चार साल में विदाई नहीं, अब दो साल और वर्दी में सेवा का मौका! अग्निवीरों के लिए बदला नियम

नई दिल्ली। भारतीय सेना में भर्ती होकर देशसेवा का सपना देखने वाले युवाओं के लिए अग्निपथ योजना में बड़ा बदलाव सामने आया है। केंद्र सरकार ने अग्निवीरों को चार साल की निर्धारित सेवा के बाद दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार देने का रास्ता तैयार किया है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने इस संबंध में घोषणा की है। इस बदलाव के बाद अग्निवीरों की कुल सेवा अवधि चार साल से बढ़कर छह साल तक हो सकती है।
यह फैसला ऐसे समय आया है, जब अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के जवानों का चार साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक, पहले बैच के करीब 18,300 अग्निवीरों को इस साल के अंत तक सेवा से बाहर होना था। अब उनके सामने अतिरिक्त दो साल सेवा करने का विकल्प खुल सकता है। अहम बात यह है कि सेवा जारी रखने का फैसला अग्निवीर की इच्छा पर निर्भर होगा।
किसे मिलेगा दो साल का अतिरिक्त मौका?
मौजूदा अग्निपथ व्यवस्था के तहत चार साल की सेवा पूरी करने वाले अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है। चयन प्रदर्शन, योग्यता और सेना की जरूरत के आधार पर होता है। बाकी जवानों को सेवा पूरी होने के बाद बाहर होना पड़ता है।
नई व्यवस्था के तहत नियमित कैडर में चयनित नहीं होने वाले अग्निवीरों को दो साल अतिरिक्त सेवा का अवसर देने की बात सामने आई है। इसका मतलब है कि जिन जवानों को पहले चार साल बाद सेवा छोड़नी पड़ती, उन्हें अब आगे भी सैन्य अनुभव हासिल करने का मौका मिल सकता है। हालांकि, यह विस्तार अपने आप सभी को नहीं मिलेगा और जवान की सहमति भी महत्वपूर्ण होगी।

दो साल बढ़ने से अग्निवीरों को क्या फायदा होगा?
1. दो साल अधिक नौकरी: चार साल के बजाय छह साल तक सशस्त्र बलों में सेवा का अवसर मिल सकता है। इससे जवानों को अतिरिक्त रोजगार और नियमित आय का मौका मिलेगा।
2. ज्यादा सैन्य अनुभव: हथियारों, तकनीक, ऑपरेशन और सैन्य अनुशासन से जुड़े कामों में दो साल अतिरिक्त अनुभव हासिल होगा। इससे उनकी पेशेवर दक्षता बढ़ सकती है।
3. वेतन और भत्तों का लाभ: अतिरिक्त सेवा के दौरान वेतन और लागू भत्तों का लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि, दो साल के विस्तार के लिए अलग वेतनमान, कटौती और भत्तों का पूरा विवरण अभी स्पष्ट नहीं किया गया है।
4. कौशल और प्रशिक्षण: सैन्य प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता, नेतृत्व क्षमता और टीम के साथ काम करने का अनुभव आगे के करियर में उपयोगी हो सकता है।
5. भविष्य के रोजगार में मदद: लंबी सैन्य सेवा का अनुभव रक्षा क्षेत्र से जुड़े कार्यों और नागरिक क्षेत्र की नौकरियों में उपयोगी हो सकता है। हालांकि, किसी खास सरकारी नौकरी या स्थायी नियुक्ति की गारंटी इस विस्तार से नहीं मिलती।
चार साल पूरे होने पर कौन-कौन से फायदे मिलते हैं?
अग्निपथ योजना में सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को कई वित्तीय और गैर-वित्तीय लाभ दिए जाते हैं।
सेवा निधि पैकेज: चार साल बाद मौजूदा व्यवस्था में लगभग 11.71 लाख रुपये का सेवा निधि पैकेज मिलता है। इसमें जवान और सरकार का योगदान तथा उस पर मिलने वाला ब्याज शामिल होता है। यह राशि आयकर से मुक्त है।
48 लाख रुपये का बीमा: सेवा अवधि के दौरान अग्निवीरों को 48 लाख रुपये का गैर-अंशदायी जीवन बीमा कवर दिया जाता है। बीमा की शर्तें लागू नियमों के अनुसार होती हैं।
कौशल प्रमाणपत्र: सेवा के दौरान प्राप्त सैन्य और तकनीकी कौशल का प्रमाणपत्र दिया जाता है, जो आगे नौकरी पाने में मददगार हो सकता है।
शिक्षा और प्रशिक्षण: अग्निवीरों को सेवा के दौरान कौशल विकास और योग्यता बढ़ाने के अवसर मिलते हैं।
नियमित सैनिक बनने का मौका: चार साल की सेवा के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल किए जाने का प्रावधान है। चयन होने पर उन्हें नियमित सैनिकों की सेवा शर्तों के तहत आगे काम करना होता है।
क्या दो साल का विस्तार मिलने पर पेंशन भी मिलेगी?
यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। मौजूदा अग्निपथ व्यवस्था में चार साल की सेवा पूरी करके बाहर आने वाले अग्निवीरों को नियमित सैनिकों की तरह पेंशन और ग्रेच्युटी का लाभ नहीं मिलता। उन्हें सेवा निधि पैकेज दिया जाता है।
दो साल के अतिरिक्त विस्तार की घोषणा से अपने आप पेंशन या ग्रेच्युटी का अधिकार नहीं बन जाता। इस बारे में सरकार की विस्तृत सेवा शर्तों का इंतजार करना होगा। नियमित कैडर में चयनित जवानों की सेवा शर्तें अलग होती हैं।
पहली अग्निवीर बैच के लिए क्यों अहम है फैसला?
अग्निपथ योजना जून 2022 में शुरू की गई थी। इसके तहत सेना, नौसेना और वायुसेना में चार साल के लिए अग्निवीरों की भर्ती की जाती है। पहले बैच के जवानों का कार्यकाल नवंबर से दिसंबर 2026 के बीच अलग-अलग सेवाओं में पूरा हो रहा है। ऐसे में दो साल का विस्तार उन जवानों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, जो नियमित कैडर में चयनित नहीं हो पाते।
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