
राज्य जीएसटी मे आतंक का परियाए बन चुका भूरा प्रधान गिरफ्तार
रवींद्र प्रकाश
लखनऊ। यूपी समेत देश के विभिन्न शहरो से फर्जी ईवेबिल के जरिए करोडों का लोहा पास करवाने वाले बडे टैक्स माफिया भूरा प्रधान को एसआईटी टीम ने बुधवार को मुजफ्फरनगर नगर से घेराबंदी करके गिरफ्तार कर लिया। भूरा प्रधान राज्य जीएसटी मुख्यालय लखनऊ की काली सूची मे भी शामिल है, इसके कारनामों का खुलासा राष्ट्रीय सहारा अखबार कई बार कर चुका है। इसकी दहशत ऐसी कोई अधिकारी सीधे तौर पर हाथ डालने से कतराते रहे। मथुरा के संयुक्त आयुक्त रहे राज वर्धन सिंह ने इसकी गाडियों को पकडने की हिम्मत दिखायी थी, लेकिन कुछ दिन बाद वे निलंबित हो गए उनके प्रकरण को भूरा प्रधान से सीधे टक्कर लेने का नतीजा भी बताया जा रहा है , इसका प्रदेश भर मे ऐसा संदेश गया कि प्रर्वतन के अधिकारी भूरा प्रधान की गाडियों की तरफ देखने की हिम्मत तक नही जुटा पा रहे थे। भूरा की गिरफ्तारी के बाद पूर्वांचल के टैक्स माफिया मुन्ना पांडे भी अब सीट की रडार पर आता नजर आ रहा है क्योंकि उत्तर प्रदेश में आयरन स्कैब को सरिया फैक्ट्री तक बिन ईवेबिल के पहुंचने की पीएचडी इन्हीं दोनो के पास है।
भूरा प्रधान का नेटवर्क यूपी के अलावा पंजाब, झारखंड, बिहार, मध्यप्रदेश तक फैला हुआ है। एसआईटी टीम ने इस नेटवर्क से जुडे कई और लोगो को भी गिरफ्तार किया है।
989 करोड़ की चोरी अब तक आ चुकी सामने
लखनऊ। बीते साल 24 अक्टूबर को जिले में मुजफ्फरपुर ले जाते समय दो ट्रक लोहे का स्क्रैप जीएसटी के सचल दल ने उमरी चौराहे से पकड़े थे। जांच में सामने आया था कि एक मोबाइल नंबर से 60 और दूसरे मोबाइल नंबर से 62 फर्म मिलीं। अब तक की जांच में 535 बोगस फर्मों के माध्यम से 5473 करोड़ के टर्नओवर पर 989 करोड़ की जीएसटी चोरी सामने आ चुकी है।
वाट्सएप से कारोबारियों को भेज देता था। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पंजाब के फतेहगढ़ साहिब के मंडी गोविंदगढ़ निवासी हेमंत और राहुल के नाम क आए हैं। एसआइटी की टीम दोनों की तलाश कर रही है।





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