‘हार की वजह SIR नहीं, कांग्रेस के अपने कर्म हैं’, वाराणसी में संबित पात्रा का विपक्ष पर हमला

वाराणसी। भारतीय जनता पार्टी के सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने सोमवार को वाराणसी में कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी चुनावी हार का ठीकरा SIR पर फोड़ रही है, जबकि उसे अपनी हार के कारणों पर विचार करना चाहिए। पात्रा ने SIR प्रक्रिया को मतदाता सूची को दुरुस्त करने की नियमित कवायद बताया।
काशी में मीडिया से बातचीत के दौरान संबित पात्रा ने कहा कि देश में SIR की प्रक्रिया पहली बार नहीं हो रही है। उनके मुताबिक, अब तक 12 बार यह प्रक्रिया हो चुकी है, जिनमें से 10 बार कांग्रेस के शासनकाल में और दो बार भाजपा सरकार के दौरान हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस के शासन में यही प्रक्रिया सही थी तो अब इस पर सवाल क्यों खड़े किए जा रहे हैं?
‘13 करोड़ वोट चोरी हुए तो देशभर में विरोध दिखता’
विपक्ष की ओर से करीब 13 करोड़ वोट चोरी होने के आरोप पर भी पात्रा ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि इतने बड़े पैमाने पर मतदाताओं के वोट वास्तव में चोरी हुए होते तो देशभर में व्यापक विरोध दिखाई देता। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बताते हुए कहा कि मतदाता सूची की जांच का उद्देश्य पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखना और अपात्र या दोहराए गए नामों की पहचान करना है।

राहुल गांधी के शिव बारात और शिव तांडव वाले बयान पर भी प्रतिक्रिया
वाराणसी में संबित पात्रा ने राहुल गांधी के दिल्ली की रैली में दिए गए शिव बारात और शिव तांडव से जुड़े बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि काशी महादेव की नगरी है और यहां की धार्मिक परंपराओं को समझना जरूरी है। पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को शिव बारात और शिव तांडव के बीच का अंतर मालूम नहीं है और वे इस विषय पर राजनीति कर रहे हैं।
SIR को लेकर विपक्ष और भाजपा के बीच जारी है टकराव
SIR को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस लगातार तेज है। भाजपा इसे मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता से जुड़ी प्रक्रिया बता रही है। वहीं कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम भी प्रभावित हो सकते हैं। विपक्ष ने प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
संबित पात्रा के वाराणसी दौरे के दौरान दिए गए बयान से साफ है कि SIR का मुद्दा अब केवल मतदाता सूची तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का प्रमुख विषय बन गया है। हालांकि, SIR को लेकर दोनों पक्षों के दावों और आरोपों का आकलन चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों और संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर किया जाना जरूरी है।
लेखक के बारे में
Ashutosh Kumar Sharma
मूल रूप से वाराणसी, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आशुतोष कुमार शर्मा पेशे से स्कूल प्रधानाचार्य हैं। पिछले 8 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र से जुड़े श्री शर्मा की डिजिटल मीडिया, नई तकनीकों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स में विशेष रुचि है। उनका मानना है कि तकनीक और मीडिया का समन्वय ही भविष्य की पत्रकारिता की दिशा तय करेगा। मीडिया को समाज का चौथा स्तंभ मानते हुए वे सच्चाई, तथ्यपरकता और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। Ashutosh Kumar Sharma की सभी खबरें देखें →
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