दस दिन से गांव में कैद ग्रामीणों तक नाव से पहुंचीं एसडीएम मलिहाबाद, सुनी समस्याएं

लखनऊ। बेहता नदी पर बनी पुलिया डूब जाने से पिछले करीब दस दिनों से झाऊ बेरिया गांव का संपर्क बाहरी क्षेत्र से कट गया है। ग्रामीणों के गांव से बाहर आने-जाने का रास्ता बंद होने की जानकारी मिलने पर शनिवार सुबह एसडीएम मलिहाबाद अपराजिता आर्यन नाव से बेहता नदी पार कर गांव पहुंचीं और ग्रामीणों का हालचाल जाना। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
एसडीएम अपराजिता आर्यन शनिवार सुबह बेहता नदी के पास पहुंचीं। उनके साथ रहीमाबाद इंस्पेक्टर अरुण कुमार त्रिगूनायक भी मौजूद रहे। एसडीएम और पुलिस अधिकारियों के साथ कुछ ग्रामीण नाव से नदी पार कर झाऊ बेरिया गांव पहुंचे। गांव में एसडीएम ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली।
ग्रामीणों ने बताया कि बेहता नदी पर बनी पुलिया डूब जाने के कारण गांव का संपर्क प्रभावित है। पिछले कई दिनों से ग्रामीण गांव में ही रहने को मजबूर हैं। रोजमर्रा के काम, जरूरी सामान और अन्य आवश्यकताओं के लिए गांव से बाहर जाना मुश्किल हो गया है।

एसडीएम ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि किसी भी तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्या अथवा अन्य परेशानी होने पर प्रशासन उनके साथ खड़ा है। उन्होंने ग्रामीणों को अपना मोबाइल नंबर भी दिया और कहा कि जरूरत पड़ने पर वे सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने गांव में डॉक्टरों की टीम भेजने की भी बात कही।
नदी पार करने के दौरान सुरक्षा के लिए तैनात होगी जल पुलिस
बेहता नदी को नाव से पार करने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने कदम उठाया है। एसडीएम ने बताया कि नदी पार करते समय किसी अप्रिय घटना से निपटने के लिए बेहता नदी पर जल पुलिस की तैनाती की जाएगी। इंस्पेक्टर रहीमाबाद अरुण कुमार त्रिगूनायक ने जल पुलिस की तैनाती के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजा है।

ग्रामीण ध्रुव कुमार, अमरेश कुमार, अरविंद, अर्जुन और श्रीराम ने बताया कि नाव चलने से अब गांव के लोगों को बाहर आने-जाने में काफी सहूलियत होगी। दैनिक जरूरतों के लिए वे गांव से बाहर जा सकेंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल को राहत देने वाला कदम बताया।
एसडीएम और ग्रामीणों को नाव से बेहता नदी पार कराने में इंस्पेक्टर रहीमाबाद अरुण कुमार त्रिगूनायक ने स्वयं नाव चलाई। प्रशासनिक अधिकारियों के गांव पहुंचने से ग्रामीणों को भरोसा मिला कि उनकी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन सक्रिय है।
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