
बिहार और बंगाल में छात्रों का दमन हो बंद
* गृहमंत्री मंत्री अमित शाह भी इस्तीफा दें
लखनऊ : 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा के साथ ही केंद्र सरकार द्वारा यह वायदा भी किया गया था कि आंदोलन में शामिल लोगों पर किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। लेकिन अभी तक दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर रद्द नहीं की गई हैं, जिसमें संगीन धाराओं में मुकदमें दर्ज हैं। यह भी गौरतलब है कि खबरों के अनुसार पैलेट गन के प्रयोग की पुष्टि हुई है। सीआरपीएफ ने खुद स्वीकार किया है कि अत्यधिक बल-प्रयोग किया गया। जंतर-मंतर पर छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन में जिस तरह बर्बरता की सारी हदें पार की गई, उसके लिए गृहमंत्री सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं, उन्हें भी तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। यह मांग रोजगार अधिकार अभियान की राष्ट्रीय संचालन समिति की ओर से उठाई गई।
इसी तरह भाजपा शासित बिहार व पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल लोगों को जेल भेजा गया है। उनके ऊपर बेहद गंभीर आपराधिक धाराओं में मुकदमें दर्ज किए गए हैं। रोजगार अधिकार अभियान ने बिहार व पश्चिम बंगाल में तत्काल दमन की कार्रवाई बंद करने की मांग की है।
रोजगार अधिकार अभियान राष्ट्रीय संचालन समिति की ओर से जारी राजेश सचान, नेशनल कोआर्डिनेटर





Leave A Comment
Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).