Thu, Oct 1
V L MEDIA PVT.LTD.
Advertisement
ब्रेकिंग न्यूज़
★ ठाणे में शिवसेना नेता की सरेआम हत्या। प्रदीप पूर्णेकर की सरेआम हत्या से सनसनी। कार्यालय में घुसकर प्रदीप पूर्णेकर को गोली मारी।★ मेरठ के चर्चित 'ब्लू ड्रम' हत्याकांड में आज फैसला सौरभ राजपूत मर्डर केस में कोर्ट करेगी बड़ा निर्णय 126 पेशियों और 22 गवाहों के बाद आएगा फैसला।★ लखनऊ: यूपी प्रभारी विनोद तावड़े 1 अक्टूबर को लखनऊ पहुंचेंगे, उनके साथ सभी सह-प्रभारी भी आएंगे। लखनऊ दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात का कार्यक्रम है। जिसमें यूपी संगठन और आगामी राजनीतिक तैयारियों पर चर्चा होगी। 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर विनोद तावड़े सफाई अभियान में शामिल होंगे। दौरे के दौरान यूपी संगठन को लेकर बैठकों और अन्य कार्यक्रमों में भी उनके शामिल होने की संभावना है।★ आज जालंधर में नशा मुक्त पंजाब यात्रा। यात्रा को संबोधित करेंगे गृहमंत्री अमित शाह। दोपहर 2 बजे कार्यक्रम में पहुंचेंगे अमित शाह। परागपुर रोड, जालंधर में होगा कार्यक्रम।★ गुजरात के पूर्व सीएम शंकर सिंह वाघेला ने कांग्रेस में शामिल होने की इच्छा जताई है। कांग्रेस और वाघेला के बीच सकारात्मक बातचीत के बाद वाघेला ने 2 अक्टूबर को नई पार्टी बनाने का प्लान ठंडे बस्ते में डाल दिया है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, वाघेला से सकारात्मक बातचीत हुई है, लेकिन पार्टी में आने पर उनकी भूमिका और रोल को लेकर आलाकमान से चर्चा होनी है, जिसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।★ सपा विधायक अतुल प्रधान का बड़ा दावा, बोले- "भाजपा में भगदड़ मची हुई है" "बहुत सारे विधायक हमारी ओर आएंगे"।★ Lucknow... यूपी सियासत : अब मायावती ने ईवीएम पर उठाए सवाल !! बोलीं- कांग्रेस शासनकाल में भाजपा ने भी जताया था विरोध।कांग्रेस-सपा समेत विपक्ष के बाद अब मायावती ने भी ईवीएम पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वोटर के मन में किसी प्रकार की शंका नहीं रहनी चाहिए।★ बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने दिया इस्तीफा...★ देश के 2 हजार से ज्यादा लोगों ने CJI सूर्यकांत को लेटर लिखकर SIR पर रोक लगाने की मांग की है। निर्वाचन आयोग की भूमिका पर स्वतः संज्ञान लेकर ज्ञानेश कुमार और अन्य अफसरों पर कार्रवाई की मांग भी की गई है। लेटर पर दस्तखत करने वालों में पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल विष्णु भागवत, पूर्व IAS अदिति मेहता, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, अभिनेता प्रकाश राज सहित तमाम शिक्षाविद, पत्रकार और सोशल एक्टिविस्ट के हस्ताक्षर हैं। SIR से देशभर में 13.37 करोड़ लोगों के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से कट गए हैं। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ज्ञानेश कुमार के एकतरफा फैसलों पर खुद उनके दोनों चुनाव आयुक्तों ने 14 बार आपत्ति जताई थी। इस रिपोर्ट के बाद से ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग हो रही है।★ श्रावस्ती में राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है और निचले इलाकों में पानी पहुंचने लगा है। इकौना क्षेत्र के मझौवा सुमाल गांव में नदी के कछार में सब्जी की खेती करने गए किसान हनुमान प्रसाद तेज बहाव में फंसने के बाद लापता हैं। परिजनों के मुताबिक करीब 18 घंटे से किसान का कोई सुराग नहीं मिला है, सूचना पर विधायक और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। NDRF की टीम ने सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है, जबकि प्रशासन राप्ती के जलस्तर और आसपास के इलाकों पर नजर बनाए हुए है।★ ठाणे में शिवसेना नेता की सरेआम हत्या। प्रदीप पूर्णेकर की सरेआम हत्या से सनसनी। कार्यालय में घुसकर प्रदीप पूर्णेकर को गोली मारी।★ मेरठ के चर्चित 'ब्लू ड्रम' हत्याकांड में आज फैसला सौरभ राजपूत मर्डर केस में कोर्ट करेगी बड़ा निर्णय 126 पेशियों और 22 गवाहों के बाद आएगा फैसला।★ लखनऊ: यूपी प्रभारी विनोद तावड़े 1 अक्टूबर को लखनऊ पहुंचेंगे, उनके साथ सभी सह-प्रभारी भी आएंगे। लखनऊ दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात का कार्यक्रम है। जिसमें यूपी संगठन और आगामी राजनीतिक तैयारियों पर चर्चा होगी। 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर विनोद तावड़े सफाई अभियान में शामिल होंगे। दौरे के दौरान यूपी संगठन को लेकर बैठकों और अन्य कार्यक्रमों में भी उनके शामिल होने की संभावना है।★ आज जालंधर में नशा मुक्त पंजाब यात्रा। यात्रा को संबोधित करेंगे गृहमंत्री अमित शाह। दोपहर 2 बजे कार्यक्रम में पहुंचेंगे अमित शाह। परागपुर रोड, जालंधर में होगा कार्यक्रम।★ गुजरात के पूर्व सीएम शंकर सिंह वाघेला ने कांग्रेस में शामिल होने की इच्छा जताई है। कांग्रेस और वाघेला के बीच सकारात्मक बातचीत के बाद वाघेला ने 2 अक्टूबर को नई पार्टी बनाने का प्लान ठंडे बस्ते में डाल दिया है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, वाघेला से सकारात्मक बातचीत हुई है, लेकिन पार्टी में आने पर उनकी भूमिका और रोल को लेकर आलाकमान से चर्चा होनी है, जिसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।★ सपा विधायक अतुल प्रधान का बड़ा दावा, बोले- "भाजपा में भगदड़ मची हुई है" "बहुत सारे विधायक हमारी ओर आएंगे"।★ Lucknow... यूपी सियासत : अब मायावती ने ईवीएम पर उठाए सवाल !! बोलीं- कांग्रेस शासनकाल में भाजपा ने भी जताया था विरोध।कांग्रेस-सपा समेत विपक्ष के बाद अब मायावती ने भी ईवीएम पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वोटर के मन में किसी प्रकार की शंका नहीं रहनी चाहिए।★ बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने दिया इस्तीफा...★ देश के 2 हजार से ज्यादा लोगों ने CJI सूर्यकांत को लेटर लिखकर SIR पर रोक लगाने की मांग की है। निर्वाचन आयोग की भूमिका पर स्वतः संज्ञान लेकर ज्ञानेश कुमार और अन्य अफसरों पर कार्रवाई की मांग भी की गई है। लेटर पर दस्तखत करने वालों में पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल विष्णु भागवत, पूर्व IAS अदिति मेहता, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, अभिनेता प्रकाश राज सहित तमाम शिक्षाविद, पत्रकार और सोशल एक्टिविस्ट के हस्ताक्षर हैं। SIR से देशभर में 13.37 करोड़ लोगों के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से कट गए हैं। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ज्ञानेश कुमार के एकतरफा फैसलों पर खुद उनके दोनों चुनाव आयुक्तों ने 14 बार आपत्ति जताई थी। इस रिपोर्ट के बाद से ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग हो रही है।★ श्रावस्ती में राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है और निचले इलाकों में पानी पहुंचने लगा है। इकौना क्षेत्र के मझौवा सुमाल गांव में नदी के कछार में सब्जी की खेती करने गए किसान हनुमान प्रसाद तेज बहाव में फंसने के बाद लापता हैं। परिजनों के मुताबिक करीब 18 घंटे से किसान का कोई सुराग नहीं मिला है, सूचना पर विधायक और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। NDRF की टीम ने सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है, जबकि प्रशासन राप्ती के जलस्तर और आसपास के इलाकों पर नजर बनाए हुए है।

AI वीडियो की सियासत : जनमत का नया हथियार या चुनावी मर्यादा का पतन?

Published By Anup Sharma·01 Sept 2026 05:41 PM (IST)
0
AI वीडियो की सियासत : जनमत का नया हथियार या चुनावी मर्यादा का पतन?

आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के इस दौर में चुनावी रणनीतियाँ और प्रचार के तरीके पूरी तरह बदल चुके हैं। अब केवल जनसभाओं और विज्ञापनों तक सीमित रहने के बजाय राजनीतिक पार्टियाँ और उनके समर्थक AI-जनरेटेड वीडियो और डीपफेक का व्यापक रूप से उपयोग कर रहे हैं। जहाँ एक ओर यह तकनीक नेताओं को सीधे मतदाताओं से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम बन रही है, वहीं दूसरी ओर इसने यह गंभीर चिंता पैदा कर दी है कि क्या राजनीतिक बहस का स्तर अपने सबसे निचले स्तर पर पहुँच जाएगा।

वोट पाने और चुनाव प्रचार पर प्रभाव

सकारात्मक पहलू : AI तकनीक से नेता अपनी बात विभिन्न भाषाओं में बिना किसी भाषाई रुकावट के जनता तक पहुँचा रहे हैं। क्षेत्रीय भाषाओं में AI डबिंग और व्यक्तिगत मैसेजिंग से मतदाता तक सीधी पहुँच संभव हुई है।

नकारात्मक पहलू: मतदाता के व्यवहार को प्रभावित करने के लिए भ्रामक AI वीडियो बनाए जाते हैं। यदि किसी उम्मीदवार का गलत संदेश या नकली बयान सही समय पर फैला दिया जाए, तो वह चुनाव परिणाम और जनमत को गलत दिशा में मोड़ सकता है।

भाषाई बाधाओं का खत्म होना : AI डबिंग टूल्स के जरिए राष्ट्रीय नेता अपनी स्थानीय भाषाओं में दिए गए भाषणों को तमिल, तेलुगु, बंगाली या मराठी जैसी कई क्षेत्रीय भाषाओं में कुछ ही मिनटों में बदल रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर मतदाता के साथ सीधा जुड़ाव बन रहा है।

राजनीतिक गरिमा और समाज पर खतरा

निचले स्तर की राजनीति : AI से नेताओं के विवादित या आपत्तिजनक फर्जी वीडियो बनाना आसान हो गया है। इससे राजनीतिक बहस मुद्दों (जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास) से हटकर एक-दूसरे को नीचा दिखाने और चरित्र-हनन (Character Assassination) पर केंद्रित हो जाती है।

सामाजिक प्रभाव : जब लोग बार-बार ऐसे भ्रामक वीडियो देखते हैं, तो समाज में ध्रुवीकरण और अविश्वास बढ़ता है। इसका सबसे खतरनाक पक्ष "सच्चाई पर से भरोसा उठना" (Liar's Dividend) है—जहां लोग असली वीडियो को भी फर्जी मानकर खारिज करने लगते हैं।

चरित्र-हनन और फर्जी वीडियो : AI वीडियो के दुरुपयोग से विपक्षी नेताओं के आपत्तिजनक या विवादित नकली वीडियो (डीपफेक) बनाकर उन्हें इंटरनेट पर वायरल किया जा रहा है। इससे वास्तविक नीतिगत मुद्दों (जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार) पर चर्चा होने के बजाय चुनाव व्यक्तिगत कीचड़ उछालने और चरित्र-हनन तक सीमित हो रहे हैं।

सामाजिक ध्रुवीकरण और भ्रम : चुनाव के ऐन वक्त पर फर्जी या भ्रामक AI वीडियो प्रसारित करके सामाजिक माहौल को बिगाड़ने और सांप्रदायिक या जातिगत तनाव पैदा करने की आशंका बनी रहती है।

सच्चाई का संकट (लाइअर्स डिविडेंड) : इस तकनीक का सबसे हानिकारक पक्ष यह है कि जब फर्जी वीडियो का चलन बढ़ता है, तो नेता अपने किसी असली विवादित बयान को भी आसानी से "AI द्वारा बनाया गया फर्जी वीडियो" बताकर जिम्मेदारी से बच निकलते हैं। इससे जनता का मीडिया और सूचना प्रणाली पर से भरोसा टूटने लगता है।

राजनीति, चुनावी डेटा और चुनाव विश्लेषकों (Psephologists) के अनुसार, AI तकनीक के सीधे प्रभाव से 1% से 5% तक वोट शेयर (Vote Share) खिसकने या ट्रांसफर होने की संभावना रहती है।

प्रथम दृष्टया 1% से 5% का यह आंकड़ा छोटा लग सकता है, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह प्रतिशत किसी भी बड़े चुनाव का नतीजा पलटने के लिए काफी है।

1% से 5% का प्रभाव इतना घातक क्यों है?

मार्जिनल और स्विंग वोटर्स (Swing Voters) : लगभग 70% से 80% मतदाता अपने कैडर या विचारधारा (कमिटेड वोटर्स) से बंधे होते हैं, जिन्हें AI या कोई भी प्रचार आसानी से नहीं बदल सकता। लेकिन 10% से 20% मतदाता 'अनिर्णायक' (Undecided) होते हैं। AI का मुख्य निशाना यही वर्ग होता है।

कड़े मुकाबलों (Close Contests) में निर्णायक : भारत या अमेरिका जैसे देशों में सैकड़ों सीटें ऐसी होती हैं जहाँ हार-जीत का अंतर 0.5% से 2% (कुछ सौ या हजार वोटों) का ही होता है। ऐसे में AI द्वारा ट्रांसफर कराया गया 1% से 2% वोट भी किसी भी पार्टी को सत्ता में ला सकता है या बाहर कर सकता है।

राजनीतिक दल AI का इस्तेमाल केवल अपने पक्ष में वोट ट्रांसफर कराने के लिए ही नहीं, बल्कि विपक्षी दल के वोट प्रतिशत को गिराने के लिए भी करते हैं:

विरोधी पार्टी के समर्थकों में यह भ्रम फैलाना कि "चुनाव की तारीख बदल गई है", या उनके उम्मीदवार का पर्चा खारिज हो गया है"।

यदि विरोधी समर्थकों का 2% हिस्सा भी वोट देने घर से बाहर न निकले, तो सीधा फायदा दूसरी पार्टी को मिल जाता है।

शोध और वैश्विक अध्ययनों के अनुसार, AI अकेले दम पर किसी पार्टी को 20%-30% का एकतरफा बहुमत नहीं दिला सकता, क्योंकि लोगों की सामाजिक और आर्थिक प्राथमिकताएँ अधिक मायने रखती हैं। लेकिन 2% से 4% के बारीक अंतर वाले चुनावों में AI किंगमेकर की भूमिका निभा सकता है।

चुनौती और समाधान की राह

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल चुनाव जीतने के लिए AI का अनियंत्रित उपयोग लोकतंत्र के लिए घातक साबित हो सकता है। इससे बचने के लिए तीन प्रमुख स्तरों पर काम करना अनिवार्य हो गया है:

सख्त कानून और चुनाव आयोग का नियमन : राजनीतिक विज्ञापनों में AI और डीपफेक सामग्री का खुलासा करना अनिवार्य किया जाए और बिना अनुमति या फर्जी वीडियो फैलाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

AI वाटरमार्किंग और लेबलिंग : सोशल मीडिया कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि यदि कोई वीडियो AI द्वारा बनाया गया है, तो उस पर स्पष्ट लेबल और वाटरमार्क दिखे।

डिजिटल साक्षरता : आम जनता और मतदाताओं को जागरूक करना होगा कि वे किसी भी वायरल वीडियो पर तुरंत भरोसा न करें और 'फैक्‍ट चेक' के ज़रिए उसकी सत्यता की जांच करें।

निष्कर्ष : AI तकनीक अपने आप में केवल एक साधन है। यदि इसका उपयोग जन-जागरूकता और अपनी नीतियों को जनता तक पहुँचाने के लिए किया जाए, तो यह चुनाव प्रक्रिया को बेहतर बना सकती है। लेकिन यदि इसका इस्तेमाल झूठ, नफरत और भ्रम फैलाने के लिए हुआ, तो यह न केवल राजनीतिक गरिमा को गिराएगा, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और समाज के भाईचारे के लिए भी एक बड़ा खतरा साबित होगा।

लेखक के बारे में

Anup Sharma

मूल रूप से वाराणसी, उत्तर प्रदेश के रहने वाले अनूप कुमार शर्मा पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और डिजिटल तकनीक एवं मीडिया के क्षेत्र में विशेष रुचि रखते हैं। तकनीकी दक्षता के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली और बदलती मीडिया तकनीकों को समझने में उनकी गहरी दिलचस्पी है। डिजिटल मीडिया के तेजी से बदलते स्वरूप के बीच वे नई तकनीकों, वेब प्लेटफॉर्म, डिजिटल कंटेंट और ऑनलाइन मीडिया टूल्स को सीखने और उन्हें प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं। तकनीकी सोच और रचनात्मक दृष्टिकोण का बेहतर तालमेल उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। मीडिया और तकनीक के बीच बढ़ते संबंधों को वे भविष्य की पत्रकारिता का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। तकनीकी नवाचारों के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को अधिक तेज, प्रभावी और पाठक-केंद्रित बनाने में उनकी विशेष रुचि है। Anup Sharma की सभी खबरें देखें →

Leave a Comment

Don't worry! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

संबंधित लेख

टॉप रीड्स

30 Sept 2026

विहिप रसड़ा जिला टोली की बैठक संपन्न, गोरखपुर कार्यक्रम को लेकर बनी रणनीति

30 Sept 2026

न्यायालय ने तीन आरोपितों को किया दोषमुक्त, अभियोजन आरोप साबित करने में रहा नाकाम

29 Sept 2026

IAS की कुर्सी छोड़ अब राजनीति में उतरेंगी दिव्या मित्तल, बोलीं- यूपी मेरी कर्मभूमि, यहीं से शुरू करूंगी नई पारी

29 Sept 2026

रोडवेज बस की चपेट में आने से 65 वर्षीय महिला की मौत, हादसे के बाद चालक बस लेकर निकला

27 Sept 2026

सिंगरौली की चर्चित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी ने किया सुसाइड, लाखों फॉलोअर्स सदमे में; पुलिस जांच में जुटी’’

27 Sept 2026

बलिया में जमीनी विवाद ने लिया खूनी रूप, युवक की पीटकर हत्या; चार हिरासत में

27 Sept 2026

यूपी में बारिश का दोहरा असर: कहीं जलभराव और तबाही, कहीं धान-गन्ने को मिली संजीवनी

27 Sept 2026

शटडाउन के बाद पोल पर चढ़ते ही 11 हजार लाइन की चपेट में आया संविदाकर्मी, मौत