शहीद लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीकांत यादव की मां फूला देवी का आकस्मिक निधन, 1 अक्टूबर को होना था शहीद द्वार का उद्घाटन

लखनऊ। शहीद लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीकांत यादव की मां फूला देवी उर्फ परिजेश यादव का आज सुबह आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर से परिवार, परिचितों और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। शहीद बेटे की स्मृति में विकास नगर में बनाए गए द्वार के उद्घाटन को लेकर फूला देवी काफी उत्साहित थीं। आगामी 1 अक्टूबर को प्रस्तावित उद्घाटन समारोह को लेकर वह बड़े आयोजन की तैयारियों में जुटी थीं।
विकास नगर में शहीद लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीकांत यादव के नाम पर बनाया गया द्वार अब बनकर तैयार हो चुका है। इसका उद्घाटन 1 अक्टूबर को किया जाना प्रस्तावित था। बेटे के नाम पर बने इस द्वार को लेकर फूला देवी बेहद खुश थीं और चाहती थीं कि उद्घाटन कार्यक्रम भव्य तरीके से हो। परिवार और स्थानीय लोगों के लिए यह आयोजन शहीद रजनीकांत यादव की स्मृति और उनके बलिदान को सम्मान देने का महत्वपूर्ण अवसर था।

कुछ दिन पहले जनप्रतिनिधियों ने की थी मुलाकात
फूला देवी के निधन से कुछ दिन पहले ही भाजपा नेता नीरज सिंह और विधायक ओपी श्रीवास्तव ने उनके घर पहुंचकर मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने परिवार का हालचाल जाना और शहीद रजनीकांत यादव की स्मृतियों से जुड़े विषयों पर चर्चा की थी।

महापौर सुषमा खर्कवाल के प्रयास से बना शहीद द्वार
जानकारी के अनुसार विकास नगर में शहीद लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीकांत यादव के नाम पर बनाए गए द्वार के निर्माण के लिए लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल के प्रयास और निर्देश महत्वपूर्ण रहे। द्वार का निर्माण पूरा हो चुका है और अब 1 अक्टूबर को इसके उद्घाटन की तैयारी थी।
शहीद बेटे के नाम पर बने इस द्वार के उद्घाटन को लेकर फूला देवी विशेष रूप से उत्साहित थीं। बताया जा रहा है कि वह कार्यक्रम को लेकर तैयारियां कर रही थीं और चाहती थीं कि इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग शामिल हों।
उद्घाटन से पहले मां का निधन
शहीद बेटे की स्मृति में बने द्वार का उद्घाटन देखने की फूला देवी की इच्छा पूरी होने से पहले ही उनका निधन हो गया। 1 अक्टूबर को होने वाले प्रस्तावित कार्यक्रम से कुछ दिन पहले उनका आकस्मिक निधन परिवार के लिए गहरा सदमा है।
शहीद रजनीकांत यादव के परिवार और परिचितों के बीच फूला देवी के निधन से शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने भी उनके निधन पर संवेदना व्यक्त की है। विकास नगर में शहीद के नाम पर बना यह द्वार अब उनके बलिदान के साथ-साथ उनकी मां की उन भावनाओं की भी याद दिलाएगा, जो बेटे की स्मृति को लेकर उनके मन में थीं।
लेखक के बारे में
Santosh Kumar Singh
श्री सिंह ‘विजुअल लाइव’ मासिक पत्रिका एवं न्यूज पोर्टल के संपादक के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्ष 2004 से उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी सेवाएं देते हुए पत्रकारिता का लंबा अनुभव अर्जित किया है। लखनऊ से प्रकाशित हिन्दी दैनिक राष्ट्रीय सहारा, डेली न्यूज एक्टिविस्ट, राष्ट्रीय स्वरूप और भारत प्रतिदिन सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों के लिए उन्होंने रिपोर्टिंग की है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के लखनऊ आगमन से लेकर राजनीति, प्रशासन, जनसरोकार और शहर की महत्वपूर्ण घटनाओं की रिपोर्टिंग में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। श्री सिंह की विशेष रुचि खोजी पत्रकारिता और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी इस्तेमाल में है। इंटरनेट आधारित शोध, सूचना के स्रोतों की पड़ताल और खबर की बारीकियों तक पहुंचने की उनकी कार्यशैली उन्हें अलग पहचान देती है। बदलते मीडिया परिदृश्य में वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं। पत्रकारिता के साथ उन्हें संगीत और यात्रा में विशेष रुचि है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए जिज्ञासा, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और तथ्यों के प्रति ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण गुण हैं। Santosh Kumar Singh की सभी खबरें देखें →
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