
Inner Healing से मिल रहा मानसिक संतुलन और आत्मिक सुकून : प्रीति कंधारी
लखनऊ। आधुनिक जीवनशैली, लगातार बढ़ते तनाव और मानसिक दबाव के दौर में अब लोग केवल भौतिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहना चाहते। मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा की तलाश में लोग एक बार फिर Energy Healing और Vastu जैसी पारंपरिक और आध्यात्मिक विधाओं की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इसी विषय पर Energy Healer एवं Vastu Expert प्रीति कंधारी ने प्रश्न–उत्तर के माध्यम से अपने अनुभव और विचार साझा किए।
Energy Healing और Vastu की ओर आपका रुझान कैसे बढ़ा?
प्रीति कंधारी : यह मेरे लिए सिर्फ एक पेशे का चुनाव नहीं था, बल्कि आत्मिक जागरण की एक विशेष यात्रा रही। एक विमान यात्रा के दौरान अपने गुरु से हुई मेरी मुलाकात ने मेरे सोचने और जीवन को देखने का नजरिया पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने मुझे कोई नया ज्ञान नहीं सिखाया, बल्कि मेरे भीतर पहले से मौजूद आध्यात्मिक चेतना और वैदिक समझ को पहचानने और जागृत करने में मदद की।
इस क्षेत्र में आने की प्रेरणा आपको कहां से मिली?
प्रीति कंधारी : प्रेरणा किसी एक घटना से नहीं, बल्कि आत्मिक अनुभवों से मिली। मेरा मानना है कि Energy Healing और Vastu केवल किताबों तक सीमित विषय नहीं हैं। यह व्यक्ति की चेतना, अनुभव और भीतर की ऊर्जा से जुड़ा ज्ञान है। जब व्यक्ति खुद को समझना शुरू करता है, तभी असली healing की प्रक्रिया शुरू होती है।
आज के समय में Energy Healing की लोकप्रियता क्यों बढ़ रही है?
प्रीति कंधारी : आधुनिक जीवन ने लोगों को सुविधाएं तो दी हैं, लेकिन मानसिक शांति नहीं दे पाई। बाहरी उपलब्धियों के बावजूद लोग भीतर से थका हुआ और खाली महसूस कर रहे हैं। ऐसे में Energy Healing मानसिक और भावनात्मक संतुलन पाने का माध्यम बन रही है। अब लोग केवल सफलता नहीं, बल्कि inner peace भी चाहते हैं।
Inner Healing को लेकर लोगों की सोच में क्या बदलाव आया है?
प्रीति कंधारी : पहले लोग अपनी भावनात्मक परेशानियों को छिपाकर रखते थे, लेकिन अब नई पीढ़ी उन्हें स्वीकार करने लगी है। महामारी और सोशल मीडिया के बाद लोगों में आत्ममंथन बढ़ा है। अब मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य पर खुलकर चर्चा होने लगी है।
क्या आपको लगता है कि लोग अपनी परंपराओं की ओर लौट रहे हैं?
प्रीति कंधारी : बिल्कुल। आज एक तरह की collective awakening देखने को मिल रही है। लोग बाहरी जवाबों से आगे बढ़कर अपने भीतर समाधान खोज रहे हैं। Vedic wisdom, Energy Work और Vastu हमारी जड़ों से जुड़े विषय हैं और अब लोग इन्हें फिर से समझने और अपनाने लगे हैं।
आपके अनुसार Inner Healing का वास्तविक अर्थ क्या है?
प्रीति कंधारी : Inner Healing उन मानसिक और भावनात्मक घावों को स्वीकार करने और उनसे मुक्त होने की प्रक्रिया है, जिन्हें लोग लंबे समय तक नजरअंदाज करते रहते हैं। जब व्यक्ति भीतर से संतुलित और healed होता है, तब वह अपने आसपास भी सकारात्मक ऊर्जा फैलाता है।
आने वाले समय में Energy Healing और Vastu को आप किस रूप में देखती हैं?
प्रीति कंधारी : भविष्य में Energy Healing और Vastu को architecture और psychology जैसे क्षेत्रों के साथ गंभीरता से जोड़ा जाएगा। घरों और कार्यस्थलों के निर्माण में energy balance को महत्व मिलेगा और healing को मानसिक स्वास्थ्य जितना आवश्यक माना जाएगा।





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