देवरिया की विभा पांडेय बनीं महिला स्वावलंबन की प्रेरणा, 5000 महिलाओं को हुनर से जोड़ा

देवरिया। महिलाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में देवरिया की विभा पांडेय पिछले 14 वर्षों से लगातार प्रयास कर रही हैं। वर्ष 2012 में कुछ लड़कियों को सिलाई सिखाने से शुरू हुआ उनका सफर आज हजारों महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल बन चुका है। अब तक वह 5000 से अधिक महिलाओं और युवतियों को प्रशिक्षण दे चुकी हैं। उनके प्रयासों से कई महिलाएं घर के आसपास रहकर काम कर रही हैं और प्रतिमाह 10 से 15 हजार रुपये तक की कमाई कर रही हैं।
सिलाई से लेकर घरेलू उत्पाद बनाने तक का प्रशिक्षण
देवरिया के देसही क्षेत्र की रहने वाली विभा पांडेय ने महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से वर्ष 2020 में कोरोना काल के दौरान मां अंबे स्वयं सहायता समूह का गठन किया। इसके माध्यम से सिलाई-कढ़ाई के साथ मास्क, सैनिटरी पैड, स्कूल ड्रेस और अगरबत्ती बनाने का काम शुरू किया गया।

समय के साथ उनके प्रशिक्षण कार्यक्रमों का दायरा बढ़ा। अब महिलाओं को हर्बल धूपबत्ती, फिनाइल, सैनिटाइजर और मोमबत्ती जैसे घरेलू उपयोग के उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। विभा के मुताबिक, इस काम से उन्हें हर महीने करीब 35 से 40 हजार रुपये की आय होती है।
महिलाओं को घर के पास मिल रहा रोजगार

विभा पांडेय स्वयं सहायता समूह के माध्यम से काम के ऑर्डर प्राप्त करती हैं और उन्हें समूह से जुड़ी महिलाओं के बीच बांट देती हैं। इससे महिलाओं को घर के पास ही काम करने का अवसर मिलता है। वर्ष 2020 में स्कूल ड्रेस तैयार करने के काम से समूह को अच्छा लाभ मिला था।
उनसे प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी कई महिलाएं सिलाई और अन्य उत्पादों के जरिए प्रतिमाह 10 से 15 हजार रुपये तक कमा रही हैं। इस पहल से महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियों के साथ अपनी आमदनी बढ़ाने में भी योगदान दे रही हैं।
उत्पाद निर्माण के साथ बिक्री और ब्रांडिंग की भी सीख
विभा के प्रशिक्षण शिविरों में महिलाओं को केवल उत्पाद बनाना ही नहीं सिखाया जाता, बल्कि उन्हें व्यवसाय से जुड़ी जरूरी जानकारियां भी दी जाती हैं। प्रशिक्षण के दौरान पैकिंग, ब्रांडिंग, लागत निर्धारण और बिक्री प्रबंधन की जानकारी दी जाती है, ताकि महिलाएं अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचा सकें।
इसके अलावा युवतियों को बेकार पड़े घरेलू सामान से टेडी बियर और ज्वेलरी बनाने तथा जूट से जन्मदिन की सजावटी सामग्री तैयार करने का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। विभा का प्रयास है कि महिलाएं केवल हुनर सीखने तक सीमित न रहें, बल्कि उसे स्वरोजगार में बदलकर नियमित आय अर्जित करें।
2700 महिलाओं को डिजिटल जागरूकता से जोड़ा

महिला सशक्तिकरण के साथ विभा पांडेय ने डिजिटल जागरूकता के क्षेत्र में भी योगदान दिया है। वर्ष 2015 में जागृति सेवा संस्थान से जुड़कर उन्होंने 2700 महिलाओं को इंटरनेट के प्रति जागरूक किया। इस कार्य के लिए संस्था की ओर से उन्हें बेस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया।
परिवार के सहयोग से आगे बढ़ा सफर
विभा बताती हैं कि झारखंड में रहते हुए उन्होंने महिलाओं और युवतियों की स्थिति को करीब से देखा। इसके बाद उन्होंने महिलाओं को हुनर सिखाकर आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने वहां सिलाई सीखी और मोहल्ले की लड़कियों को निशुल्क प्रशिक्षण देना शुरू किया।
वर्ष 2012 में शादी के बाद देवरिया आने पर उनके पति विपिन मिश्र और सास प्रभावती ने भी उनके प्रयासों को प्रोत्साहित किया। परिवार के सहयोग से वह अपने अभियान को आगे बढ़ाती रहीं और धीरे-धीरे बड़ी संख्या में महिलाओं को इससे जोड़ने में सफल हुईं।
विभा पांडेय का मानना है कि महिलाओं को व्यावहारिक कौशल, बाजार तक पहुंच और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं, तो वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकती हैं। उनका लक्ष्य अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनने के साथ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में भी अहम भूमिका निभा सकें।
लेखक के बारे में
Syed Fiza Khatoon
सैयद फ़िज़ा खातून ‘विजुअल लाइव’ की तकनीकी एवं डिजिटल टीम की महत्वपूर्ण सदस्य हैं। वर्ष 2014 में स्नातक की शिक्षा पूरी करने के बाद से उन्होंने मीडिया के तकनीकी और डिजिटल कार्यों में अपनी दक्षता विकसित की है। न्यूज के लेआउट और प्रस्तुतीकरण, कंटेंट के डिजिटल प्रसारण तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खबरों के अपडेट में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। खबर को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने से लेकर उसके डिजिटल वितरण तक वह जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करती हैं। सौम्य और मिलनसार स्वभाव के साथ नई तकनीकों और बदलते डिजिटल मीडिया को सीखने की निरंतर ललक उनकी कार्यशैली की खास पहचान है। टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और हर कार्य में कुछ नया सीखना उनकी पेशेवर सोच को दर्शाता है। डिजिटल पत्रकारिता के तेजी से बदलते दौर में तकनीकी समझ और रचनात्मक सोच के साथ सटीक, आकर्षक और प्रभावी न्यूज प्रस्तुतीकरण* में उनका योगदान ‘विजुअल लाइव’ की डिजिटल टीम को मजबूती प्रदान करता है। Syed Fiza Khatoon की सभी खबरें देखें →
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