
संकट का साथी परिवहन निगम आज खुद संकट में :तिवारी
रोडवेज कर्मियों ने किया बड़ा प्रदर्शन
लखनऊ। रोडवेज़ कर्मचारी संयुक्त परिषद, उ0प्र0 के आह्वान् पर परिवहन निगम कर्मचारियों ने अपनी लम्बित 14-सूत्रीय मांगों पर अब तक निर्णय न होने के कारण, अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार पूरे प्रदेश के 115 डिपोज़, प्रत्येक कार्यशाला, बसस्टेशन व प्रशासनिक कार्यालयों में स्थापित 233 प्राथमिक शाखाओं ने धरना-प्रदर्शन कर अपना असंतोष व आक्रोश व्यक्त किया तथा एक प्रस्ताव पारित कर शासन व निगम प्रबन्ध से समय रहते मांगें पूरी करने का अनुरोध किया और यह चेतावनी भी दी कि यदि 19 मई 2026 तक मांगों की पूर्ति नहीं होती, तो रोडवेज परिषद द्वारा 20 मई 2026 को प्रस्तावित क्षेत्रीय धरना-प्रदर्शन, रैली व आम सभा में उनके डिपो के कर्मचारी बढ़चढ़ कर भागीदारी कर अपना असंतोष व आक्रोश प्रकट करेंगे।
उक्त जानकारी देते हुए रोडवेज परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष गिरिजा शंकर तिवारी व महामंत्री गिरीश चन्द्र मिश्र ने एक संयुक्त बयान में बताया कि संगठन द्वारा 15 मार्च 2026 को एक आन्दोलनात्मक नोटिस शासन व निगम प्रबन्ध को दिया गया था, जिसमें समय रहते मांगों की पूर्ति न होने पर दिनांक 01 मई 2026 को प्रदेश भर की प्रत्येक इकाई में धरना-प्रदर्शन कर ध्यानाकर्षण करने तथा 19 मई 2026 तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय न होने पर 20 मई 2026 को प्रदेश भर के प्रत्येक क्षेत्रीय मुख्यालय पर रैली, धरना-प्रदर्शन व आम सभा करने की चेतावनी दी गयी है। उसी के अंतर्गत यह धरना कार्यक्रम प्रदेश भर में संपन्न हुआ है।
नेताद्वय नें बताया कि मांग-पत्र में प्रमुखरूप से राष्ट्रीयकृत मार्गों पर हो रही डग्गामारी पर रोक लगाने, निगम को नुकसान पहुँचाने वाली योजनाओं पर पुनर्विचार कर उन्हें रोकने, अतिरिक्त-कर की दरों की असमानता दूर करने, प्रदेश के एक्सप्रेसवेज़ व हाईवेज़ को राष्ट्रीकृत मार्ग घोषित करने, वर्ष-2001 तक नियुक्त संविदा चालकों-परिचालकों को नियमित करने तथा शेष के चरणबद्ध नियमितीकरण की योजना बनाने, 50 प्रतिशत से कम लोड फैक्टर के नाम पर वेतन कटौती बंद करने, आउटसोर्स कर्मियों के पारिश्रमिक में वृद्धि करने, गम्भीर वेतन विसंगतियों का निवारण, हजारों रिक्त पदों पर नियमित नियुक्तियां करने, संविदा सहित सभी चालकों-परिचालकों को अनुमन्य रात्रि-दिन हाल्ट भत्ते व कार्यशाला कर्मचारियों को रात्रिपाली व प्रदूषण भत्ते की दरों को बाजार महंगाई के सापेक्ष बढ़ाने, सभी सेवानिवृत्त कार्मिकों को चिकित्सा सुविधा देने, मंहगाई भत्ते की बकाया किश्तों का भुगतान व अबतक स्वीकृत किश्तों को देय दिनांक से स्वीकृत कर एरियर भुगतान करने, अनुचित व अवैध वेतन कटौतियों पर रोक लगाने, सातवें वेतनमान के एरियर का भुगतान करने तथा क्षेत्रों में कार्यरत कुछ चर्चित भ्रष्ट व निगम को हानि पहुँचाने वाले अधिकारियों व उनके संरक्षण में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने व निगम हित विरोधी कर्मचारियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही करने की मांग की गयी है।
नेताद्वव ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित "संकट का साथी" परिवहन निगम व इसके कर्मचारी आज स्वयं संकट में हैं, इसलिए आंदोलन करने को विवश हैं।
उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री से परिवहन निगम व इसके कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय करने हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित करने की मांग की है।





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