यूपी की वोटर लिस्ट में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की तैयारी, घर-घर पहुंचेंगी आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को अधिक समावेशी बनाने की कवायद तेज हो गई है। निर्वाचन विभाग ने महिला और पुरुष मतदाताओं के बीच संख्या के अंतर को कम करने के लिए विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है। इस मुहिम में घर-घर तक पहुंच रखने वाली आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और महिला स्वयं सहायता समूहों को जोड़ा जाएगा। मकसद है कि कोई भी पात्र महिला मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रह जाए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को इस दिशा में जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। अभियान के तहत विभिन्न सरकारी विभागों और स्थानीय स्तर पर सक्रिय संस्थाओं की मदद से उन महिलाओं की पहचान की जाएगी, जो मतदान की पात्रता रखती हैं, लेकिन उनका नाम विधानसभा की मतदाता सूची में शामिल नहीं है।
मतदाता सूची में 1.21 करोड़ का अंतर
उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची में महिला और पुरुष मतदाताओं की संख्या के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में करीब 7.31 करोड़ पुरुष मतदाता और 6.09 करोड़ महिला मतदाता दर्ज हैं। यानी पुरुषों की तुलना में लगभग 1.21 करोड़ महिला मतदाता कम हैं।
आंकड़ों के अनुसार, कुल मतदाताओं में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 45.46 प्रतिशत है, जबकि पुरुषों की हिस्सेदारी 54.54 प्रतिशत है। इसी अंतर को कम करने के लिए निर्वाचन विभाग ने महिला मतदाता पंजीकरण पर विशेष ध्यान देने का निर्णय लिया है।

घर-घर जाकर पात्र महिलाओं की पहचान
महिला मतदाताओं का पंजीकरण बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास से जुड़े कर्मचारियों की सहायता ली जाएगी। आशा और एएनएम कार्यकर्ता अपने नियमित क्षेत्रीय दौरों के दौरान ऐसी पात्र महिलाओं की पहचान करेंगी, जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी इस काम में लगाया जाएगा।
ग्रामीण इलाकों में स्वयं सहायता समूहों की प्रतिनिधि 'समूह सखियां' महिलाओं को पंजीकरण के लिए जागरूक करेंगी और आवेदन प्रक्रिया में मदद करेंगी। इसके लिए महिला कल्याण, स्वास्थ्य, बाल विकास एवं पोषण तथा ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े विभागों के बीच समन्वय बनाया जाएगा।
पंचायत और विधानसभा की मतदाता सूची का होगा मिलान
अभियान में केवल महिलाओं पर ही नहीं, बल्कि सभी पात्र नागरिकों के पंजीकरण पर ध्यान दिया जाएगा। निर्वाचन विभाग विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची का पंचायत और शहरी निकायों की मतदाता सूचियों से मिलान कराएगा। इसके जरिए ऐसे पात्र लोगों की पहचान की जाएगी, जिनका नाम विधानसभा की सूची में दर्ज नहीं है।
इसके अलावा राशन की उचित दर वाली दुकानों पर उपलब्ध लाभार्थियों की सूची की भी मदद ली जाएगी। 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के ऐसे पात्र लोगों को चिह्नित किया जाएगा, जो मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं। सत्यापन के बाद उन्हें नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरने में सहायता दी जाएगी।
युवाओं को भी मतदाता बनाने पर जोर
निर्वाचन विभाग पहली बार वोट डालने की उम्र में पहुंचे युवाओं को भी अभियान से जोड़ रहा है। स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में बने इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब सक्रिय किए जाएंगे। राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC), नेहरू युवा केंद्र, युवक मंगल दल और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स जैसे संगठनों की मदद से पात्र युवाओं को मतदाता पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा।

12 नवंबर से शुरू होगी विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 (Special Summary Revision) की प्रक्रिया 12 नवंबर से शुरू होनी है। इसके लिए अर्हता तिथि 1 जनवरी 2027 निर्धारित की गई है। तय कार्यक्रम के अनुसार, 12 नवंबर को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित होगा। इसके बाद 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। इनका निस्तारण 28 दिसंबर तक किया जाएगा और अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को प्रकाशित करने का कार्यक्रम है।
मतदाता सूची में नाम कैसे जुड़वाएं?
पात्र नागरिक नाम शामिल कराने के लिए निर्वाचन आयोग के पोर्टल voters.eci.gov.in या ECINET मोबाइल ऐप के माध्यम से फॉर्म-6 भर सकते हैं। ऑफलाइन आवेदन के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) या निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) से संपर्क किया जा सकता है।
निर्वाचन विभाग की इस पहल का लक्ष्य है कि मतदाता सूची में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़े तथा कोई भी पात्र नागरिक अपने मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
लेखक के बारे में
Durgesh Tiwari
वीएल मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक होने के साथ-साथ ’विजुअल लाइव’ मासिक पत्रिका एवं न्यूज पोर्टल के मुख्य प्रबंधक की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। अपने व्यावसायिक अनुभव, दूरदर्शी सोच और नेतृत्व क्षमता के बल पर उन्होंने मीडिया एवं मार्केटिंग के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। सेल्स एवं मार्केटिंग के क्षेत्र में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दुर्गेश तिवारी ने लखनऊ से एमबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद आईसीआईसीआई बैंक में कॉर्पोरेट रिलेशनशिप मैनेजर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। बैंकिंग क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने कॉर्पोरेट संबंधों, व्यवसाय विकास और प्रबंधन की बारीकियों को समझा। मीडिया के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका ’विजुअल लाइव’ के माध्यम से समाचार एवं जनसंचार के कार्यों को आगे बढ़ाने से जुड़ी है। प्रबंधन, व्यावसायिक रणनीति, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के अनुभव का उपयोग करते हुए वह मीडिया संस्थान के विकास तथा उसकी कार्यप्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं। Durgesh Tiwari की सभी खबरें देखें →
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