Fri, Sep 11
V L MEDIA PVT.LTD.
Advertisement
ब्रेकिंग न्यूज़
पहलवान विनेश फोगाट को 2026 सीनियर विश्व चैंपियनशिप के चयन ट्रायल में उतरने की अनुमति नहीं मिली, दिल्ली हाईकोर्ट ने 14 सितंबर को होने वाले ट्रायल के लिए नियमों में विशेष छूट देने से इनकार कर दिया। कांगो के 2 स्कूलों में आग, 26 स्टूडेंट्स की मौत, लकड़ी से बने घर ज्यादा, इसलिए तेजी से फैली आग, जान बचाने खिड़कियों से कूदे बच्चे। 9/11 हमलों को 25 साल पूरे हो गए हैं। 11 सितंबर 2001 को अमेरिका पर हुए आतंकी हमलों में 2977 लोगों की जान गई थी। चार विमानों को हाईजैक किया गया, जिनमें से दो न्यूयॉर्क के ट्विन टावर से टकराए, तीसरा अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन से जा टकराया और चौथा विमान पेनसिल्वेनिया में जा गिरा। अमेरिकी जांच के मुताबिक इन हमलों को अल-कायदा के 19 आतंकियों ने अंजाम दिया था। अमेरिका-ईरान तनाव का असर, कच्चे तेल की कीमत 107 डॉलर के पार, भारत पर भी पड़ेगा प्रभाव। महिला एशिया कप में टीम इंडिया ने एक बार फिर अपना दबदबा साबित कर दिया है। सेमीफाइनल में भारत ने बांग्लादेश को 40 रन से हराकर फाइनल का टिकट पक्का कर लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 149 रन बनाए। जवाब में बांग्लादेश की टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर 109 रन ही बना सकी। भारतीय महिला हॉकी टीम ने पाकिस्तान को 19-0 से हराया, जूनियर एशिया कप में सबसे बड़ी जीत, पूजा की हैट्रिक, सेमीफाइनल में पहुंची डिफेंडिंग चैंपियन। विजय की पार्टी TVK को चुनाव आयोग ने मान्यता दी, तमिलनाडु-पुडुचेरी में रजिस्टर्ड पार्टी, ‘सीटी’ चुनाव चिह्न पक्का हुआ, विजय ने कहा यह चमत्कार है। बैग लेकर पार्टी ऑफिस पहुंचे, नगर निगम के चुनाव के बाद राजस्थान में BJP-कांग्रेस ने शुरू की प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के दूसरे चरण का मतदान शुक्रवार को होगा। इस चरण में प्रदेश के छह नगर निगमों समेत कई नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनेंगे। चुनाव परिणाम 14 सितंबर को घोषित किए जाएंगे। दूसरे चरण में कुल 4,774 वार्डों के लिए मतदान होगा। इसरो का अलर्ट : अक्तूबर से दिसंबर तक 3 चक्रवात का खतरा, 83% ज्यादा शक्तिशाली, तेज हवाओं के साथ होगी भारी बारिश? पहलवान विनेश फोगाट को 2026 सीनियर विश्व चैंपियनशिप के चयन ट्रायल में उतरने की अनुमति नहीं मिली, दिल्ली हाईकोर्ट ने 14 सितंबर को होने वाले ट्रायल के लिए नियमों में विशेष छूट देने से इनकार कर दिया। कांगो के 2 स्कूलों में आग, 26 स्टूडेंट्स की मौत, लकड़ी से बने घर ज्यादा, इसलिए तेजी से फैली आग, जान बचाने खिड़कियों से कूदे बच्चे। 9/11 हमलों को 25 साल पूरे हो गए हैं। 11 सितंबर 2001 को अमेरिका पर हुए आतंकी हमलों में 2977 लोगों की जान गई थी। चार विमानों को हाईजैक किया गया, जिनमें से दो न्यूयॉर्क के ट्विन टावर से टकराए, तीसरा अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन से जा टकराया और चौथा विमान पेनसिल्वेनिया में जा गिरा। अमेरिकी जांच के मुताबिक इन हमलों को अल-कायदा के 19 आतंकियों ने अंजाम दिया था। अमेरिका-ईरान तनाव का असर, कच्चे तेल की कीमत 107 डॉलर के पार, भारत पर भी पड़ेगा प्रभाव। महिला एशिया कप में टीम इंडिया ने एक बार फिर अपना दबदबा साबित कर दिया है। सेमीफाइनल में भारत ने बांग्लादेश को 40 रन से हराकर फाइनल का टिकट पक्का कर लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 149 रन बनाए। जवाब में बांग्लादेश की टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर 109 रन ही बना सकी। भारतीय महिला हॉकी टीम ने पाकिस्तान को 19-0 से हराया, जूनियर एशिया कप में सबसे बड़ी जीत, पूजा की हैट्रिक, सेमीफाइनल में पहुंची डिफेंडिंग चैंपियन। विजय की पार्टी TVK को चुनाव आयोग ने मान्यता दी, तमिलनाडु-पुडुचेरी में रजिस्टर्ड पार्टी, ‘सीटी’ चुनाव चिह्न पक्का हुआ, विजय ने कहा यह चमत्कार है। बैग लेकर पार्टी ऑफिस पहुंचे, नगर निगम के चुनाव के बाद राजस्थान में BJP-कांग्रेस ने शुरू की प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के दूसरे चरण का मतदान शुक्रवार को होगा। इस चरण में प्रदेश के छह नगर निगमों समेत कई नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनेंगे। चुनाव परिणाम 14 सितंबर को घोषित किए जाएंगे। दूसरे चरण में कुल 4,774 वार्डों के लिए मतदान होगा। इसरो का अलर्ट : अक्तूबर से दिसंबर तक 3 चक्रवात का खतरा, 83% ज्यादा शक्तिशाली, तेज हवाओं के साथ होगी भारी बारिश?

शिक्षक : शिक्षा के कलाकार

Published By News DeskAuthor: जयंत चौधरी (लेखक केन्द्रीय शिक्षा तथा कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री हैं।)·06 Sept 2026335
0
शिक्षक : शिक्षा के कलाकार

किसी को भी पहली बार पढ़ना सीखने का सटीक दिन याद नहीं होता। लेकिन लगभग हर व्यक्ति उन शिक्षकों को जरूर याद रखता है, जिन्होंने उसे पढ़ाया होता है। भूल जाने वाले पल और कभी न भुलाए जाने वाले व्यक्ति के बीच का यही अंतर हमें शिक्षण कार्य के बारे में कुछ बेहद जरूरी बातें बता जाता है। एक शिक्षक अपने पीछे ऐसी चीजें छोड़ जाता है, जिन्हें आसानी से आंक पाना संभव नहीं होता: कोशिश करने का आत्मविश्वास, डटे रहने का अनुशासन, सवाल पूछने की जिज्ञासा, या कभी-कभी मात्र यह भरोसा कि इंसान और भी बहुत कुछ कर सकता है। इसलिए, शिक्षण को एक कला से कम कुछ भी नहीं माना जा सकता।

भारत के महामहिम राष्ट्रपति द्वारा हर वर्ष प्रदान किए जाने वाले ‘राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार’ वास्तव में उन चुनिंदा लोगों के प्रति सम्मान होते हैं, जिनका योगदान दूसरों से कहीं बढ़कर रहा होता है। इन सबके अलावा, देश के हर कोने में – चाहे वह कक्षा हो या कौशल संबंधी प्रयोगशाला या पॉलिटेक्निक या खेल का मैदान या फिर संगीत कक्ष – विद्यार्थीगण धन्यवाद कहने का अपना-अपना तरीका ढूंढ ही लेते हैं। कभी हाथ से लिखी हुई एक टिप्पणी। कभी सुबह की सभा में आभार जताने का एक पल। कभी एक ऐसी खामोश सराहना जो दिन खत्म होने के काफी देर बाद तक शिक्षक के मन में बसी रहती है। ये कोई कमतर उत्सव नहीं हैं, बल्कि कई मायनों में ये सबसे सच्चे उत्सव हैं।

हालांकि, आंकड़े हमें एक और चिंताजनक कहानी बताते हैं। ओईसीडी का 2026 का ‘टीचर नॉलेज सर्वे’ किसी विषय की जानकारी होने और उसे पढ़ा पाने की क्षमता के बीच के अंतर की ओर इशारा करता है। इस सर्वेक्षण के निष्कर्षों से पता चलता है कि विषय का ज्ञान हमेशा कारगर शिक्षण-पद्धति में नहीं बदलता। बात बिल्कुल सरल, लेकिन बेहद जरूरी है: किसी चीज को गहराई से जानना और किसी दूसरे व्यक्ति को उसे सीखने में मदद करना - ये दोनों अलग-अलग कौशल हैं। शिक्षण एक कला है और इसके लिए मानवीय रिश्तों एवं पढ़ाने के तरीकों की समझ के साथ-साथ कक्षा में थोड़ी नाटकीयता की भी जरूरत होती है।

यूनेस्को की ‘शिक्षकों से संबंधित वैश्विक रिपोर्ट 2024’ में इस पेशे की उपेक्षा करने की कीमत को आंकड़ों में दर्शाया गया है। दुनिया को 2030 तक 44 मिलियन अतिरिक्त प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों की जरूरत होगी। और, इनमें से आधे से अधिक की जरूरत केवल उन शिक्षकों की जगह लेने के लिए होगी जो नौकरी छोड़ रहे हैं। वहीं, मैकिन्से ग्लोबल इंस्टीच्यूट का अनुमान है कि स्वचालन (ऑटोमेशन) के कारण 2030 तक दुनिया भर में 75 मिलियन से 375 मिलियन कामगारों को अपना पेशा बदलना पड़ सकता है। ऐसी परिस्थिति में, योग्य शिक्षकों की अहमियत पहले से कहीं अधिक होगी।

भारत ने इस चुनौती को समय रहते भांप लिया है और इससे पूरी गंभीरता से निपटने की दिशा में कदम उठाए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत शुरू किए गए चार-वर्षीय ‘एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम’ में विषयगत निपुणता तथा शिक्षण-पद्धति को एक ही स्नातक कि डिग्री में शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को शिक्षण के पेशे की ओर आकर्षित करना है। सेवा में कार्यरत शिक्षकों के बीच एक जैसे मानक सुनिश्चित करने हेतु, ‘शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय पेशेवर मानक (एनपीएसटी)’ के तहत करियर में तरक्की को मात्र वरिष्ठता के बजाय, पढ़ाने की असल गुणवत्ता से जोड़ा गया है। अलग-अलग क्षेत्रों में सीखने-सिखाने की प्रक्रिया का लाभ उठाने हेतु, ‘नेशनल मिशन फॉर मेंटरिंग (एनएमएम)’ शिक्षकों को अलग-अलग क्षेत्रों के मार्गदर्शकों (मेंटर) से सीखने के लिए व्यवस्थित सहायता प्रदान करता है। मैंने भी इस मिशन के लिए एक मेंटर के तौर पर पंजीकरण कराया है। माननीय प्रधानमंत्री हर वर्ष राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं से न केवल बधाई देने के लिए, बल्कि उनकी बातें सुनने, जमीनी स्तर की उनकी कहानियां जानने और उनसे एक ऐसा दृष्टिकोण साझा करने के लिए भी मिलते हैं जो केवल अनुभवी नेतृत्व से ही प्राप्त हो सकता है। शिक्षण एक रचनात्मक काम है और अलग-अलग क्षेत्रों से सीखने-सिखाने की प्रक्रिया इस रचनात्मकता को नयापन प्रदान करती है।

भारत में ‘शिक्षक’ किसे माना जाए, इसका दायरा भी बढ़ाया जा रहा है और शायद यह सबसे अनूठा विचार है। ‘समाज में सभी के लिए आजीवन सीखने की समझ (उल्लास)’ यानी ‘न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम’ इस सिद्धांत पर आधारित है कि हर साक्षर व्यक्ति एक निरक्षर व्यक्ति को पढ़ा सकता है। इस वर्ष जब हम ‘अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस’ मना रहे हैं, तो इस कार्यक्रम के तहत नौ राज्यों एवं केन्द्र-शासित प्रदेशों को पूरी तरह साक्षर घोषित किया गया है। शिक्षा मंत्रालय के 'विद्यांजलि' पोर्टल में भी यही भावना दिखाई देती है। यह पोर्टल 8.75 लाख से अधिक सरकारी स्कूलों को ऐसे वॉलंटियरों से जोड़ता है जो एक उपहार के रूप में अपनी विशेषज्ञताओं - चाहे वह नृत्य से संबंधित हो या गणित से या सार्वजनिक भाषण या फिर शिल्प से - को कक्षाओं में प्रदर्शित करते हैं। हर वॉलंटियर एक शिक्षक की भूमिका निभाता है। ये वॉलंटियर जो भी विषय पढ़ाते हैं, उसे बराबर का महत्व दिया जाता है। क्योंकि वास्तव में, शिक्षण कोई तकनीकी काम नहीं बल्कि एक कला है। हर अध्याय को पढ़ाने की योजना एक रचना जैसी होती है। हर व्याख्या एक प्रदर्शन सरीखी होती है।

कोई भी कला किसी भी कलाकार में भेद नहीं करती। इसलिए हमारे मन में ऊंच-नीच की जो भी धारणा है, उसे परख कर खत्म करना जरूरी है। कभी-कभी संगीत शिक्षक या शारीरिक शिक्षा के शिक्षक को पूरक और व्यावसायिक शिक्षा के प्रशिक्षक को वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर देखा जाता। यह वर्गीकरण न केवल अनुचित है, बल्कि पूरी तरह गलत भी है। परीक्षा का दबाव बढ़ने पर संगीत या व्यायाम मन को शांत कर सकते हैं, जिससे तैयारी में मदद मिलती है। भारत की बढ़ती रचनात्मक अर्थव्यवस्था (ऑरेंज इकोनॉमी) के साथ, अनेक कला रूप विद्यार्थियों को आधुनिक दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक के लिए तैयार करेंगे। जैसे-जैसे खेल विश्वविद्यालय आकार ले रहे हैं और राष्ट्रीय खेल अवसंरचना को सुदृढ़ कर रहे हैं, खेल प्रशिक्षक तथा शारीरिक शिक्षा के शिक्षक एक विश्वसनीय करियर के द्वार खोलेंगे। सटीक मैन्यूफैक्चरिंग सिखा रहे आईटीआई के प्रशिक्षक, ऐसे कौशल विकसित कर रहे हैं जो पुलों के निर्माण और अस्पतालों को सुदृढ़ बनाने में सहायक हैं। यही राष्ट्र निर्माण का एक दूसरा स्वरूप है।

आज के दौर में जब मशीनें लगभग हर उस काम को करने में सक्षम हो रही हैं जिसका पहले से अनुमान लगाया जा सकता है, तब भी एक काम ऐसा है जिसकी जगह कोई नहीं ले सकता - और वह है शिक्षक का काम: एक ऐसा शिक्षक जो एक विद्यार्थी में ऐसी क्षमता देख लेता है जिसे खुद विद्यार्थी अभी नहीं देख पा रहा होता है। इस काम का कोई एल्गोरिदम नहीं है। यह स्कूल की घंटी बजने पर खत्म नहीं होता। और यह देश भर के हर तरह के संस्थान में, हर विषय के हर शिक्षक से जुड़ा है।

एक लैटिन कहावत इस तथ्य को सटीक ढंग से रेखांकित करती है: नॉन स्कोलाए सेड विताए डिस्सिमस (Non scholae sed vitae discimus)। हम स्कूल के लिए नहीं, बल्कि जिंदगी के लिए सीखते हैं।

और इंसानी संभावनाओं का सच्चा कलाकार माना जाने वाला एक शिक्षक ही वही व्यक्ति है, जो इसे संभव बनाता है।

(लेखक केन्द्रीय शिक्षा तथा कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री हैं।)

लेखक के बारे में

News Desk

‘विजुअल लाइव’ का न्यूज डेस्क खबरों के संकलन, संपादन, सत्यापन और प्रकाशन की पूरी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण केंद्र है। देश-प्रदेश की राजनीति, प्रशासन, समाज, अर्थव्यवस्था, अपराध, शिक्षा, रोजगार और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लगातार नजर रखते हुए डेस्क पाठकों तक जरूरी और महत्वपूर्ण खबरें पहुंचाने का कार्य करता है। न्यूज डेस्क की टीम विभिन्न स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं की पड़ताल कर खबरों को तथ्यपरक, स्पष्ट और संतुलित स्वरूप देती है। खबर की भाषा, तथ्य, शीर्षक, प्रस्तुतीकरण और डिजिटल प्रकाशन से जुड़े प्रत्येक पहलू पर विशेष ध्यान दिया जाता है। बदलते डिजिटल मीडिया के दौर में न्यूज डेस्क की भूमिका केवल खबर प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है। ब्रेकिंग न्यूज की त्वरित अपडेटिंग, SEO आधारित प्रस्तुतीकरण, सोशल मीडिया वितरण और पाठकों की रुचि के अनुरूप खबरों के प्रभावी डिजिटल प्रकाशन पर भी टीम लगातार काम करती है। ‘विजुअल लाइव’ का न्यूज डेस्क पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों—तथ्य, विश्वसनीयता, निष्पक्षता और जनसरोकार—को प्राथमिकता देते हुए पाठकों को तेज, भरोसेमंद और उपयोगी समाचार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। News Desk की सभी खबरें देखें

Leave a Comment

Don't worry! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

संबंधित लेख

टॉप रीड्स

10 Sept 20262780

116 ट्रकों का वजन बढ़ाने के मामले में आरटीओ कार्यालय पर आत्मदाह करने पहुंचे ट्रांसपोर्टर

10 Sept 20261470

हॉस्टल की दाल में मिला मरा कीड़ा, बीबीडी कॉलेज में Gen Alpha छात्रों का हंगामा,  तोड़फोड़ 

09 Sept 20262270

पहले डर हटाया, फिर बेटी को पढ़ाया-हुनर दिया और रोजगार से जोड़ा, अब आत्मनिर्भरता की राह पर यूपी की महिलाएं : योगी

10 Sept 20261010

सब्जी विक्रेता की संदिग्ध मौत, दोस्त पर हत्या का आरोप, झाड़ियों में मिला शव

07 Sept 20264825

अखिलेश पर संगीत सोम का बड़ा हमला, मुजफ्फरनगर दंगे से PDA और एनकाउंटर तक गिनाए आरोप; बोले- ‘यूपी में नहीं चलेगा मुगल राज’

10 Sept 2026580

मूंछों पर ताव से शुरू हुई सियासी नोकझोंक, अखिलेश ने मंच पर बुलाकर कार्यकर्ता से कराया मूंछों पर ताव

07 Sept 20265385

लखनऊ ने वायु गुणवत्ता सुधार में रचा इतिहास

07 Sept 20264835

2027 में प्रचंड बहुमत से भाजपा सरकार बनाने का लक्ष्य: केशव मौर्य