नहीं हुई।‘ पीडितों ने मामले की सीबीआई जांच  होने का अनुरोध किया है परिवारीजनों का आरोप है कि पुलिस हवा में तीर चलाकर मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। रेप नहीं होने की बात पर आहत परिवार का कहना है, ‘ऐसा कौन इज्जतदार आदमी होगा जो घर की इज्जत को इस तरह सरेआम उछाल देगा और रेप की झूठी रिपोर्ट दर्ज करवाएगा। पुलिस ने संवेदनशीलता की सारी हदें पार कर दी हैं। सुरक्षा के लिए तैनात पुलिसकर्मी चले जाते हैं और जब कोई नेता आता है तो आ जाते हैं। अब इसमें सीबीआई जांच हो तो न्याय की उम्मीद की जा सकती है।‘ 

इस मामले में स्थानीय पुलिस के साथ-साथ दो अन्य थानों की पुलिस, क्राइम ब्रांच, एंटी एक्सटॉर्शन सेल और एसटीएफ की टीम जांच कर रही हैं। एसएसपी लव कुमार ने बताया कि मामले में कई गैंग को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। सुरक्षा को देखते हुए जेवर, रबूपुरा और दनकौर के आसपास के स्टेट हाईवे पर तीन पीसीआर बढ़ाई गई हैं। पुलिस को अलर्ट रहने को कहा गया है। पुलिस की 5 टीमें जांच में लगी हैं। उम्मीद है कि जल्द केस का खुलासा कर दिया जाएगा।

वहीं पुलिस बावरिया गिरोह को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। इसको देखते हुए जेवर, अलीगढ़, फरीदाबाद, पलवल और बुलंदशहर एरिया में दबिश दी जा रही हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जिस तरीके से वारदात की गई और गैंगरेप का आरोप है, उससे बावरिया गिरोह पर शक जा रहा है। बुलंदशहर कांड में भी बावरिया गैंग सामने आया था। इस मामले में बावरिया के साथ एक-दो स्थानीय लोग भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस और एंटी एक्सटॉर्शन सेल ने करीब 10 लोगों को हिरासत में लिया है। इनसे पूछताछ की जा रही है। उम्मीद है कि कुछ सफलता हाथ लग सकती है।