FII की बिकवाली से शेयर बाजार पर दबाव, निवेशकों को सरकार से राहत की उम्मीद

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ रही है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2026 में अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से करीब 4 लाख करोड़ रुपये की निकासी की है। भारी बिकवाली के बीच बाजार में स्थिरता लाने और निवेशकों का भरोसा मजबूत करने के लिए सरकार से जल्द कदम उठाने की मांग उठ रही है।
विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी से शेयर बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। इसका असर प्रमुख शेयर सूचकांकों, कंपनियों के शेयरों और छोटे-बड़े निवेशकों के पोर्टफोलियो पर पड़ सकता है। हालांकि, बाजार की दिशा केवल विदेशी निवेश पर निर्भर नहीं करती; घरेलू निवेशकों की भागीदारी, कंपनियों के वित्तीय नतीजे, वैश्विक आर्थिक हालात और ब्याज दरों से जुड़ी परिस्थितियां भी अहम भूमिका निभाती हैं।
लगातार बिकवाली से बाजार पर दबाव
विदेशी निवेशकों की निकासी का असर अक्टूबर में भी दिखाई दे रहा है। बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, 9 अक्टूबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयरों की शुद्ध रूप से करीब ₹3,569 करोड़ की बिकवाली की। इसके मुकाबले घरेलू संस्थागत निवेशकों ने करीब ₹4,743 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की। पूरे 2026 में विदेशी निवेशकों की शुद्ध निकासी बढ़कर लगभग ₹4.41 लाख करोड़ हो गई।
सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट
8 अक्टूबर को शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। सेंसेक्स 1,045 अंक से ज्यादा टूटकर 71,593.24 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में करीब 1.64 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 22,231.80 पर बंद हुआ। इसके बाद 9 अक्टूबर को बाजार में कुछ सुधार देखने को मिला। सेंसेक्स 879 अंक से अधिक चढ़ा और निफ्टी भी बढ़त के साथ बंद हुआ।
क्यों बिकवाली कर रहे हैं विदेशी निवेशक?
बाजार विशेषज्ञों की रिपोर्टों में विदेशी निवेशकों की निकासी के पीछे कई प्रमुख कारण बताए गए हैं:
कच्चे तेल की ऊंची कीमतें: महंगा तेल भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ा सकता है।
रुपये में कमजोरी: डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट विदेशी निवेशकों के रिटर्न को प्रभावित कर सकती है।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी: अमेरिकी बाजार में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना निवेशकों को वहां पूंजी लगाने के लिए आकर्षित कर सकती है।
वैश्विक अनिश्चितता: भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई की चिंताएं निवेशकों को जोखिम वाले निवेश से दूर कर सकती हैं।
बाजार का मूल्यांकन: भारतीय शेयरों की अपेक्षाकृत ऊंची कीमतें भी विदेशी निवेशकों के फैसलों को प्रभावित कर रही हैं।
सरकार से स्थिरता लाने के कदम उठाने की मांग
लगातार बिकवाली और बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की चिंता बढ़ी है। बाजार में भरोसा बहाल करने, आर्थिक स्थिरता बनाए रखने और निवेश के माहौल को बेहतर बनाने के लिए सरकार से प्रभावी कदम उठाने की मांग की जा रही है।
हालांकि, विदेशी निवेशकों की बिकवाली का मतलब यह नहीं है कि सभी निवेशक बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। घरेलू संस्थागत निवेशक लगातार खरीदारी कर रहे हैं, जिससे विदेशी बिकवाली के प्रभाव को कुछ हद तक कम करने में मदद मिल रही है।
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