फलों के उत्पादन में उत्तर प्रदेश अव्वल, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

विकसित भारत-2047 के संकल्प को मजबूती देगा यूपी का खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र, युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
लखनऊ। फल उत्पादन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी स्थान पर है। अब प्रदेश सरकार इस उपलब्धि को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य स्थानीय स्तर पर उत्पादित फलों और अन्य कृषि उत्पादों से खाद्य पदार्थ तैयार करने, उनकी पैकेजिंग और विपणन को बढ़ावा देना है, ताकि किसानों को बेहतर बाजार मिल सके और ग्रामीण युवाओं व महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हों।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दिशा-निर्देशों के क्रम में खाद्य प्रसंस्करण विभाग इस दिशा में प्रयास कर रहा है। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बीएल मीणा के अनुसार, राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (एनएचबी) के आंकड़ों में फल उत्पादन के मामले में उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख राज्यों में पहले स्थान पर है। देश के कुल फल उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी 15.08 प्रतिशत है। वहीं, आंध्र प्रदेश 10.33 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरे और तमिलनाडु 9.06 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर है।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश में फल उत्पादन की मजबूत स्थिति का लाभ खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के विस्तार के लिए उठाया जाएगा। इसके तहत फलों से विभिन्न खाद्य उत्पाद तैयार करने, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन की गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे और मध्यम स्तर की खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। इससे कृषि उत्पादों का स्थानीय स्तर पर बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
गांवों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को छोटे एवं मध्यम स्तर के खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। स्थानीय स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित होने से लोगों को अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में ही काम करने के अवसर मिल सकेंगे।
उन्होंने कहा कि महिलाएं और युवा अपने उद्यम स्थापित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं। इससे उनकी आय बढ़ाने के साथ-साथ समाज में उनकी भागीदारी और सम्मान को भी मजबूती मिलेगी।
किसानों को मिलेगा स्थानीय उत्पादों का बेहतर बाजार
प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के विस्तार से किसानों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। फलों और अन्य कृषि उत्पादों को सीधे बाजार में बेचने के अलावा उनसे जैम, जूस, अचार और अन्य खाद्य उत्पाद तैयार करने की संभावनाएं विकसित होंगी। इससे उत्पादों का मूल्यवर्धन किया जा सकेगा और स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण तथा विपणन से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
सरकार का प्रयास है कि कृषि उत्पादन और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो, जिससे किसानों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में नए उद्यम विकसित किए जा सकें।

2027 तक निर्यात बढ़ाने का लक्ष्य
उप मुख्यमंत्री ने वर्ष 2027 तक गांवों में उत्पादित खाद्य पदार्थों के निर्यात को बढ़ावा देने का लक्ष्य भी बताया। इसके लिए खाद्य उत्पादों के प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन को मजबूत करना महत्वपूर्ण होगा। निर्यात की संभावनाएं बढ़ने से प्रदेश के कृषि उत्पादों को व्यापक बाजार मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और युवाओं व महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की संभावनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना जरूरी है।
विकसित भारत-2047 के संकल्प को मिलेगी मजबूती
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ उत्तर प्रदेश को देश में अग्रणी बनाना है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के विस्तार से कृषि उत्पादों का बेहतर उपयोग, उद्यमिता को बढ़ावा और रोजगार सृजन जैसे लक्ष्यों को गति मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार की कोशिश है कि कृषि उत्पादन में प्रदेश की मजबूत स्थिति को उद्योग, रोजगार और निर्यात के विस्तार में बदला जाए, ताकि विकास का लाभ गांवों तक पहुंचे।
लेखक के बारे में
Syed Fiza Khatoon
सैयद फ़िज़ा खातून ‘विजुअल लाइव’ की तकनीकी एवं डिजिटल टीम की महत्वपूर्ण सदस्य हैं। वर्ष 2014 में स्नातक की शिक्षा पूरी करने के बाद से उन्होंने मीडिया के तकनीकी और डिजिटल कार्यों में अपनी दक्षता विकसित की है। न्यूज के लेआउट और प्रस्तुतीकरण, कंटेंट के डिजिटल प्रसारण तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खबरों के अपडेट में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। खबर को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने से लेकर उसके डिजिटल वितरण तक वह जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करती हैं। सौम्य और मिलनसार स्वभाव के साथ नई तकनीकों और बदलते डिजिटल मीडिया को सीखने की निरंतर ललक उनकी कार्यशैली की खास पहचान है। टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और हर कार्य में कुछ नया सीखना उनकी पेशेवर सोच को दर्शाता है। डिजिटल पत्रकारिता के तेजी से बदलते दौर में तकनीकी समझ और रचनात्मक सोच के साथ सटीक, आकर्षक और प्रभावी न्यूज प्रस्तुतीकरण* में उनका योगदान ‘विजुअल लाइव’ की डिजिटल टीम को मजबूती प्रदान करता है। Syed Fiza Khatoon की सभी खबरें देखें →
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