चित्रकूट बाढ़ : CM योगी ने 800 परिवारों को दी राहत, बेघरों को मिलेगा घर

चित्रकूट। बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को चित्रकूट पहुंचे और प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री वितरित की। मुख्यमंत्री ने 800 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री दी और बाढ़ में आश्रयहीन हुए परिवारों को आवास के लिए भूमि आवंटन प्रमाण पत्र भी प्रदान किए। उन्होंने आपदा मोचक निधि से प्रभावित परिवारों को राहत राशि भी वितरित की।
मुख्यमंत्री ने इससे पहले बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और रामघाट तथा उसके आसपास के इलाकों में बाढ़ से हुई क्षति का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता तत्काल पहुंचाने के निर्देश दिए।

आपदा की घड़ी में चित्रकूट अकेला नहीं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में चित्रकूट के लोग अकेले नहीं हैं। डबल इंजन सरकार पूरी मजबूती के साथ बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। सामान्य परिवार हो, किसान, व्यापारी, महिला, युवा या साधु-संत—बाढ़ से जिसका भी नुकसान हुआ है, सरकार उसे हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी।
उन्होंने कहा कि चित्रकूट की धरती हजारों वर्षों से ऋषि-मुनियों की साधना स्थली रही है। ऐसे समय में बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उनकी सेवा करना सरकार का दायित्व है।

एक दिन में 660 मिमी से अधिक बारिश
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार मंदाकिनी नदी में अभूतपूर्व जलस्तर देखने को मिला। पिछले वर्ष जहां चित्रकूट में करीब 360 मिलीमीटर बारिश हुई थी, वहीं इस बार एक ही दिन में 660 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई। मध्य प्रदेश की ओर से भारी मात्रा में पानी आने के कारण कई इलाकों में चार मंजिल तक पानी पहुंच गया।

बाढ़ से दुकानें, मकान, खेत, मंदिर और घाट प्रभावित हुए। मध्य प्रदेश की ओर भारी वाहनों की आवाजाही के लिए बना पक्का पुल भी बाढ़ की चपेट में आकर बह गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतने मजबूत पुल के बहने से बाढ़ की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
तीन बचाव एजेंसियों की आठ कंपनियां जुटीं
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि चित्रकूट में अचानक भारी पानी आने की जानकारी मिलते ही लखनऊ से डीजीपी को निर्देश दिए गए और एसडीआरएफ तथा पीएसी की अतिरिक्त कंपनियां रवाना की गईं। उस समय जिले में एसडीआरएफ की एक कंपनी पहले से मौजूद थी।
इसके बाद अगले दो-तीन घंटे में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पीएसी की फ्लड यूनिट की कुल आठ कंपनियां चित्रकूट पहुंच गईं और युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उसी दिन रात सात बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की गई थी। घरों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

बेघर परिवारों को तत्काल आवास और भूमि
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ या अग्निकांड में जिन गरीब परिवारों का पूरा मकान नष्ट हो गया है, उन्हें पात्रता के अनुसार तत्काल आवास उपलब्ध कराया जाए।
यदि परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्र है तो उसे इसी योजना के तहत आवास दिया जाएगा। पात्रता न होने पर मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत नया घर उपलब्ध कराने के साथ भूमि का पट्टा भी तत्काल देने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में प्रभावित परिवारों को अनावश्यक इंतजार नहीं कराया जाना चाहिए और प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी होगी।
50 किलो की राहत किट में 26 जरूरी सामान
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को करीब 50 किलोग्राम की राहत सामग्री किट उपलब्ध कराई जा रही है, जिसमें लगभग 26 प्रकार की आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं।

किट में 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, 2 किलो अरहर की दाल, 1 किलो चना, 1 किलो लाई और 1 लीटर रिफाइंड अथवा सरसों का तेल शामिल है। इसके अलावा मिर्च, मसाला, धनिया, हल्दी समेत अन्य आवश्यक सामग्री दी जा रही है।
डिग्निटी किट के तहत बाल्टी, मग, ढक्कन वाली बाल्टी और बरसाती जैसी उपयोगी वस्तुएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सांप और जंगली जानवरों के काटने पर मुफ्त इलाज
बाढ़ के दौरान जलभराव के कारण सांप, बिच्छू और जंगली जानवरों के बाहर आने की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला चिकित्सालयों में एंटी स्नेक वेनम और एंटी रेबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहनी चाहिए।
सांप, कुत्ते या जंगली जानवर के काटने पर लोगों को वैक्सीन के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रभावित लोगों को तत्काल और निशुल्क उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जनहानि पर 24 घंटे में चार लाख की सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्भाग्यवश बाढ़ में डूबने, आकाशीय बिजली गिरने अथवा मानव-वन्यजीव संघर्ष में किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो संबंधित परिवार को 24 घंटे के भीतर चार लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार संकट की हर घड़ी में गरीब और प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।

फसल नुकसान का होगा सर्वे
बाढ़ से किसानों की फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके साथ ही बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों, घाटों, बिजली के पोल और तारों का सर्वे कराकर तत्काल मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कराने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन कार्यों के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी।
कैचमेंट एरिया में निर्माण पर चेतावनी
मुख्यमंत्री ने नदी के कैचमेंट एरिया में अनियोजित निर्माण और अतिक्रमण को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नदी जब अपने स्वाभाविक स्वरूप में आती है तो उसके दायरे में आने वाला अतिक्रमण या निर्माण बाढ़ की चपेट में आ सकता है।

उन्होंने कैचमेंट एरिया में ऐसे निर्माण से बचने और नदी के प्राकृतिक प्रवाह के लिए पर्याप्त रास्ता उपलब्ध रखने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नदी का जलस्तर हर मौसम में एक जैसा नहीं रहता। बरसात में भारी बारिश के दौरान यदि जल निकासी का मार्ग सीमित होगा तो जलस्तर बढ़ने से बड़े पैमाने पर जनधन की क्षति हो सकती है।
राहत और पुनर्निर्माण दोनों साथ चलेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से केवल गरीब परिवार ही प्रभावित नहीं हुए हैं, बल्कि व्यापारियों, मठ-मंदिरों, घाटों और अन्य संस्थानों को भी नुकसान हुआ है। नुकसान के आधार पर संवेदनशीलता के साथ सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण विकास की गति बाधित नहीं होने दी जाएगी। सरकार राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण तीनों मोर्चों पर एक साथ काम करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट ने वनवास के दौरान भगवान श्रीराम को आश्रय दिया था। आज चित्रकूट संकट में है तो यहां के लोगों के साथ खड़ा होना सरकार का दायित्व है। उन्होंने प्रभावित परिवारों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए भरोसा दिया कि सरकार हर संभव सहयोग के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी।
इस अवसर पर जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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