
सीतापुर लखीमपुर की प्लाईवुड फैक्ट्री जीएसटी की रडार पर
रवींद्र प्रकाश।
लखनऊ। सीतापुर व लखीमपुर क्षेत्र की तमाम प्लाईवुड फैक्टरियां जीएसटी विभाग के रडार पर आ गई हैं। विभाग द्वारा इन इकाइयों के कारोबार, टैक्स भुगतान और ई-वे बिल समेत अन्य दस्तावेजों की जांच की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि टैक्स चोरी की आशंका को लेकर विभाग ने कई इकाइयों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी है।
सूत्रों के अनुसार, प्लाईवुड कारोबार से जुड़े माल की खरीद-बिक्री, परिवहन और बिलिंग के रिकॉर्ड गोपनीय तौर पर खंगाले जा रहे हैं। जांच के दौरान जीएसटी टीम स्टॉक और दस्तावेजों का मिलान भी कर सकती है।
इन फैक्ट्रियों पर अचानक निगरानी बढ़ाने का मुख्य कारण क्या है कि सीतापुर हरदोई व लखीमपुर क्षेत्र क्षेत्र में यूकेलिप्टस व पॉपुलर के पेड़ों की कटाई अप्रैल से लगाकर जून माह में होती है। वर्तमान समय में हरदोई से शाहाबाद की ओर जाने वाले मार्ग पर भारी मात्रा में यूकेलिप्टस के पेड़ों की कटाई चल रही है। इन्हीं पेड़ों की लड़कियों से प्लाईवुड का उत्पादन किया जाता है। सीतापुर के तंबौर क्षेत्र में स्थित फैक्ट्री में घोषित उत्पादन न हो इसको देखते हुए लखनऊ जोन के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन रामप्रकाश ने सीतापुर के ज्वाइंट कमिश्नर एसआईबी व सचल दल के अधिकारियों को मीटिंग के माध्यम से स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वह सख्त निगरानी रखें और इस बात पर खास ध्यान रखें की इन फैक्ट्री में आने वाली यूकेलिप्टस की लकड़ी ना तो बिना ई वे बिल के आए और ना ही तैयार माल बिना ई वे बिल के निकले । गौर तलब है कि लखनऊ विशेष अनुसंधान इकाई पूर्व में इन फैक्ट्री में घोषित उत्पादन का खुलासा कर चुकी है इस संबंध में सीतापुर के कार्यवाहक जॉइंट कमिश्नर द्वारा फैक्ट्री मालिकों के खिलाफ टैक्स चोरी के मामले में फिर भी दर्ज कराई गई थी । राज्य जीएसटी आयुक्त डॉ नितिन बंसल ने सीतापुर लखीमपुर व तंबौर की प्लाईवुड फैक्ट्री को लेकर सख्त गोपनीय निगरानी वी डेटा विश्लेषण किया जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं । मीडिया से हुई मुलाकात में जीएसटी आयुक्त ने कहा कि उन्होंने अपने अधिकारियों से अपेक्षा की है की डाटा एनालिसिस बेस जांच की जाए।





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