मेयर की कुर्सी से राजभवन तक: दिनेश शर्मा के सियासी सफर ने तय किया लखनऊ से अंडमान तक का लंबा रास्ता

लखनऊ। राजनीति में कुछ सफर ऐसे होते हैं, जिनकी पहचान किसी एक चुनाव या पद से नहीं, बल्कि लगातार बढ़ती जिम्मेदारियों से होती है। डॉ. दिनेश शर्मा का राजनीतिक जीवन भी ऐसा ही सफर है—छात्र राजनीति से शुरू होकर भारतीय जनता पार्टी के संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका, लखनऊ के मेयर की जिम्मेदारी, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री का पद, राज्यसभा की सदस्यता और अब अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल तक।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 5 सितंबर 2026 को डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह का नया लेफ्टिनेंट गवर्नर नियुक्त किया। वह सेवानिवृत्त एडमिरल डी.के. जोशी का स्थान लेंगे। राष्ट्रपति भवन की अधिसूचना के मुताबिक उनकी नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगी।
लेकिन इस नियुक्ति को केवल एक नए संवैधानिक पद तक सीमित करके देखना डॉ. शर्मा की राजनीतिक यात्रा को छोटा कर देना होगा। इसके पीछे करीब तीन दशक से अधिक समय तक संगठन, शिक्षा, स्थानीय राजनीति और सरकार में निभाई गई अलग-अलग भूमिकाओं का सिलसिला है।

छात्र राजनीति से संगठन की मुख्यधारा तक
डॉ. दिनेश शर्मा का राजनीतिक जुड़ाव छात्र जीवन में ही शुरू हो गया था। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के माध्यम से उन्होंने सार्वजनिक जीवन में कदम रखा। इसके बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा में सक्रिय भूमिका निभाई और उत्तर प्रदेश में युवा संगठन का नेतृत्व भी किया। धीरे-धीरे संगठन में उनकी पहचान एक ऐसे नेता के रूप में बनी, जो राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ शैक्षणिक क्षेत्र से भी जुड़ा रहा।
लखनऊ विश्वविद्यालय में वाणिज्य के प्रोफेसर के रूप में उनका अकादमिक जीवन भी समानांतर चलता रहा। राजनीति में सक्रिय होने के बावजूद शिक्षा से उनका जुड़ाव उनकी सार्वजनिक छवि का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
लखनऊ ने दिया पहला बड़ा राजनीतिक मंच
डॉ. शर्मा के राजनीतिक सफर का निर्णायक मोड़ लखनऊ की राजनीति से आया। वर्ष 2006 में वह पहली बार लखनऊ के मेयर चुने गए। इसके बाद 2012 में उन्होंने दोबारा यह चुनाव जीता। इस तरह करीब एक दशक तक वह प्रदेश की राजधानी की स्थानीय राजनीति के केंद्र में रहे।
मेयर के रूप में उनकी पहचान केवल नगर निकाय के पदाधिकारी की नहीं रही, बल्कि इसी दौर में भाजपा संगठन में भी उनका कद लगातार बढ़ता गया। लखनऊ जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर का नेतृत्व उनके लिए आगे की बड़ी जिम्मेदारियों की जमीन तैयार करता गया।
संगठन में बढ़ा कद, राष्ट्रीय राजनीति में पहचान
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा में डॉ. शर्मा की भूमिका और मजबूत हुई। उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया। यह वह दौर था जब स्थानीय राजनीति से निकलकर वह राष्ट्रीय संगठन की जिम्मेदारियों तक पहुंच रहे थे।
उनकी राजनीतिक शैली में संगठन और संवाद दोनों को महत्व दिया जाता रहा। यही वजह रही कि पार्टी नेतृत्व में उनका भरोसा लगातार कायम रहा।

2017: मेयर से सीधे उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम
डॉ. दिनेश शर्मा के राजनीतिक सफर में सबसे बड़ा पड़ाव वर्ष 2017 में आया। उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद 19 मार्च 2017 को योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार में उन्हें केशव प्रसाद मौर्य के साथ उपमुख्यमंत्री बनाया गया।
खास बात यह थी कि उस समय वह उत्तर प्रदेश विधानसभा के निर्वाचित सदस्य नहीं थे। बाद में वह विधान परिषद के सदस्य बने और सरकार में शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली।
एक दशक तक लखनऊ के मेयर के रूप में काम करने वाले नेता का प्रदेश सरकार में नंबर-दो की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी तक पहुंचना उनके राजनीतिक सफर का बड़ा विस्तार था।
पांच साल सरकार में, फिर संगठन से संसद तक
2017 से 2022 तक डॉ. शर्मा उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री रहे। योगी सरकार के पहले कार्यकाल में उन्होंने सरकार और संगठन के बीच महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2022 में भाजपा की दोबारा सरकार बनने के बाद उपमुख्यमंत्री पद पर बदलाव हुआ और ब्रजेश पाठक को यह जिम्मेदारी मिली।
इसके बाद डॉ. शर्मा की राजनीतिक यात्रा का अगला पड़ाव संसद बना।
2023 में राज्यसभा की राह
सितंबर 2023 में डॉ. दिनेश शर्मा उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए। इस तरह प्रदेश की कार्यपालिका में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने के बाद वह राष्ट्रीय विधायिका के उच्च सदन में पहुंचे।
राज्यसभा में उनका कार्यकाल नवंबर 2026 में पूरा होना था। लेकिन उससे पहले ही केंद्र ने उन्हें एक नई और संवैधानिक जिम्मेदारी सौंप दी।
अब लखनऊ से हजारों किलोमीटर दूर नई जिम्मेदारी
अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के लेफ्टिनेंट गवर्नर के रूप में डॉ. शर्मा के सामने अब राजनीति से अलग प्रशासन और संवैधानिक दायित्वों का नया अध्याय है।
यह पद उत्तर प्रदेश की सक्रिय चुनावी राजनीति से बिल्कुल अलग है। यहां उनका अनुभव सरकार, संगठन, शिक्षा और प्रशासन के विभिन्न स्तरों पर काम करने में उपयोगी होगा। अंडमान-निकोबार सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र होने के साथ-साथ पर्यटन, द्वीपीय विकास, कनेक्टिविटी और स्थानीय प्रशासन के लिहाज से भी विशिष्ट क्षेत्र है।
एक सफर, कई पड़ाव
डॉ. दिनेश शर्मा की राजनीतिक यात्रा को यदि एक पंक्ति में देखा जाए तो तस्वीर साफ है—छात्र राजनीति से संगठन, संगठन से लखनऊ के मेयर की कुर्सी, मेयर से उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री, फिर राज्यसभा और अब अंडमान-निकोबार के लेफ्टिनेंट गवर्नर।
करीब दो दशक पहले लखनऊ नगर निगम की राजनीति से प्रदेश की राजधानी का नेतृत्व करने वाले डॉ. शर्मा अब देश के एक महत्वपूर्ण केंद्रशासित प्रदेश की संवैधानिक जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं।
उनका यह सफर इस मायने में भी अलग है कि राजनीतिक जीवन में उन्होंने स्थानीय निकाय से लेकर राज्य सरकार, पार्टी संगठन, संसद और अब संवैधानिक पद—लगभग हर स्तर पर जिम्मेदारी निभाई है।
लेखक के बारे में
Santosh Kumar Singh
श्री सिंह ‘विजुअल लाइव’ मासिक पत्रिका एवं न्यूज पोर्टल के संपादक के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्ष 2004 से उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी सेवाएं देते हुए पत्रकारिता का लंबा अनुभव अर्जित किया है। लखनऊ से प्रकाशित हिन्दी दैनिक राष्ट्रीय सहारा, डेली न्यूज एक्टिविस्ट, राष्ट्रीय स्वरूप और भारत प्रतिदिन सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों के लिए उन्होंने रिपोर्टिंग की है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के लखनऊ आगमन से लेकर राजनीति, प्रशासन, जनसरोकार और शहर की महत्वपूर्ण घटनाओं की रिपोर्टिंग में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। श्री सिंह की विशेष रुचि खोजी पत्रकारिता और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी इस्तेमाल में है। इंटरनेट आधारित शोध, सूचना के स्रोतों की पड़ताल और खबर की बारीकियों तक पहुंचने की उनकी कार्यशैली उन्हें अलग पहचान देती है। बदलते मीडिया परिदृश्य में वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं। पत्रकारिता के साथ उन्हें संगीत और यात्रा में विशेष रुचि है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए जिज्ञासा, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और तथ्यों के प्रति ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण गुण हैं। Santosh Kumar Singh की सभी खबरें देखें →
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