यूपी के चार सरकारी अस्पतालों की बदलेगी सूरत, हृदय और न्यूरो रोगों का भी होगा इलाज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और मरीजों को बड़े शहरों की दौड़ से राहत दिलाने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के चार बड़े सरकारी अस्पतालों का संचालन अब पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत चारों अस्पताल अगले 30 वर्षों तक निजी संस्थाओं के माध्यम से संचालित होंगे।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य जिला स्तर पर ही मरीजों को विशेषज्ञ और सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इन अस्पतालों में हृदय रोग, न्यूरोलॉजी और यूरोलॉजी या नेफ्रोलॉजी जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को लखनऊ, दिल्ली और दूसरे बड़े शहरों का रुख कम करना पड़ेगा।
इन चार अस्पतालों को किया गया शामिल
PPP मॉडल के तहत जिन चार अस्पतालों को शामिल किया गया है, उनमें अंबेडकरनगर के टांडा स्थित 200 बेड का मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (MCH) विंग, बांदा का 200 बेड का मंडलीय चिकित्सालय, बरेली का 300 बेड का संयुक्त चिकित्सालय और चित्रकूट के कर्वी स्थित 200 बेड का मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य विंग शामिल हैं।
इन चारों अस्पतालों की कुल क्षमता 900 बेड है। निजी संस्थाएं अस्पतालों के उपकरण, वित्तपोषण, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेंगी।
12 विशेषज्ञ और तीन सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं मिलेंगी
योजना के तहत चारों अस्पतालों में 12 विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इनमें जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, अस्थि रोग, बाल रोग, नेत्र रोग, कान-नाक-गला, त्वचा रोग, दंत चिकित्सा, मनोरोग, आपातकालीन एवं ट्रॉमा केयर तथा क्रिटिकल केयर और एनेस्थीसियोलॉजी शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त कम से कम तीन सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें कार्डियोलॉजी (हृदय रोग), न्यूरोलॉजी (मस्तिष्क एवं तंत्रिका तंत्र संबंधी रोग) और यूरोलॉजी या नेफ्रोलॉजी (मूत्र एवं गुर्दे से संबंधित बीमारियों) का इलाज शामिल होगा।
24 घंटे मिलेगी इमरजेंसी और ट्रॉमा सुविधा
अस्पतालों में केवल ओपीडी तक ही सेवाएं सीमित नहीं रहेंगी। मरीजों को भर्ती कर उपचार, ऑपरेशन, पैथोलॉजी जांच, एक्स-रे और अन्य आधुनिक इमेजिंग सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
इसके साथ ही 24 घंटे आपातकालीन और ट्रॉमा सेवाएं संचालित करने का प्रावधान है। दुर्घटना में घायल लोगों और गंभीर स्थिति वाले मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
आयुष्मान कार्ड धारकों को मिलेगा कैशलेस इलाज
इस व्यवस्था में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के पात्र लाभार्थियों को योजना के नियमों के अनुसार पांच लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी।
अस्पताल परिसर में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र और अमृत फार्मेसी भी संचालित की जाएंगी। यहां ब्रांडेड जेनेरिक दवाओं पर अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में कम से कम 25 प्रतिशत छूट देने का प्रावधान है।
ओपीडी और जांच के लिए KGMU की दरें होंगी लागू
PPP मॉडल पर संचालित होने के बावजूद मरीजों को ओपीडी, जांच और अन्य चिकित्सा सेवाओं के लिए निर्धारित शुल्क देना होगा। इन सेवाओं की दरें लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) द्वारा निर्धारित दरों के आधार पर तय की जाएंगी।
इसका उद्देश्य चिकित्सा सेवाओं के शुल्क को निर्धारित व्यवस्था के तहत रखना है। वहीं, आयुष्मान योजना के पात्र मरीजों को संबंधित योजना के प्रावधानों के अनुसार कैशलेस उपचार मिलेगा।
30 साल बाद सरकार को वापस सौंपे जाएंगे अस्पताल
चारों अस्पतालों का संचालन 30 साल की रियायत अवधि के लिए EFOMT (Equip, Finance, Operate, Maintain and Transfer) मॉडल पर किया जाएगा। इसके तहत निजी भागीदार अस्पतालों के लिए जरूरी उपकरणों की व्यवस्था, वित्तपोषण, संचालन और रखरखाव करेगा।
रियायत अवधि पूरी होने के बाद अस्पताल पूरी तरह संचालित अवस्था में राज्य सरकार को वापस सौंप दिए जाएंगे।
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से प्रदेश के चार जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को भी लाभ मिलेगा। हालांकि, अस्पतालों में नई सुविधाएं किस तारीख से शुरू होंगी, इसके लिए आगे की संचालन प्रक्रिया और आधिकारिक कार्यक्रम का इंतजार रहेगा।
लेखक के बारे में
Syed Fiza Khatoon
सैयद फ़िज़ा खातून ‘विजुअल लाइव’ की तकनीकी एवं डिजिटल टीम की महत्वपूर्ण सदस्य हैं। वर्ष 2014 में स्नातक की शिक्षा पूरी करने के बाद से उन्होंने मीडिया के तकनीकी और डिजिटल कार्यों में अपनी दक्षता विकसित की है। न्यूज के लेआउट और प्रस्तुतीकरण, कंटेंट के डिजिटल प्रसारण तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खबरों के अपडेट में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। खबर को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने से लेकर उसके डिजिटल वितरण तक वह जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करती हैं। सौम्य और मिलनसार स्वभाव के साथ नई तकनीकों और बदलते डिजिटल मीडिया को सीखने की निरंतर ललक उनकी कार्यशैली की खास पहचान है। टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और हर कार्य में कुछ नया सीखना उनकी पेशेवर सोच को दर्शाता है। डिजिटल पत्रकारिता के तेजी से बदलते दौर में तकनीकी समझ और रचनात्मक सोच के साथ सटीक, आकर्षक और प्रभावी न्यूज प्रस्तुतीकरण* में उनका योगदान ‘विजुअल लाइव’ की डिजिटल टीम को मजबूती प्रदान करता है। Syed Fiza Khatoon की सभी खबरें देखें →
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