सत्संग ही शांति का मार्ग : दुखों को छोटा बनाता है आत्मज्ञान

आज के जीवन सूत्र में पूज्य जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज बता रहे हैं कि जीवन में वास्तविक आनंद और शांति कैसे प्राप्त की जाए।
1. परम सत्य की चाहत और आत्मज्ञान का उदय
मनुष्य के भीतर परम सत्य को जानने की तीव्र इच्छा सत्संग के प्रभाव से ही जन्म लेती है। जब कोई व्यक्ति सत्संग के माध्यम से सत्य का अनुभव करने लगता है, तब उसके भीतर स्वयं को और ईश्वर को जानने (आत्मज्ञान) की निष्ठा जागती है। यही विचार उसे जीवन के वास्तविक उद्देश्य की ओर अग्रसर करता है।
2. सांसारिक मोह-माया से मुक्ति
जब आत्मज्ञान का प्रकाश फैलता है, तो सांसारिक मोह-माया, व्यर्थ की चिंताएं और मन की दुविधाएं स्वतः ही दूर होने लगती हैं। व्यक्ति को यह समझ आने लगता है कि संसार की कौन सी वस्तुएं क्षणभंगुर हैं और क्या शाश्वत है।
3. दुखों का घटता प्रभाव
जो सांसारिक दुख और समस्याएं पहले पर्वत की तरह विशाल और असहनीय प्रतीत होती थीं, सत्संग के प्रभाव से वे अति सूक्ष्म लगने लगती हैं या फिर उनका मानसिक प्रभाव पूरी तरह समाप्त हो जाता है। व्यक्ति प्रतिकूल परिस्थितियों में भी विचलित नहीं होता।
4. परम शांति और विवेक की प्राप्ति
सत्संग केवल दुखों को कम नहीं करता, बल्कि जीवन की सभी मानसिक अशांति को समाप्त कर चित्त को शांत करता है। इसके साथ ही व्यक्ति को 'विवेक' (सही और गलत का निर्णय करने की क्षमता) प्राप्त होता है, जो उसे हर मोड़ पर सही राह दिखाता है।
सार-संक्षेप : यदि आप जीवन में सच्चे आनंद और स्थायी शांति की तलाश में हैं, तो सत्संग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। सत्संग से मिला विवेक ही आपके दुखों को छोटा करेगा और जीवन को सार्थकता प्रदान करेगा।
लेखक के बारे में
Santosh Kumar Singh
श्री सिंह ‘विजुअल लाइव’ मासिक पत्रिका एवं न्यूज पोर्टल के संपादक के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्ष 2004 से उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी सेवाएं देते हुए पत्रकारिता का लंबा अनुभव अर्जित किया है। लखनऊ से प्रकाशित हिन्दी दैनिक राष्ट्रीय सहारा, डेली न्यूज एक्टिविस्ट, राष्ट्रीय स्वरूप और भारत प्रतिदिन सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों के लिए उन्होंने रिपोर्टिंग की है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के लखनऊ आगमन से लेकर राजनीति, प्रशासन, जनसरोकार और शहर की महत्वपूर्ण घटनाओं की रिपोर्टिंग में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। श्री सिंह की विशेष रुचि खोजी पत्रकारिता और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी इस्तेमाल में है। इंटरनेट आधारित शोध, सूचना के स्रोतों की पड़ताल और खबर की बारीकियों तक पहुंचने की उनकी कार्यशैली उन्हें अलग पहचान देती है। बदलते मीडिया परिदृश्य में वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं। पत्रकारिता के साथ उन्हें संगीत और यात्रा में विशेष रुचि है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए जिज्ञासा, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और तथ्यों के प्रति ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण गुण हैं। Santosh Kumar Singh की सभी खबरें देखें →
संबंधित लेख

आज धनतेरस पर इस बार विशेष संयोग का महासंयोग, शाम के इस मुहूर्त में करें पूजा

धनतेरस पर काशी में खुला मां अन्नपूर्णा का दिव्य दरबार, पांच दिन तक भक्तों को मिलेगा ‘समृद्धि का खजाना’

इस्लाम की बात पर मुस्लिम साथ, हिंदू हितों की बात पर हिंदू ही विरोधी!' उन्नाव की कथा में राजा भैया का बयान चर्चा में

युवाओं के आंदोलनों के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ! काशी में चंपत राय ने उठाया बड़ा सवाल, संत समाज को दी अहम जिम्मेदारी
टॉप रीड्स

यूपी चुनाव 2027 : यूपी में बीजेपी के 120 विधायकों के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की सीट पर भी खतरे के संकेत

प्रशासनिक कुर्सी छोड़कर नई पारी की तैयारी? PCS अनुपमा राग के इस्तीफे से यूपी की सियासत में हलचल

कुंडा में कथा से पहले सियासी टकराव, राजा भैया के आयोजन पर अखिलेश ने प्रशासन से लगाई रोक की गुहार

2027 के रण में भाजपा का नया दांव, योगी सरकार के MLC मंत्रियों को भी जनता के बीच उतरना पड़ सकता है!

किसानों और महिलाओं के लिए जल्द आएगा विशेष पैकेज, तीन करोड़ किसान परिवारों को मिलेगी राहत: योगी

काशी से प्रयागराज तक भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ रवाना हुए मंत्री दयाशंकर मिश्र

अब गांवों में बनेंगे चारा बैंक, पशु आश्रय और दूध संग्रह केंद्र, केंद्र ने जारी की नई एडवाइजरी





Leave a Comment
Don't worry! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).