
होली हमारी संस्कृति का अनमोल पर्व, जूनियर इंजीनियरों की भूमिका अहम : विभागाध्यक्ष
लखनऊ | लोक निर्माण विभाग के डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में विभाग के प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष इं. ए.के. द्विवेदी ने कहा कि होली हमारी संस्कृति का अनमोल पर्व है, जो जीवन में विभिन्न रंगों और सकारात्मकता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों में छोटे से बड़े स्तर तक जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण होना चाहिए। यदि कोई समस्या है तो उसका समाधान भी अवश्य है, इसलिए इंजीनियर खुलकर अपनी समस्याएं और सुझाव रखें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनके स्तर से किसी को निराशा नहीं होगी और सभी को मिलकर विभाग तथा प्रदेश के विकास में योगदान देना होगा।उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में जूनियर इंजीनियरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनके योगदान को नकारा नहीं जा सकता। समारोह में पूर्व विभागाध्यक्ष एवं सलाहकार इं. वी.के. सिंह तथा प्रमुख अभियंता ग्रामीण सड़क इं. मुकेश चंद्र शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके बाद अतिथियों द्वारा संघ की पत्रिका ‘एकता सूत्र’ के विशेषांक का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में लॉटरी के माध्यम से इंजीनियरों को रोचक पुरस्कार भी दिए गए, जिनमें लिपस्टिक और बेलन जैसे हास्यपूर्ण उपहार शामिल रहे, जिससे समारोह में उत्साह का माहौल बना रहा।
तकनीकी सलाहकार इं. विजय सिंह ने कहा कि वह कई बार संघ के कार्यक्रमों में शामिल हो चुके हैं और संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम अन्य संगठनों के लिए प्रेरणादायी हैं। प्रमुख अभियंता ग्रामीण सड़क इं. मुकेश चंद्र शर्मा ने कहा कि लंबे समय से विभाग में सेवा के दौरान उन्होंने संघ के अनेक आयोजन देखे हैं। संघ की सकारात्मक पहल और उच्च विचारों के कारण ही यह संगठन प्रदेश के कर्मचारी समाज में अपनी अलग पहचान रखता है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी ने कहा कि उनके कार्यकाल में शुरू की गई परंपराओं को आगे बढ़ाने में वर्तमान पदाधिकारियों की भूमिका सराहनीय है। ऐसे आयोजन संघ की एकता को मजबूत बनाते हैं। संघ के प्रदेश अध्यक्ष इं. एन.डी. द्विवेदी ने कहा कि होली मिलन समारोह आपसी मेल-मिलाप और संवाद का अवसर देता है। यदि किसी के मन में कोई मतभेद होता है तो वह गले मिलकर दूर हो जाता है। वहीं डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के अध्यक्ष एच.एन. मिश्रा ने कहा कि परंपराओं का निर्वाह हमें समाज से जोड़ता है और देश-प्रदेश की सेवा हमें गौरव का अनुभव कराती है। समारोह में आयोजित अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन ने कार्यक्रम को और भी रोचक बना दिया। कवि लटूरी लट्ठकी, कवयित्री हेमा पाण्डेय, कवि भगवान सहाय, मानस मुकेश, रोहित चौधरी और दिनेश पाण्डेय ‘नजर’ ने अपने हास्य और व्यंग्य से उपस्थित जनों को खूब गुदगुदाया। कवि दिनेश पाण्डेय ‘नजर’ ने सड़क निर्माण पर व्यंग्य करते हुए कहा— “आँखों में आँसू भी होंगे, जज्बात तो आने दो… सारे गड्ढे भर जाएंगे, बरसात तो आने दो।” कार्यक्रम का संचालन राजर्षि त्रिपाठी ने किया। समारोह में संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रवण कुमार, संघर्ष समिति के चेयरमैन सतेन्द्र त्रिपाठी, सहित विभाग और सहयोगी संगठनों के अनेक इंजीनियर और कर्मचारी उपस्थित रहे।





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