कैंसर के इलाज में बड़ी राहत: ₹40,421 की दवा अब ₹2,720 में, 137 एंटी-कैंसर दवाओं पर घटे दाम; मरीजों को ₹3,502 करोड़ की बचत

नई दिल्ली। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज सिर्फ शारीरिक और मानसिक रूप से ही नहीं, बल्कि आर्थिक तौर पर भी मरीजों और उनके परिवारों के लिए बड़ी चुनौती होता है। महंगी दवाओं के कारण कई परिवारों पर भारी खर्च का बोझ पड़ता है। अब ऐसे मरीजों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने एंटी-कैंसर दवाओं की कीमतों पर बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने 137 एंटी-कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन की सीमा तय की है। इसके बाद कई दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में भारी कटौती हुई है। सरकार के मुताबिक, इस फैसले से उपभोक्ताओं को सालाना करीब 3,502.31 करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान है। नई कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी।
40 हजार रुपये से ज्यादा की दवा अब 3 हजार से भी कम में
कीमतों में कटौती का एक बड़ा उदाहरण स्तन कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली Palbociclib दवा के ब्रांड Palbopro का है। इसकी पुरानी कीमत 40,421.33 रुपये थी, जिसे घटाकर 2,720 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह प्रोस्टेट कैंसर के उपचार में इस्तेमाल होने वाली Abirone दवा की कीमत 41,250 रुपये से घटाकर 3,218.23 रुपये कर दी गई है।
इसके अलावा Bevacizumab के ब्रांड Bryxta की कीमत 25,995 रुपये से घटकर 3,318 रुपये हो गई है। यह दवा फेफड़े, कोलन, अंडाशय और सर्वाइकल कैंसर के उपचार में इस्तेमाल होती है।
137 दवाओं पर ट्रेड मार्जिन की सीमा, 30 प्रतिशत तक तय हुआ मार्जिन
केंद्र सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के तहत आने वाली NPPA ने 17 अक्टूबर 2026 को 137 गैर-अनुसूचित एंटी-कैंसर दवाओं के लिए ट्रेड मार्जिन रेशनलाइजेशन (TMR) का फैसला किया था। इसके तहत अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) के मुकाबले ट्रेड मार्जिन की सीमा 30 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
इसका उद्देश्य दवा बनाने वाली कंपनियों से लेकर वितरकों, थोक विक्रेताओं, खुदरा दुकानों और अस्पतालों तक की आपूर्ति श्रृंखला में अत्यधिक मार्जिन पर नियंत्रण करना है। यानी दवा की कीमत में अनावश्यक बढ़ोतरी को रोककर मरीजों तक दवाएं कम कीमत पर पहुंचाना इस फैसले का प्रमुख लक्ष्य है।
1,225 फॉर्मूलेशन की कीमतों में बदलाव, 600 ब्रांड 50% से ज्यादा सस्ते
सरकार की 7 नवंबर की जानकारी के मुताबिक, 76 दवा कंपनियों ने 1,225 एंटी-कैंसर फॉर्मूलेशन की संशोधित कीमतें बताई हैं। ये फॉर्मूलेशन 121 दवाओं से संबंधित हैं। इनमें से 1,031 फॉर्मूलेशन की कीमतों में कमी दर्ज की गई है।
600 ब्रांड की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की कटौती हुई है।
सबसे अधिक कीमत कटौती 96.45 प्रतिशत दर्ज की गई है।
137 चिह्नित दवाओं में से कुछ ऐसी भी हैं, जो अभी भारत में लॉन्च नहीं हुई हैं। उनके बाजार में आने पर भी यह व्यवस्था लागू होगी।
इस पूरी कवायद से सालाना 3,502.31 करोड़ रुपये की अनुमानित बचत होगी।
किन कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं शामिल?
इस सूची में कई तरह के कैंसर के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाएं शामिल हैं। इनमें इम्यूनोथेरेपी से जुड़ी दवाएं भी हैं, जिनका उपयोग 20 से अधिक प्रकार के कैंसर के उपचार में किया जाता है। इसके अलावा स्तन और प्रोस्टेट कैंसर के मरीजों के लिए इस्तेमाल होने वाली Denosumab तथा कैंसर उपचार के दौरान न्यूट्रोपेनिया से बचाव में इस्तेमाल होने वाली Pegfilgrastim जैसी दवाएं भी इस पहल में शामिल हैं।
Bevacizumab, Pembrolizumab, Durvalumab और Osimertinib जैसी दवाओं को भी इस मूल्य नियंत्रण व्यवस्था के दायरे में रखा गया है।
अस्पतालों और मेडिकल स्टोर को नई कीमतें दिखाना अनिवार्य
NPPA के निर्देश के मुताबिक, 9 नवंबर से दवा विक्रेताओं, डीलरों, अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों को संशोधित MRP सूची अपने परिसर और वेबसाइट पर प्रमुखता से प्रदर्शित करनी होगी। अस्पतालों को भी मरीजों को नई कीमतों पर दवाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
राज्य औषधि नियंत्रक कंपनियों, वितरकों, मेडिकल स्टोर और अस्पतालों में नए मूल्य संबंधी निर्देशों के पालन की निगरानी करेंगे। यदि कहीं पुरानी कीमत वसूली जाती है, तो उपभोक्ता इसकी शिकायत भी कर सकते हैं।
मरीज नई कीमतें कहां चेक कर सकते हैं?
कैंसर के मरीज और उनके परिजन दवाओं की संशोधित कीमतें NPPA की आधिकारिक वेबसाइट और Pharma Sahi Daam मोबाइल ऐप पर देख सकते हैं। किसी मेडिकल स्टोर या अस्पताल में निर्धारित नई कीमत से अधिक राशि वसूले जाने पर NPPA के हेल्पलाइन नंबर 1800-11-1255 या ईमेल [email protected] पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
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