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केजीएमयू अग्निकांड में मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 11

Lucknow
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लखनऊ। केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर के द्वितीय तल में शनिवार शाम करीब सात बजे शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। देखते ही देखते आग पहले व दूसरे तल तक पहुंच गया। पूरा वार्ड धुएं से भर गया था। लोग इधर-उधर भागने लगे। इसके तुरंत बाद मरीज व उनके परिजनों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया। घरवालों का आरोप है कि रात में मरीजों की शिफ्टिंग करते वक्त ऑक्सीजन हटा दी गई थी, जिससे उनकी मौत हो गई।

जानकारी के मुताबिक, रायबरेली के थाना सरेनी निवासी संतोष त्रिवेदी को न्यूरो की समस्या थी। उनका गत रविवार से इलाज चल रहा था। रात में उन्हें ट्रॉमा सेंटर से शताब्दी अस्पताल फेज-टू में शिफ्ट किया गया था। उनके साले श्रीकृष्ण तिवारी ने बताया कि रात में शिफ्टिंग के दौरान संतोष का ऑक्सीजन सपोर्ट हटा दिया गया था। शताब्दी पहुंचते ही उनकी मौत हो गई। मगर रात को शव नहीं निकाला गया। उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह 11 बजे जब शताब्दी फेज-टू पहुंचे तो इस दौरान संतोष का शव बाहर निकाल दिया गया। वहीं, शनिवार रात को हेमंत, वसीम, अरविंद गौतम, सरस्वती देवी, लक्ष्मी देवी व रेनू के बच्चों की मौत हुई थी।

आग से मरने वालों की संख्या 11 हो गई है। वहीं ट्रॉमा में 24 घंटे के लिए गंभीर मरीजों की भर्ती रोक दी गई। इन सभी की जान ट्रॉमा सेंटर में बदइंतजामी की वजह से हुईं। घटना की जांच कर रहे मंडलायुक्त अनिल गर्ग ने छह मौतें स्वीकारी हैं। ट्रॉमा प्रभारी डॉ. अविनाश अग्रवाल का कहना है कि आग की वजह से ट्रॉमा सेंटर के कुछ हिस्सों में संक्रमण की आशंका है। लिहाजा गंभीर मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। इनमें 80 प्रतिशत तक जले हुए, हादसों के गंभीर मामले, नवजात शिशुओं को भर्ती करने पर अभी 24 घंटे के लिए रोक लगाई है। आज दोपहर से मरीजों की भर्ती शुरू की जाएगी।