
काशी कला कुंभ 2026 का भव्य समापन, कला और संस्कृति का संगम
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के राष्ट्रीय कला मंच द्वारा आयोजित दो दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव “काशी कला कुंभ - 2026” का रविवार सायं भव्य समापन समारोह संपन्न हुआ। इस आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री घनश्याम शाही ने कहा कि राष्ट्रीय कला मंच नवोदित कलाकारों को मंच प्रदान करने का एक सराहनीय प्रयास है। उन्होंने युवाओं में कला के प्रति रुचि बढ़ाने और प्रतिभाओं को आगे लाने की आवश्यकता पर बल दिया।
भोजपुरी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता मनोज सिंह ‘टाइगर’ ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजनों से ही भविष्य के कलाकार तैयार होते हैं। उन्होंने युवाओं को अपनी प्रतिभा को निरंतर निखारने के लिए प्रेरित किया।
बीएचयू के छात्र अधिष्ठाता प्रो. रंजन सिंह ने कहा कि कला विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण आधार है, जो उनके व्यक्तित्व को संवेदनशील और सशक्त बनाती है। उन्होंने छात्रों से ऐसे आयोजनों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह ने काशी को कला की राजधानी बताते हुए कहा कि यहां के कण-कण में संस्कृति और परंपरा रची-बसी है। उन्होंने भारतीय संस्कृति को समझने और उसे अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मंच कला संकाय की प्रमुख डॉ. संगीता पंडित ने कहा कि यह आयोजन काशी की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा को पुनर्जीवित करता है, जहां कला केवल अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि जीवन का उत्सव है।
कार्यक्रम के अंत में अभाविप के बीएचयू इकाई अध्यक्ष पल्लव सुमन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। समापन समारोह में संगीत, नृत्य और लोक कलाओं की आकर्षक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भाव-विभोर कर दिया।
अंत में प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने यह भी कहा कि डिजिटल युग में कला और संस्कृति का संरक्षण पहले से अधिक आवश्यक हो गया है। “काशी कला कुंभ - 2026” ने युवाओं में सृजनात्मकता, सांस्कृतिक चेतना और भारतीयता के प्रति गर्व की भावना को सशक्त रूप से स्थापित किया।





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