बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए वायु सेना की बड़ी पहल, 42 स्कूलों में लागू होगा 'स्क्रॉलकंट्रोल' कार्यक्रम

नई दिल्ली। बच्चों को साइबर अपराध, ऑनलाइन शोषण और डिजिटल धोखाधड़ी से सुरक्षित रखने के लिए भारतीय वायु सेना ने महत्वपूर्ण पहल की है। वायु सेना मुख्यालय के तत्वावधान में भारतीय वायु सेना शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सोसाइटी ने सूचना साझाकरण एवं विश्लेषण केंद्र (ISAC) फाउंडेशन के सहयोग से देशभर के 42 वायु सेना स्कूलों को 'स्क्रॉलकंट्रोल' (ScrollControl) कार्यक्रम से जोड़ा है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करना और स्कूलों में साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाना है।
राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के अवसर पर शुरू की गई इस पहल के तहत 42 वायु सेना स्कूलों के 261 शिक्षकों ने साइबर अपराध हस्तक्षेप अधिकारी के रूप में प्रमाणन पाठ्यक्रम पूरा किया है। अब ये शिक्षक स्कूलों में साइबर सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं की पहचान करने और शुरुआती स्तर पर उचित कार्रवाई करने में सक्षम होंगे।
ऑनलाइन शोषण और डिजिटल धोखाधड़ी से बच्चों की सुरक्षा
आज के समय में स्मार्टफोन, हाई-स्पीड इंटरनेट, सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग तक बच्चों की पहुंच तेजी से बढ़ रही है। इसके साथ ही ऑनलाइन प्रलोभन, साइबर बुलिंग, डिजिटल शोषण, वित्तीय धोखाधड़ी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के दुरुपयोग जैसे खतरे भी बढ़ रहे हैं।
इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए स्क्रॉलकंट्रोल कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों को बच्चों की डिजिटल सुरक्षा से संबंधित विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसमें साइबर अपराध की घटनाओं की पहचान, डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और पीड़ित बच्चों को शुरुआती सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शामिल है।
शिक्षक बनेंगे साइबर अपराध के मामलों में प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता
कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि प्रशिक्षित शिक्षकों को साइबर अपराध की घटनाओं में प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में तैयार किया गया है। इससे स्कूलों में किसी विद्यार्थी के साथ ऑनलाइन उत्पीड़न, धोखाधड़ी या शोषण की घटना होने पर शुरुआती स्तर पर उचित सहायता और कार्रवाई सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल साइबर खतरों की जानकारी देना नहीं, बल्कि शिक्षकों को डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की सहायता लेने के लिए भी सक्षम बनाना है।
स्कूलों में बनेंगे साइबर क्लब, अभिभावकों को भी मिलेगी जानकारी
स्क्रॉलकंट्रोल कार्यक्रम के तहत वायु सेना के स्कूलों में साइबर क्लब स्थापित किए जा सकेंगे। इनके माध्यम से विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा का प्रमाणित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा अभिभावकों और स्कूल कर्मचारियों के लिए भी जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम के अंतर्गत परिवारों को आयु के अनुरूप डिजिटल सामग्री की रेटिंग करने वाले प्लेटफॉर्म तक पहुंच मिलेगी। इससे अभिभावक बच्चों के लिए सुरक्षित ऑनलाइन सामग्री का चयन कर सकेंगे। साथ ही निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले स्कूलों को 'साइबर सुरक्षित स्कूल' के रूप में मान्यता भी मिल सकेगी।
24 घंटे मिलेगी साइबर पीड़ितों को विशेषज्ञ सहायता
इस पहल के तहत ISAC फाउंडेशन शिक्षकों के प्रशिक्षण और प्रमाणन के साथ उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा डेटाबेस में पैनल में शामिल करने की व्यवस्था कर रहा है। साइबर अपराध से प्रभावित बच्चों और परिवारों की मदद के लिए साइबर अधिवक्ताओं, साइबर मनोवैज्ञानिकों और फॉरेंसिक विशेषज्ञों का बहु-विषयक सहायता तंत्र भी तैयार किया गया है।
इसके माध्यम से जरूरतमंद पीड़ितों को 24 घंटे सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
साइबर जागरूकता को शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाने की पहल
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने भी अपने संबद्ध स्कूलों को हर महीने साइबर जागरूकता दिवस मनाने और विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा के बेहतर तौर-तरीकों से परिचित कराने का निर्देश दिया है।
वायु सेना की यह पहल स्कूलों में प्रशिक्षित आंतरिक व्यवस्था विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और बच्चों के लिए अधिक सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।
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