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★ विश्व हिंदू रक्षा परिषद की धर्म संसद आज। भगवामय हुआ इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान। आज सुबह 10 बजे से शुरू होगी धर्म संसद। कृष्ण जन्मभूमि मथुरा पर भव्य मंदिर बनाने के प्रस्ताव को रखा जाएगा आज धर्म संसद में।★ फार्मा कंपनी मैनकाइंड ने कैप्‍टन स्मित मच्छार की बहादुरी को सलाम करते हुए एक करोड़ रुपये के इनाम का ऐलान किया। कंपनी ने अपने बयान में कहा कि आप हमारे समय के असली हीरो हैं। कंपनी ने कहा, ‘आपने पूरी दुनिया के सामने जिस साहस, शौर्य और जिम्‍मेदारी का परिचय दिया है, उसे देखते हुए एक भारतीय के तौर पर हमें अत्‍यंत गर्व हो रहा है। यही वजह है कि मैनकाइंड फार्मा ने आपको और आपके परिवार को एक करोड़ रुपये का योगदान करने का फैसला लिया है।’।★ मथुरा के बरसाना से बड़ी खबर सामने आई है। हाथरस के सादाबाद से लापता 16 वर्षीय अनुज चौधरी को पुलिस ने बरसाना के एक आश्रम से बरामद कर लिया है। बताया जा रहा है कि संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में दीक्षा लेने के बाद अनुज लापता हो गया था। बेटे की तलाश में परिजनों ने वृंदावन पहुंचकर केली कुंज आश्रम के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। जानकारी मिलने पर अनुज वहां से निकलकर बरसाना के लाडली दास आश्रम पहुंच गया और वहीं शरण ली। सूचना के बाद सादाबाद थाना पुलिस बरसाना पहुंची और किशोर को अपने साथ लेकर हाथरस के लिए रवाना हो गई। मामले में बरसाना थाना पुलिस की कार्रवाई जारी है। पुलिस ने मीडिया को घटनाक्रम से दूर रखा। फिलहाल किशोर के सकुशल मिलने से परिवार को बड़ी राहत मिली है।★ मौसम विभाग ने कल यानी 5 अक्तूबर से देश के 10 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आईएमडी ने अपने ताजा पूर्वानुमान में कहा है कि केरल, ओडिशा, बिहार, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में बारिश के साथ आंधी-तूफान के आसार हैं। मौसम का यह मिजाज 5 से 7 अक्टूबर के बीच रह सकता है। आईएमडी का यह भी कहना है कि दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में मौसम के शुष्क रहने की संभावना है।★ वृंदावन। संत प्रेमानंद महाराज ने दीक्षा देने और दर्शन देने पर रोक लगा दी है। दर्शन करने आ रहे लोग निराश होकर वापस लौट रहे हैं। वृंदावनवास कर रहे दीक्षा पा चुके शिष्यों के ड्रेस कोड भी बदले हैं। अब शिष्य पीले और सफेद रंग की पहनावा न पहनकर आमजन जैसे वस्त्रों में रहेंगे। सिर्फ साधक और संत के निजी सेवक ही सफेद और पीले रंग के कपड़ों में रहेंगे।★ लखनऊ। दिवाली से पहले राज्य कर्मियों को मिलेगा बोनस और डीए का तोहफा। योगी सरकार कर रही राज्य कर्मियों को बढ़ा हुआ डीए और बोनस देने की तैयारी। दिवाली से पहले 3400 से 7000 रुपए तक के बोनस का हो सकता है ऐलान। सरकारी कर्मियों और पेंशनरों को तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत देने की भी हो रही तैयारी। जुलाई से लागू होगी बढ़ोतरी। राज्य के 2.70 लाख कर्मचारियों को बढ़ा हुआ मानदेय देने की भी तैयारी। श्रेणी एक के कर्मचारियों को 40,000 रुपए, श्रेणी 2 के कर्मचारियों को 25,000 रुपए, श्रेणी 3 के आउटसोर्स कर्मचारियों को 22,000 रुपए और श्रेणी 4 के कर्मचारियों को 20,000 रुपया मिलेगा। अक्टूबर का बढ़ा वेतन नवंबर में दिया जाएगा।★ लखनऊ। बीजेपी आज कर सकती है यूपी से राज्यसभा उम्मीदवारों के नामों का ऐलान। यूपी बीजेपी के राज्य कोर ग्रुप से भेजे गए पैनल के आधार पर होगा फैसला। 8 राज्यसभा सीटों के लिए नाम तय किए जाने की चर्चा। सामाजिक समीकरण साधने पर बीजेपी का फोकस। OBC, दलित और सवर्ण चेहरों के बीच संतुलन बनाने की तैयारी। पूर्वी यूपी, पश्चिमी यूपी और मध्य यूपी यानी अवध क्षेत्र का भी रखा गया ध्यान। अंतिम सूची पर केंद्रीय नेतृत्व की मुहर का इंतजार, नामों को लेकर सस्पेंस बरकरार।★ लखनऊ। यूपी में सपा ने किया बड़ा खेल। स्नातक MLC प्रत्याशी का किया बदलाव। भाजपा के बागी डॉ० संजयन त्रिपाठी को बनाया प्रत्याशी। गोरखपुर फैजाबाद से कमलेश यादव को सपा ने बनाया था प्रत्याशी। सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने की घोषणा। अखिलेश यादव ने भाजपा के बागी डॉ० संजयन को सपा में ज्वाइन कराया। आगरा से भी सपा ने अपना प्रत्याशी बदला।★ क्रिकेट विश्व कप 2027 का कार्यक्रम घोषित। 2 अक्टूबर से 21 नवंबर तक दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में 14 टीमों के बीच मुकाबले होंगे। टूर्नामेंट में कुल 57 मैच खेले जाएंगे, नया प्रारूप लागू होगा जिसमें पहले चरण के बाद 12 टीमें दो ग्रुप में बंटेंगी, दोनों ग्रुप से शीर्ष तीन-तीन टीमें और चौथे स्थान वाली टीमों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीम सुपर-7 में पहुंचेगी। सुपर-7 की शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल खेलेंगी, फाइनल 21 नवंबर को जोहान्सबर्ग में होगा। भारत ग्रुप ए में ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे और एक क्वालीफायर टीम के साथ है। भारत-पाकिस्तान मुकाबला 10 अक्टूबर 2027 को जोहान्सबर्ग में होगा।★ दिल्ली। जंतर मंतर की तरफ प्रदर्शनकारी बनाम पुलिस प्रशासन की स्थिति अभी बरकरार है। सीईसी के इस्तीफे की मांग के नारे और प्रदर्शन जारी है।★ विश्व हिंदू रक्षा परिषद की धर्म संसद आज। भगवामय हुआ इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान। आज सुबह 10 बजे से शुरू होगी धर्म संसद। कृष्ण जन्मभूमि मथुरा पर भव्य मंदिर बनाने के प्रस्ताव को रखा जाएगा आज धर्म संसद में।★ फार्मा कंपनी मैनकाइंड ने कैप्‍टन स्मित मच्छार की बहादुरी को सलाम करते हुए एक करोड़ रुपये के इनाम का ऐलान किया। कंपनी ने अपने बयान में कहा कि आप हमारे समय के असली हीरो हैं। कंपनी ने कहा, ‘आपने पूरी दुनिया के सामने जिस साहस, शौर्य और जिम्‍मेदारी का परिचय दिया है, उसे देखते हुए एक भारतीय के तौर पर हमें अत्‍यंत गर्व हो रहा है। यही वजह है कि मैनकाइंड फार्मा ने आपको और आपके परिवार को एक करोड़ रुपये का योगदान करने का फैसला लिया है।’।★ मथुरा के बरसाना से बड़ी खबर सामने आई है। हाथरस के सादाबाद से लापता 16 वर्षीय अनुज चौधरी को पुलिस ने बरसाना के एक आश्रम से बरामद कर लिया है। बताया जा रहा है कि संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में दीक्षा लेने के बाद अनुज लापता हो गया था। बेटे की तलाश में परिजनों ने वृंदावन पहुंचकर केली कुंज आश्रम के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। जानकारी मिलने पर अनुज वहां से निकलकर बरसाना के लाडली दास आश्रम पहुंच गया और वहीं शरण ली। सूचना के बाद सादाबाद थाना पुलिस बरसाना पहुंची और किशोर को अपने साथ लेकर हाथरस के लिए रवाना हो गई। मामले में बरसाना थाना पुलिस की कार्रवाई जारी है। पुलिस ने मीडिया को घटनाक्रम से दूर रखा। फिलहाल किशोर के सकुशल मिलने से परिवार को बड़ी राहत मिली है।★ मौसम विभाग ने कल यानी 5 अक्तूबर से देश के 10 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आईएमडी ने अपने ताजा पूर्वानुमान में कहा है कि केरल, ओडिशा, बिहार, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में बारिश के साथ आंधी-तूफान के आसार हैं। मौसम का यह मिजाज 5 से 7 अक्टूबर के बीच रह सकता है। आईएमडी का यह भी कहना है कि दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में मौसम के शुष्क रहने की संभावना है।★ वृंदावन। संत प्रेमानंद महाराज ने दीक्षा देने और दर्शन देने पर रोक लगा दी है। दर्शन करने आ रहे लोग निराश होकर वापस लौट रहे हैं। वृंदावनवास कर रहे दीक्षा पा चुके शिष्यों के ड्रेस कोड भी बदले हैं। अब शिष्य पीले और सफेद रंग की पहनावा न पहनकर आमजन जैसे वस्त्रों में रहेंगे। सिर्फ साधक और संत के निजी सेवक ही सफेद और पीले रंग के कपड़ों में रहेंगे।★ लखनऊ। दिवाली से पहले राज्य कर्मियों को मिलेगा बोनस और डीए का तोहफा। योगी सरकार कर रही राज्य कर्मियों को बढ़ा हुआ डीए और बोनस देने की तैयारी। दिवाली से पहले 3400 से 7000 रुपए तक के बोनस का हो सकता है ऐलान। सरकारी कर्मियों और पेंशनरों को तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत देने की भी हो रही तैयारी। जुलाई से लागू होगी बढ़ोतरी। राज्य के 2.70 लाख कर्मचारियों को बढ़ा हुआ मानदेय देने की भी तैयारी। श्रेणी एक के कर्मचारियों को 40,000 रुपए, श्रेणी 2 के कर्मचारियों को 25,000 रुपए, श्रेणी 3 के आउटसोर्स कर्मचारियों को 22,000 रुपए और श्रेणी 4 के कर्मचारियों को 20,000 रुपया मिलेगा। अक्टूबर का बढ़ा वेतन नवंबर में दिया जाएगा।★ लखनऊ। बीजेपी आज कर सकती है यूपी से राज्यसभा उम्मीदवारों के नामों का ऐलान। यूपी बीजेपी के राज्य कोर ग्रुप से भेजे गए पैनल के आधार पर होगा फैसला। 8 राज्यसभा सीटों के लिए नाम तय किए जाने की चर्चा। सामाजिक समीकरण साधने पर बीजेपी का फोकस। OBC, दलित और सवर्ण चेहरों के बीच संतुलन बनाने की तैयारी। पूर्वी यूपी, पश्चिमी यूपी और मध्य यूपी यानी अवध क्षेत्र का भी रखा गया ध्यान। अंतिम सूची पर केंद्रीय नेतृत्व की मुहर का इंतजार, नामों को लेकर सस्पेंस बरकरार।★ लखनऊ। यूपी में सपा ने किया बड़ा खेल। स्नातक MLC प्रत्याशी का किया बदलाव। भाजपा के बागी डॉ० संजयन त्रिपाठी को बनाया प्रत्याशी। गोरखपुर फैजाबाद से कमलेश यादव को सपा ने बनाया था प्रत्याशी। सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने की घोषणा। अखिलेश यादव ने भाजपा के बागी डॉ० संजयन को सपा में ज्वाइन कराया। आगरा से भी सपा ने अपना प्रत्याशी बदला।★ क्रिकेट विश्व कप 2027 का कार्यक्रम घोषित। 2 अक्टूबर से 21 नवंबर तक दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में 14 टीमों के बीच मुकाबले होंगे। टूर्नामेंट में कुल 57 मैच खेले जाएंगे, नया प्रारूप लागू होगा जिसमें पहले चरण के बाद 12 टीमें दो ग्रुप में बंटेंगी, दोनों ग्रुप से शीर्ष तीन-तीन टीमें और चौथे स्थान वाली टीमों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीम सुपर-7 में पहुंचेगी। सुपर-7 की शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल खेलेंगी, फाइनल 21 नवंबर को जोहान्सबर्ग में होगा। भारत ग्रुप ए में ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे और एक क्वालीफायर टीम के साथ है। भारत-पाकिस्तान मुकाबला 10 अक्टूबर 2027 को जोहान्सबर्ग में होगा।★ दिल्ली। जंतर मंतर की तरफ प्रदर्शनकारी बनाम पुलिस प्रशासन की स्थिति अभी बरकरार है। सीईसी के इस्तीफे की मांग के नारे और प्रदर्शन जारी है।

‘दृश्यम 3: द कन्क्लूज़न’ - विजय सलगांवकर की आखिरी चाल में है कितना दम?

By Abhimanyu Kumar Sharma·05 Oct 2026 11:24 AM (IST)
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‘दृश्यम 3: द कन्क्लूज़न’ - विजय सलगांवकर की आखिरी चाल में  है कितना दम?

अजय देवगन, तब्बू और जयदीप अहलावत की यह फिल्म क्या ‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी को एक दमदार अंत दे पाती है? जानिए फिल्म की कहानी, अभिनय, पटकथा और क्लाइमैक्स पर बिना स्पॉइलर के पूरी समीक्षा।

2 अक्टूबर का दिन सिर्फ गांधी जयंती का दिन नहीं रहा है। भारतीय सिनेमा के दर्शकों के लिए पिछले कई वर्षों से यह तारीख एक और सवाल से जुड़ी हुई है—“विजय सलगांवकर ने आखिर किया क्या था?”

और इस बार सवाल थोड़ा और मुश्किल था—“अगर विजय सलगांवकर की कहानी खत्म होनी है, तो क्या सचमुच खत्म होगी?”

अजय देवगन की ‘दृश्यम: द कन्क्लूज़न’ इसी सवाल का जवाब देने सिनेमाघरों में पहुंची है। फिल्म को लेकर उत्सुकता इसलिए भी असाधारण थी क्योंकि पिछली दोनों हिंदी फिल्मों की तरह इस बार दर्शक मलयालम फिल्म की कहानी को हिंदी में दोहराए जाने की उम्मीद नहीं कर रहे थे। निर्माताओं ने साफ कहा था कि यह एक अलग कहानी होगी।

रिलीज के बाद कम-से-कम इतना तो कहा जा सकता है कि फिल्म इस वादे से पीछे नहीं हटती। और यही इस तीसरे भाग की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

कहानी :

कहानी वहीं से शुरू होती है, जहां विजय का सुकून खत्म होता है। विजय सलगांवकर ने पिछले दो अध्यायों में पुलिस, कानून और परिस्थितियों को अपनी कहानी के हिसाब से मोड़ा था। लेकिन इस बार सामने सिर्फ पुरानी पुलिस नहीं है।

सामने है एक नई जांच, एक नया दिमाग और एक ऐसा प्रतिद्वंद्वी, जो विजय की कहानी पर भरोसा करने के बजाय उसके भीतर छिपे छेद तलाशना चाहता है।

मीरा देशमुख का दर्द भी अब सिर्फ एक मां का दर्द नहीं रह गया है। उसके भीतर न्याय की इच्छा धीरे-धीरे बदले की आग में बदलती दिखाई देती है। इसी मोड़ पर फिल्म में जयदीप अहलावत के किरदार राजवीर सिंह तोमर की एंट्री होती है।

और यहीं से ‘दृश्यम 3’ असल में शुरू होती है।

इस बार मुकाबला बराबरी का :

राजवीर और विजय की भिड़ंत फिल्म का सबसे आकर्षक हिस्सा है।

एक तरफ वह आदमी है, जिसने झूठ को इतनी खूबसूरती से सच बना दिया कि पूरा सिस्टम उसके सामने उलझ गया। दूसरी तरफ ऐसा पुलिस अधिकारी है, जिसे यकीन है कि हर कहानी में कोई न कोई ऐसी चीज जरूर छूट जाती है, जिसे दोबारा पढ़ने पर पूरी कहानी बदल सकती है।

यानी इस बार सवाल सिर्फ यह नहीं है कि “विजय बच पाएगा या नहीं?”

सवाल है—“क्या विजय से ज्यादा चालाक कोई और उसकी कहानी पढ़ रहा है?”

और यही फिल्म का असली खेल है।

अजय देवगन: कम संवाद, ज्यादा असर

विजय सलगांवकर को लेकर सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस किरदार को अब बहुत कुछ बोलने की जरूरत नहीं पड़ती।

एक नजर।
एक हल्की-सी मुस्कान।
कुछ सेकंड का मौन।

और दर्शक समझ जाते हैं कि विजय के दिमाग में कुछ चल रहा है।

अजय देवगन ने इस बार भी अभिनय को काफी हद तक इसी न्यूनतम शैली में रखा है। उनकी आंखें और चेहरे की स्थिरता कई जगह संवादों से ज्यादा काम करती हैं।

लेकिन इस बार विजय पहले के मुकाबले ज्यादा दबाव में है। पिछली फिल्मों में वह परिस्थितियों से एक कदम आगे दिखाई देता था। यहां कई बार ऐसा लगता है कि सामने वाला भी उसकी चाल पढ़ रहा है।

यही बदलाव अजय के अभिनय को दिलचस्प बनाता है।

वह विजय को किसी सुपरहीरो की तरह पेश नहीं करते। बल्कि इस बार उसमें तनाव, असुरक्षा और दबाव की झलक भी दिखाई देती है।

जयदीप अहलावत हैं फिल्म का सबसे बड़ा सरप्राइज

अगर किसी एक कलाकार ने इस फिल्म में अजय देवगन के सामने बराबरी का तनाव पैदा किया है, तो वह जयदीप अहलावत हैं।

राजवीर सिंह तोमर का किरदार शुरुआत से ही ऐसा लिखा गया है कि दर्शक उसके आने के बाद विजय के लिए थोड़ा चिंतित होने लगता है।

जयदीप इस किरदार में आक्रामकता, आत्मविश्वास और एक तरह की खतरनाक सहजता लेकर आते हैं। उनकी संवाद-अदायगी कई जगह फिल्म की ऊर्जा अचानक बढ़ा देती है।

यही वजह है कि ‘दृश्यम 3’ को सिर्फ “विजय बनाम पुलिस” कहना पर्याप्त नहीं होगा।

इसे कहना कहीं ज्यादा दिलचस्प है—

“विजय सलगांवकर बनाम राजवीर सिंह तोमर।”

दोनों अपने-अपने तरीके से कहानी लिखते हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि एक के पास पुलिस की ताकत है और दूसरे के पास कहानी की।

तब्बू की मीरा: दर्द से बदले तक

पिछली दो फिल्मों में मीरा देशमुख का दर्द कहानी की बड़ी प्रेरक शक्ति था। तीसरे भाग में उसका किरदार एक नया मोड़ लेता है।

निर्देशक अभिषेक पाठक ने खुद मीरा को कहानी की रीढ़ बताया है और कहा है कि इस बार उसका रवैया पहले की तुलना में अलग है।

तब्बू इस बदलाव को बहुत अच्छी तरह पकड़ती हैं। उनका अभिनय चिल्लाता नहीं है, बल्कि एक टूटे हुए इंसान की थकान, गुस्सा और जुनून धीरे-धीरे सामने लाता है।

फिर भी फिल्म की एक कमजोरी यही है कि जिस भावनात्मक संघर्ष में इतनी संभावनाएं थीं, पटकथा कई बार उसे पीछे छोड़कर थ्रिलर की अगली चाल पर चली जाती है।

फिल्म की सबसे बड़ी ताकत और कमजोरी:

‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी की असली ताकत कभी बड़े एक्शन दृश्य नहीं रहे। इसकी ताकत रही है—जानकारी।

आपको क्या बताया जा रहा है?

क्या छिपाया जा रहा है?

किस बात पर आपका ध्यान जानबूझकर ले जाया जा रहा है?

और कौन-सी छोटी-सी चीज बाद में बड़ी साबित होने वाली है?

तीसरी फिल्म भी इसी खेल को आगे बढ़ाती है।

स्क्रीनराइटर आमिल कीयान खान ने बताया है कि फिल्म की पटकथा के 100 से ज्यादा ड्राफ्ट लिखे गए। क्लाइमैक्स को सुरक्षित रखने के लिए इसकी जानकारी भी सीमित लोगों तक रखी गई।

यह मेहनत फिल्म में दिखाई भी देती है। कई छोटे विवरण बाद में अर्थ ग्रहण करते हैं और दर्शक लगातार अनुमान लगाता रहता है कि अगली चाल क्या होगी।

लेकिन यही वह जगह भी है, जहां फिल्म कभी-कभी जरूरत से ज्यादा समझाने लगती है। कुछ ट्विस्ट बेहद प्रभावी हैं, जबकि कुछ घटनाएं ऐसी लगती हैं, जिन्हें कहानी को अपनी मंजिल तक पहुंचाने के लिए थोड़ी सुविधा से रखा गया है।

इंटरवल और क्लाइमैक्स का असली खेल :

फिल्म का सबसे बड़ा फायदा यह है कि दर्शक पहले से जानता है कि उसे बेवकूफ बनाने की कोशिश की जाएगी।

फिर भी वह बेवकूफ बनना चाहता है।

यही ‘दृश्यम’ का जादू है।

रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा इंटरवल ब्लॉक, ट्विस्ट और क्लाइमैक्स को लेकर हुई। शुरुआती प्रतिक्रियाओं में दर्शकों ने क्लाइमैक्स को खास तौर पर सराहा और कई लोगों ने इसे पिछली फिल्मों के स्तर का या उससे बेहतर बताया।

बिना स्पॉइलर दिए इतना कहना पर्याप्त है कि फिल्म का अंतिम हिस्सा वह जगह है, जहां थिएटर में बैठे दर्शक दोबारा अपनी सीट पर सीधा होकर बैठ जाता है।

और यही किसी सस्पेंस थ्रिलर की सबसे बड़ी जीत है।

दर्शकों का रिस्पॉन्स और बॉक्स ऑफिस:

रिलीज के बाद फिल्म को दर्शकों की ओर से शुरुआती तौर पर मजबूत प्रतिक्रिया मिली है। सोशल मीडिया पर खास तौर पर अजय देवगन, जयदीप अहलावत, ट्विस्ट और क्लाइमैक्स की चर्चा देखने को मिली।

बॉक्स ऑफिस पर भी फिल्म ने मजबूत शुरुआत की है। उपलब्ध शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक तीसरे दिन तक भारत में फिल्म का नेट कलेक्शन लगभग ₹176.5 करोड़ और वर्ल्डवाइड कलेक्शन लगभग ₹272.8 करोड़ बताया गया है।

यानी दर्शक सिर्फ सोशल मीडिया पर फिल्म की तारीफ नहीं कर रहे, वे टिकट खरीदकर थिएटर भी जा रहे हैं।

लंबे गांधी जयंती वीकेंड और लगभग एक दशक से बनी फ्रेंचाइजी की लोकप्रियता ने फिल्म को बड़ा फायदा दिया है। हालांकि शुरुआती सफलता को सीधे “ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर” का अंतिम प्रमाण मानना अभी जल्दबाजी होगी। फिल्म की असली व्यावसायिक स्थिति आगे के सप्ताह में तय होगी।

क्या ‘दृश्यम: द कन्क्लूज़न’ देखनी चाहिए?

अगर आपने ‘दृश्यम’ और ‘दृश्यम 2’ देखी हैं, तो इसका जवाब है—हां।

अगर आपने मलयालम ‘Drishyam 3’ भी देखी है, तब भी फिल्म देखने की वजह बची हुई है, क्योंकि हिंदी संस्करण उसी कहानी को हूबहू दोहराने की कोशिश नहीं करता।

फिल्म हर मोड़ पर परफेक्ट नहीं है। कुछ जगह पटकथा जरूरत से ज्यादा समझाती है और कुछ भावनात्मक हिस्सों को और गहराई मिल सकती थी। लेकिन इसके बावजूद यह तीसरा भाग सिर्फ फ्रेंचाइजी के नाम पर बनाई गई फिल्म नहीं लगता।

अभिषेक पाठक ने कहानी को नया रास्ता देने की कोशिश की है, अजय देवगन ने विजय को फिर से उसी रहस्यमय अंदाज में जिंदा किया है और जयदीप अहलावत ने इस खेल में वह नया खतरा जोड़ दिया है, जिसकी इस कहानी को जरूरत थी।

‘दृश्यम: द कन्क्लूज़न’ परफेक्ट फिल्म नहीं है, लेकिन यह ‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी का कमजोर तीसरा अध्याय भी नहीं है।

यह अपने लिए नया रास्ता बनाती है, दर्शक को लगातार अनुमान लगाने पर मजबूर करती है और अंत तक सस्पेंस बनाए रखने में काफी हद तक सफल रहती है।

पहली फिल्म ने हमें विजय की कहानी पर विश्वास करना सिखाया।

दूसरी ने बताया कि वह कहानी कितनी दूर तक जा सकती है।

और तीसरी पूछती है—

“अगर कहानी लिखने वाला खुद कहानी का किरदार बन जाए, तो उसका अंत कौन लिखेगा?”

इसका जवाब फिल्म अपने अंदाज में देती है—कुछ जगह शानदार ढंग से, कुछ जगह सुविधाजनक तरीके से, लेकिन कुल मिलाकर संतोषजनक रूप से।

और हां...

2 अक्टूबर को जलेबी खाने वाला विजय सलगांवकर इस बार भी सिर्फ जलेबी खाने नहीं आया है।

इस बार वह अपनी कहानी का आखिरी पन्ना लेकर आया है।

रेटिंग: ⭐⭐⭐½/5

एक लाइन में:
“विजय सलगांवकर की आखिरी बाजी में कुछ पत्ते पुराने हैं, कुछ नए हैं—लेकिन आखिरी चाल तक दर्शक को मेज से उठने नहीं देते।”

लेखक के बारे में

Abhimanyu Kumar Sharma

श्री शर्मा एक अनुभवी पत्रकार, संपादक एवं जनसंपर्क संचार विशेषज्ञ हैं, जिन्हें हिंदी पत्रकारिता, मीडिया प्रबंधन, कंटेंट एडिटिंग और पब्लिक रिलेशंस के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वे एक अंतरराष्ट्रीय संस्थान में वरिष्ठ संपादक, सूचना एवं जनसंपर्क के पद पर कार्यरत हैं। अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने दैनिक जागरण, टाइम्स ऑफ इंडिया और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। लेखन एवं संपादन के साथ-साथ उन्हें फोटो-जर्नलिज्म और फोटोग्राफी में भी विशेष रुचि है। उनकी फोटोग्राफी को National Geographic द्वारा प्रकाशित एवं सम्मानित किया जा चुका है। मीडिया, संस्थागत संचार और रचनात्मक लेखन के अनुभव के साथ वे प्रभावी संचार, मीडिया संबंधों और सकारात्मक संस्थागत छवि निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय हैं। Abhimanyu Kumar Sharma की सभी खबरें देखें →

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