लद्दाख में शुरू होगी भारत की पहली हाई-एल्टीट्यूड वाइल्डलाइफ सफारी: जानें क्यों खास है यह पहल

लेह/लद्दाख। पहाड़ों की खूबसूरती, बर्फीली चोटियों और दुर्लभ वन्यजीवों के लिए मशहूर लद्दाख अब पर्यटकों को एक बिल्कुल नया और रोमांचक अनुभव देने की तैयारी में है। लद्दाख प्रशासन ने क्षेत्र में बढ़ते अवैध ऑफ-रोडिंग पर लगाम लगाने, वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास की रक्षा करने और स्थानीय समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से भारत की पहली गाइडेड हाई-एल्टीट्यूड वाइल्डलाइफ सफारी शुरू करने का ऐतिहासिक फैसला किया है।
इस पहल के तहत अब पर्यटक लद्दाख के दुर्गम इलाकों में स्नो लेपर्ड (हिम तेंदुआ) और दुर्लभ पक्षियों की प्रजातियों को बिना पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए उनके प्राकृतिक परिवेश में देख सकेंगे।
इस हाई-एल्टीट्यूड सफारी में क्या होगा खास?
नियत मार्गों पर गाइडेड जीप सफारी : अनियंत्रित और गैर-कानूनी वाहनों की आवाजाही को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष रूप से निर्धारित ट्रेल्स (Snow Leopard and Bird-Watching Trails) पर ही प्रशिक्षित गाइडों की देखरेख में जीप सफारी संचालित की जाएगी।
स्नो लेपर्ड और रेयर बर्ड्स के दीदार : पर्यटकों को 'हिमालय का भूत' कहे जाने वाले दुर्लभ हिम तेंदुए (Snow Leopard), तिब्बती भेड़िया, भरल (ब्लू शीप) और दुर्लभ प्रवासी पक्षियों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
पारिस्थितिकी और पर्यावरण की सुरक्षा : ऊंचे पर्वतीय इलाकों में वाहनों से होने वाले भूमि क्षरण और वन्यजीवों के तनाव को कम करने के लिए सख्त गाइडलाइंस लागू की जाएंगी।
स्थानीय रोजगार और इको-टूरिज्म : सफारी संचालन, जीप ड्राइवरों, और वाइल्डलाइफ गाइड के रूप में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे क्षेत्र में टिकाऊ (Sustainable) और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
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