जलभराव से बढ़ा डेंगू का जोखिम, लखनऊ के चार अस्पतालों में 34 मरीजों का इलाज

लखनऊ। राजधानी में बारिश थमने के बाद डेंगू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। चार बड़े अस्पतालों में डेंगू के 34 मरीज भर्ती होने की जानकारी सामने आई है। बारिश के बाद जगह-जगह जमा पानी मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है। ऐसे में शहर के कई इलाकों में डेंगू और अन्य मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका है।
अस्पतालों में भर्ती मरीजों ने बढ़ाई चिंता
डेंगू के मरीजों के अस्पतालों में भर्ती होने से स्वास्थ्य व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। बारिश के बाद तापमान और नमी की परिस्थितियों में मच्छरों की सक्रियता बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में बुखार, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर मरीजों को चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। तेज बुखार, पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, रक्तस्राव या अत्यधिक कमजोरी होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचना जरूरी है।
जमा पानी बन सकता है मच्छरों के पनपने की वजह
बारिश के बाद खाली प्लॉटों, छतों, कूलर, गमलों, टायरों और खुले बर्तनों में जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का कारण बन सकता है। डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ और ठहरे हुए पानी में भी पनप सकता है। इसलिए केवल गंदे पानी की सफाई ही नहीं, बल्कि घर और आसपास जमा साफ पानी को हटाना भी जरूरी है।
बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान
घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
कूलर, गमलों और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें।
पानी के बर्तनों को ढककर रखें।
मच्छरों से बचने के लिए पूरी बांह के कपड़े और मच्छररोधी उपाय अपनाएं।
बुखार होने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से परामर्श करें।
स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता जरूरी
डेंगू के खतरे को कम करने के लिए नियमित फॉगिंग, लार्वा नियंत्रण, जलभराव वाले स्थानों की सफाई और लोगों को जागरूक करने जैसे कदम महत्वपूर्ण हैं। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से प्रभावित क्षेत्रों में रोकथाम की गतिविधियां तेज करना जरूरी है।
बारिश के बाद जमा पानी को समय रहते हटाना और बुखार के मरीजों की जांच कराना डेंगू के प्रसार को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।
चार अस्पतालों में मरीजों की स्थिति
अस्पताल | भर्ती मरीज |
|---|---|
केजीएमयू | 14 |
डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान | 10 |
बलरामपुर अस्पताल | 6 |
सिविल अस्पताल | 4 |
कुल | 34 |
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