2500 सनातनी महिलाओं के साथ मनाया गया हरियाली तीजोत्सव
शिव दरबार, झूलोत्सव, सामूहिक डमरू नाद और दीप रोशन का अनुष्ठान रहा केन्द्रीय आकर्षण
हरियाली तीज पर्व ग्लैमर नहीं सनातनी मातृशक्ति के गौरव का दिवस है
लखनऊ। ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति की सनातन ध्वजवाहिका सपना गोयल की अगुवाई में शुक्रवार को हरियाली तीज सनातनी महिलाओं का महा पर्व चिनहट वीमार्ट के पास स्थित रजत डिग्री कॉलेज के सामने बने भव्य सनातन धाम लॉन परिसर में आयोजित किया गया। मासिक आध्यात्मिक संगोष्ठी के अंतर्गत आयोजित इस समारोह का केन्द्रीय आकर्षण “भगवान शिव का महा दरबार” और “झूला उत्सव” रहा।
इस अवसर पर शहर ही नहीं ग्रामीण क्षेत्र से 2500 सनातनी महिलाओं को आमंत्रित किया गया था। ऐसे में हजारों मातृशक्तियों ने सावन के पावन झूले का भी आनन्द लिया। इसके साथ ही नि:स्वार्थ भाव से बिना किसी अनुदान के समाज सेवा में लगी कर्मठ बहनों को हरियाली पर्व के प्रतीक के रूप में “सनातनी हरा पटका” भी भेंट किया गया।
इस अवसर पर उन्होंने संदेश दिया कि तीजोत्सव कोई फैशन या ग्लैमर का अवसर नहीं है बल्कि यह पर्व हमें सनातनी मातृशक्ति के गौरव का स्मरण करा कर गौरवान्वित करता है। उन्होंने बताया कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कई वर्षों तक कठोर तपस्या की थी।
हरियाली तीज का यह पावन पर्व माता पार्वती और भगवान शिव के पुनर्मिलन और उनकी अटूट निष्ठा और प्रेम का प्रतीक है इसलिए इस दिन को इसी पवित्र भाव से सनातनी महिला शक्ति के रूप में मनाया जाना चाहिए। इस आयोजन में एक साथ सभी मातृशक्तियों द्वारा सामूहिक डमरू नाद और हाथों में लेकर दीपक रोशन करने का विहंगम दृश्य सभी को रोमांचित कर गया।
सपना गोयल ने बताया कि उनका एक मात्र लक्ष्य है कि संतों और ऋषियों की पावन भूमि, “भारत” एक बार पुन: “विश्व गुरु” के रूप में प्रतिष्ठित हो।
भारत उत्थान के इस महा उद्देश्य की पूर्ति के लिए “ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति” की ओर से प्रतिदिन सुंदरकांड पाठ के साथ प्रत्येक सप्ताह मंगलवार और शनिवार को नजदीकी मंदिरों में सामूहिक सुंदरकांड का आयोजन, करवाया जा रहा है। वर्तमान में सुंदरकांड महा अभियान उत्तर प्रदेश के 42 जिलों और देश के 10 राज्यों तक पहुंच चुका है। 10 मार्च 2024 को महिला दिवस के उपलक्ष्य में सपना गोयल की अगुआई में पांच हजार से अधिक महिलाओं ने लखनऊ के झूलेलाल घाट पर सामूहिक सुंदरकांड का भव्य अनुष्ठान किया था।
इस क्रम में 23 जून 2024 को पावन तीर्थ नैमिषारण्य में भव्य सामूहिक सुंदरकांड महायज्ञ का आयोजन करवाया गया था। उस अनुष्ठान में पांच हजार महिलाओं को शामिल करवाया गया था। बिना किसी सरकारी मदद के रात-दिन की यात्रा करके उत्तर प्रदेश के दूरस्थ जिलों तक में बड़े स्तर पर सुंदरकांड पाठ सम्पन्न करवाए जा चुके हैं।
इस महा तीर्थाटन अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड कोटद्वार के प्राचीन सिद्धबली मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर, हर की पौड़ी हरिद्वार, रुड़की महादेव मंदिर, चित्रकूट के पावन तीर्थ परिसर रामघाट, प्रयागराज के लेटे हुए हनुमान मंदिर एवं कानपुर के आनंदेश्वर महादेव मंदिर के गंगाजी घाट परिसर में भी भव्य सुंदरकाण्ड का पाठ सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है। मथुरा स्थित भगवान कृष्ण जन्मस्थली मंदिर परिसर में भी डेढ़ हजार से अधिक मातृशक्तियों ने सामूहिक सुन्दरकांड का पाठ किया था।
11 सितम्बर 2024 से अयोध्या तीर्थ में प्रभु राम जी के जन्मभूमि परिसर में भी, मासिक सुंदरकांड पाठ का सिलसिला शुरू हो गया है। आगामी 29 अगस्त को वहां 15वां सामूहिक सुंदरकांड पाठ करवाए जाएगा। दूसरी ओर “सेवा परमो धर्म:” को बीज मंत्र मानते हुए दरिद्र नारायण की सेवा के भाव से जाड़ों में कम्बल वितरण और विभिन्न पावन अवसरों पर भंडारों का आयोजन भी किया जा रहा है।
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