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अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में अब नजर नहीं आएगी सचिन की ये जर्सी

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नई दिल्ली। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर की जर्सी नंबर दस अब मैदान पर नजर नहीं आएगी। बीसीसीआई ने अंतर्राष्ट्रीय मुकाबलों से इसे अनाधिकारिक रुप से हटाने का फैसला कर लिया है। सचिन तेंडुलकर अपने पूरे वनडे करियर और इकलौते टी-20 मुकाबले में यही जर्सी पहनकर उतरे थे। ऐसे में मास्टर ब्लास्टर की क्रिकेट से विदाई के बाद अब इस जर्सी की भी विदाई हो जाएगी।

सचिन तेंडुलकर ने 2013 में 24 साल लंबे चले करियर के बाद बल्ला टांग दिया था। उन्होंने आखिरी बार मार्च 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे मुकाबले में ये जर्सी पहनी थी। तब से पांच साल तक इस जर्सी का किसी खिलाड़ी ने इस्तेमाल नहीं किया था। मगर मुंबई के तेज गेंदबाद शार्दुल ठाकुर ने जरुर पिछले साल अगस्त में श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में हुए अपने वनडे डेब्यू के दौरान ये जर्सी नंबर पहन लिया था। हालांकि इसके बाद शार्दुल और बीसीसीआई को सचिन के फैंस ने सोशल मीडिया पर ट्रोल किया था। खुद शार्दुल के साथी और मुंबई की तरफ से खेलने वाले रोहित शर्मा ने भी सोशल मीडिया की जर्सी की तस्वीर डालते हुए उनसे सवाल पूछ लिया था कि आपका जर्सी नंबर क्या है।Image result for अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में अब नजर नहीं आएगी सचिन की ये जर्सी

एक इंटरव्यू के दौरान ठाकुर ने जर्सी नंबर दस पहनने के लिए सफाई भी दी थी। उन्होंने बताया था कि उनकी जन्म तारीख और साल के मुताबिक उनका लकी नंबर दस आता है। इसी वजह से वो दस नंबर की जर्सी पहनकर मैदान पर उतरे थे। हालांकि अक्टूबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में मैच के दौरान शार्दुल ने दस नंबर की जर्सी से तौबा कर ली और वो 54 नंबर की जर्सी पहनकर मैदान पर उतरे थे। इस वाकये के बाद बीसीसीआई की भी काफी किरकिरी हुई थी। ऐसे में आगे इस तरह के विवाद न खड़े हों, इसलिए बीसीसीआई ने इसे अनाधिकारिक रुप से हटाने का फैसला किया है। हालांकि खिलाड़ी इंडिया ए और किसी भी लिस्ट ए मैच में इसे पहन सकेंगे, मगर अंतर्राष्ट्रीय मुकाबलों के दौरान कोई भी खिलाड़ी सचिन तेंडुलकर की पहचान से जुड़ा ये जर्सी नंबर नहीं पहनेगा।

क्रिकेट के हर फॉर्मेट से सचिन के संन्यास के बाद मुंबई इंडियंस ने भी साल 2013 में जर्सी नंबर दस को रिटायर कर दिया था। खुद बोर्ड ने भी इस बारे में खिलाड़ियों से बात की थी और सभी ने एक सुर में बोर्ड के इस फैसले को अपना समर्थन दिया। ये कोई पहला मौका नहीं है, जब किसी बड़े खिलाड़ी के संन्यास के बाद किसी जर्सी नंबर को रिटायर कर दिया गया था। इसके पहले कई फुटबॉल क्लब भी दिग्गज खिलाड़ियों के सम्मान में ऐसा कर चुके हैं। साल 2014 में इंटर मिलान ने अपने डिफेंडर जेवियर जेनिटी के संन्यास के बाद जर्सी नंबर 4 को रिटायर कर दिया था। वहीं वेस्ट हेम यूनाइडेट ने भी दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी बॉबी मूर के संन्यास के बाद जर्सी नंबर 6 को रिटायर कर दिया था।

क्लब फुटबॉल में जरुर दिग्गज खिलाड़ियों की जर्सी को रिटायर कर दिया जाता है। मगर अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल में ऐसा नहीं होता है। अर्जेंटीना फुटबॉल फेडरेशन ने स्ट्राइकर डिएगो माराडोना के संन्यास के बाद जर्सी नंबर दस को रिटायर करने का फैसला किया था। 2002 के फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप के दौरान 23 सदस्यीय टीम की जर्सी से फेडरेशन ने ये नंबर हटा दिया था। फेडरेशन ने टीम के रिजर्व गोलकीपर रोबर्टो बोनानो को जर्सी नंबर 24 अलॉट किया था। मगर फीफा ने इसे नहीं माना और बाद में टीम के स्ट्राइकर एरियल ऑर्टेगा जिनका जर्सी नंबर 23 था उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में माराडोना की जर्सी नंबर दस पहनी। आजकल स्टार स्ट्राइकर लियोनल मैसी दस नंबर की जर्सी पहनते हैं।