
इंटेलीजेंस बेस जांच का बेहतरीन उदाहरण बनी अवैध शराब पकडने की कार्रवाई।
रवींद्र प्रकाश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य कर विभाग लखनऊ जोन प्रथम के एडीशनल कमिशनर ग्रेड 2 मनोज विशवकर्मा के निर्देशन मे सचल दल अधिकारी श्यामवीर सिंह द्वारा रोड चेकिंग में पंजाब से आयी पकडी गयी 900 पेटी शराब की का मामला जीएसटी कमिशनर डा नितिन बंसल की इंटेलिजेंस बेस जांच का नयाब उदहारण है,.कयोकि जहीन दिमाग अधिकारि.यों ने पुणे की फर्म द्वारा सुगंधित चावल के परिवहन के लिए ईवेबिल डाउनलोड होते ही ट्रैकिंग शुरू कर दी थी और जैसे ही ट्रक लखनऊ पहुंचा पकड लिया गया।
गौरतलब है कि लखनऊ जोन प्रथम की टीम ने गुरुवार को पंजाब प्रान्त से सुगंधित चावल के ईवेबिल की आंड मे लायी गयी करीब 900 पेटी शराब पकडी है, इस शराब का उत्पादन केवल पंजाब के लिए ही किया जाता है, अवैध रुप से यूपी मे लाकर प्रदेश के टैक्स मे सेधमारी किए जाने की योजना थी, जिसे लखनऊ की सचल दल व एसआईबी की टीमो ने नाकाम कर दिया। राज्य जीएसटी आयुक्त डा. नितिन बंसल अपने अधिकारियों से इसी तरह की सूचना परख कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा कर रहे हैं।
जांच की यह पूरी कार्रवाई इंटेलिजेंस बेस पर आधारित है जिसमें सचल दल लखनऊ की पंचम इकाई के सहायक आयुक्त श्याम वीर की बड़ी भूमिका रही। इन्होंने रोड चेकिंग के दौरान पाया कि पुणे की एक फॉर्म द्वारा पंजाब से सुगंधित चावल उड़ीसा भेजने के लिए ई वे बिल जारी किया गया है। ट्रक चालक ने भी चावल पुणे ले जाने की बात बताई लेकिन सहायक आयुक्त को उसके बयान पर शक हुआ जिसकी वजह यह थी कि जो चावल पंजाब से उड़ीसा भेजा जा रहा था इसका भारी मात्रा में उत्पादन उड़ीसा में भी होता है तो पंजाब से उड़ीसा चावल भेजने की की क्या वजह हो सकती है। ट्रक तिरपाल से ढका हुआ था जांच अधिकारी ने खोलकर देखा तो उसमें भूसे की बोरियां लगी हुई थी जिससे शक और गहरा गया जिस पर सहायक आयुक्त के आदेश पर टीम ने भूसे की बोरी को हटाकर सघन जांच अभियान चलाया तो वहां में भारी मात्रा में शराब की बोतल राखी पाई गई। इसके बाद ट्रक को मीराबाई मार्ग स्थित वाणिज्य कर भवन लाया गया जहां पर चेकिंग के दौरान 750 व 250 एमएल की लगभग 900 पेटीएम शराब पायी गई जो की विभिन्न ब्रांडों की थी। पकड़ी गई शराब की बोतलों पर अंकित है कि यह शराब केवल पंजाब राज्य में बिक्री हेतु अधिकृत है अर्थात इस शराब की बिक्री देश के किसी अन्य राज्य में नहीं की जा सकती है।
गौर तलब है कि शराब नान जीएसटी गुड्स है जिस पर जीएसटी के स्थान पर वैट कर आरोपित होता है तथा लाई गई शराब पर कर की दर वैट की दर 32.5 प्रतिशत देय है। पकड़ी गई शराब को आबकारी अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई के लिए लखनऊ जोन प्रथम के राज्य कर अधिकारियो द्वारा आबकारी अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। या प्रदेश का पहला ऐसा मामला है जिसमें की शराब पर राज्य जीएसटी के अधिकारी वैट टैक्स जमा करवाएंगे।





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