
बेटी को पैतृक संपत्ति से बेदखल कर 11 करोड़ की टैक्स चोरी: फतेहपुर के 4 भाइयों पर गंभीर आरोप, बंदूक तक हड़पी
IGRS में शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई, पीड़िता बोली- "2005 के कानून के बाद भी नहीं मिल रहा हक, धमकाते हैं भाई"
फतेहपुर। जिले के हसवा थाना क्षेत्र में रिश्तों को तार-तार करने वाला मामला सामने आया है। आबूनगर पुलिस चौकी क्षेत्र की रहने वाली परवीन जहां ने अपने ही सगे भाइयों पर पिता की 15 करोड़ की संपत्ति हड़पने और 11 करोड़ रुपये के सौदे में सरकारी टैक्स चोरी का सनसनीखेज आरोप लगाया है।
परवीन जहां पुत्री स्व. रशीद उद्दीन का आरोप है कि पिता की मौत के बाद उनके भाइयों फरीद उद्दीन, हबीब उद्दीन उर्फ बिक्कन, हसन उद्दीन उर्फ बबन व मोहम्मद उद्दीन ने खसरा नंबर 1492 की 25 बीघा कृषि भूमि, 4 आलीशान मकान और 10 लाख की लाइसेंसी बंदूक पर कब्जा कर लिया। बहनों को बंटवारे से बाहर कर दिया गया।
कैसे हुई 11 करोड़ की टैक्स चोरी? पीड़िता के आरोप:
- 10 करोड़ का खेत: 25 बीघा खेत को 10 करोड़ में बेच दिया गया। आरोप है कि सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में रजिस्ट्री कराने के बजाय महज 100 रुपये के स्टाम्प पर एग्रीमेंट कर करोड़ों की स्टाम्प ड्यूटी व कैपिटल गेन टैक्स डकार लिया गया।
- 1 करोड़ का मकान: मकान नंबर 729/664 को भी भाई बबन ने 1 करोड़ में स्टाम्प पर बेच दिया। नगर पालिका व आयकर विभाग को सूचना तक नहीं दी।
- हथियार भी नहीं छोड़ा: पिता की लाइसेंसी बंदूक को भाई मुस्सन ने फर्जी तरीके से अपने नाम ट्रांसफर करा लिया, जिसकी कीमत 10 लाख बताई जा रही है।
परवीन ने दस्तावेज दिखाकर बताया कि चारों मकानों का हाउस टैक्स आज भी पिता रशीद उद्दीन पुत्र शेर खां के नाम से जमा हो रहा है। खसरा 1492 भी राजस्व अभिलेखों में पिता के नाम दर्ज है।
"40 हजार देकर 15 करोड़ हड़पे": पीड़िता ने बताया कि पिता ने जीवित रहते चारों बहनों को एक-एक कमरे की जमीन दी थी। भाइयों ने उस पर भी कब्जा कर लिया। 2019 में मजबूरी में 1.60 लाख में बेचना पड़ा। अब भाई उसी 40-40 हजार की रसीद दिखाकर कहते हैं कि "तुम्हारा हिस्सा दे दिया"। असली कागज मांगने पर धमकाते हैं। परवीन के मुताबिक, परिवार में 4 भाई व 5 बहनें थीं। 2 बहनों की मृत्यु हो चुकी है। बाकी 2 बहनों को भाइयों ने पैसे देकर मैनेज कर लिया। उनसे आबूनगर चौकी में लिखवाया गया कि "हमें हिस्सा मिल गया, अब कोई दावा नहीं"।
प्रशासन पर भी सवाल: परवीन ने बताया कि 15 अप्रैल 2026 को खेत बिकने की भनक लगते ही IGRS पर शिकायत संख्या XXXX दर्ज कराई, लेकिन कोई जांच नहीं हुई। "भाई कहते हैं पुलिस-प्रशासन सब खरीद लिया है, तू कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी," पीड़िता ने आरोप लगाया। वर्तमान में लखनऊ में रह रहीं परवीन जहां के एक बेटा व एक बेटी है। उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट साफ कह चुका है कि 2005 के बाद बेटी का पिता की संपत्ति में बेटे जितना हक है। फिर भी मुझे दर-दर भटकना पड़ रहा है।" पीड़िता ने SP फतेहपुर से भाइयों पर धोखाधड़ी, जालसाजी, धमकी की FIR, DM से बंटवारे व आयकर विभाग से टैक्स चोरी की जांच कर 11 करोड़ की रिकवरी की मांग की है।





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