खड़गे की टिप्पणी पर वाराणसी में भाजपा का प्रदर्शन, राहुल गांधी और खड़गे के पुतले फूंके

वाराणसी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर कथित अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में वाराणसी में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। सोमवार को कचहरी स्थित भाजपा जिला मुख्यालय पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के पुतले फूंके गए। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की।
भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री एवं उत्तर प्रदेश के सह प्रभारी जगदीश पटेल की मौजूदगी और महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में युवा मोर्चा, महिला मोर्चा और अनुसूचित मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया। इस दौरान कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नेताओं ने राजनीतिक विरोध में भाषा की मर्यादा बनाए रखने की अपील की।
‘राजनीतिक विरोध विचारों से हो, व्यक्तिगत टिप्पणी से नहीं’
भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री जगदीश पटेल ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की नीतियों का विरोध करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन राजनीतिक असहमति के नाम पर अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से कथित टिप्पणी पर अपना पक्ष स्पष्ट करने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने कांग्रेस पर राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता इस मुद्दे पर विरोध जारी रखेंगे और कांग्रेस नेतृत्व से जवाबदेही की मांग करेंगे।

मंत्रियों ने भी कांग्रेस नेतृत्व पर साधा निशाना
राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रविंद्र जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री पद की गरिमा बनाए रखना सार्वजनिक जीवन में सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों पर सवाल तथ्यों के आधार पर उठाए जाने चाहिए और राजनीतिक विमर्श में संयम बनाए रखना जरूरी है।
आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने भी कांग्रेस नेताओं पर प्रधानमंत्री और उनके परिवार को लेकर कथित अमर्यादित टिप्पणियां करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को विकास, जनकल्याण और नीतिगत मुद्दों पर चर्चा को प्राथमिकता देनी चाहिए।
महापौर और विधायकों ने भी उठाया भाषा की मर्यादा का मुद्दा
महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में भाषा राजनीतिक संस्कारों को दर्शाती है। उन्होंने राजनीतिक संवाद में गरिमा और स्वस्थ बहस की परंपरा बनाए रखने पर जोर दिया।
विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी और विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने भी कथित टिप्पणी पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेतृत्व से स्पष्टीकरण और सार्वजनिक माफी की मांग की। नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करने के लिए तथ्य, तर्क और जनहित के मुद्दों को आधार बनाया जाना चाहिए।
कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन में पूर्व महापौर रामगोपाल मोहले, क्षेत्रीय पदाधिकारी, पार्टी के विभिन्न मोर्चों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। भाजपा नेताओं ने कहा कि राजनीतिक विरोध के दौरान व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचना चाहिए और सार्वजनिक संवाद की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।
लेखक के बारे में
Ashutosh Kumar Sharma
मूल रूप से वाराणसी, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आशुतोष कुमार शर्मा पेशे से स्कूल प्रधानाचार्य हैं। पिछले 8 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र से जुड़े श्री शर्मा की डिजिटल मीडिया, नई तकनीकों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स में विशेष रुचि है। उनका मानना है कि तकनीक और मीडिया का समन्वय ही भविष्य की पत्रकारिता की दिशा तय करेगा। मीडिया को समाज का चौथा स्तंभ मानते हुए वे सच्चाई, तथ्यपरकता और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। Ashutosh Kumar Sharma की सभी खबरें देखें →
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