PM मोदी ताशकंद पहुंचे, राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने किया गर्मजोशी से स्वागत, सेंट्रल एशिया में भारत की कूटनीतिक ताकत का दिखेगा असर

नई दिल्ली/ताशकंद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपने चार दिवसीय मध्य एशिया दौरे के पहले चरण में उज़्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद पहुंच गए हैं। एयरपोर्ट पर उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने स्वयं प्रधानमंत्री मोदी की अगवानी की। प्रधानमंत्री ने इस स्वागत को विशेष बताते हुए कहा कि यह उज़्बेकिस्तान के साथ भारत के बढ़ते और मजबूत होते संबंधों को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह उज़्बेकिस्तान का चौथा दौरा है। उनकी यात्रा 29 से 30 अगस्त तक चलेगी। इसके बाद वह किर्गिज़ गणराज्य की राजधानी बिश्केक जाएंगे, जहां 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
ताशकंद पहुंचते ही स्वतंत्रता स्मारक पर दी श्रद्धांजलि
ताशकंद पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ यंग उज़्बेकिस्तान पार्क का दौरा किया और वहां स्थित स्वतंत्रता स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। यह स्मारक उज़्बेकिस्तान की स्वतंत्रता की 30वीं वर्षगांठ की याद में स्थापित किया गया है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर ताशकंद पहुंचने की जानकारी साझा करते हुए राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के स्वागत के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह उनकी उज़्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है और यह दोनों देशों के बीच संबंधों की गहराई तथा उनमें आ रही गति को दर्शाती है।
कल मिर्जियोयेव के साथ अहम बैठक
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के बीच रविवार को व्यापक द्विपक्षीय वार्ता प्रस्तावित है। बातचीत में व्यापार और निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा और जन-से-जन संबंधों समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। दोनों नेता भारत के ‘विकसित भारत 2047’ और उज़्बेकिस्तान के ‘उज़्बेकिस्तान-2030’ के साझा विकास दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी विचार करेंगे।
प्रधानमंत्री ताशकंद में लाल बहादुर शास्त्री स्मारक और महात्मा गांधी केंद्र का भी दौरा करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जन-से-जन संबंधों को भी रेखांकित किया जाएगा।

इसके बाद बिश्केक में SCO पर नजर
उज़्बेकिस्तान दौरा पूरा करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी किर्गिज़ गणराज्य जाएंगे। वहां वह 26वें SCO शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। भारत की ओर से सम्मेलन में क्षेत्रीय सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर को लेकर अपना दृष्टिकोण सामने रखा जाएगा।
प्रधानमंत्री ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि भारत SCO के सदस्य देशों के साथ मिलकर आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद की चुनौतियों से निपटने तथा क्षेत्र में शांति और स्थिरता मजबूत करने के लिए काम करना चाहता है।
बिश्केक में प्रधानमंत्री की किर्गिज़ राष्ट्रपति सदिर जापारोव से मुलाकात के साथ अन्य SCO नेताओं से द्विपक्षीय बातचीत भी होने की उम्मीद है। वह छठे विश्व घुमंतू खेलों के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे।
मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक मौजूदगी को मिलेगी मजबूती
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत मध्य एशिया के साथ अपने रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दे रहा है। ताशकंद में व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और डिजिटल संपर्क पर बातचीत तथा इसके बाद SCO में भागीदारी से भारत को द्विपक्षीय और बहुपक्षीय दोनों स्तरों पर अपनी प्राथमिकताएं सामने रखने का अवसर मिलेगा।
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