
वृक्षारोपण अभियान 2026 की तैयारी तेज, वन भूमि अतिक्रमण पर सख्ती के निर्देश
मानव-वन्यजीव संघर्ष नियंत्रण, रामसर साइट प्रस्ताव और वन बल आधुनिकीकरण की समीक्षा
लखनऊ । वन विभाग मुख्यालय स्थित पारिजात सभागार में आज उत्तर प्रदेश के वन, पर्यावरण, जन्तु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ० अरूण कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में वृक्षारोपण अभियान-2026 की तैयारियों, वन बल के आधुनिकीकरण, मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति, रामसर साइट प्रस्तावों, वन भूमि अतिक्रमण तथा विभिन्न न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई।
वरिष्ठ वनाधिकारियों द्वारा प्रस्तुत एजेंडा बिंदुओं के अवलोकन के बाद मंत्री ने निर्देश दिए कि वृक्षारोपण के लिए उपयुक्त ऊंचाई और स्वस्थ पौधों का चयन किया जाए तथा सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूर्ण की जाएं। उन्होंने जिला वृक्षारोपण समितियों की नियमित बैठकें सुनिश्चित करने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया।
मंत्री ने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए उनकी भूमि पर स्थानीय जलवायु एवं मृदा के अनुरूप प्रजातियों का चयन किसानों से संवाद कर किया जाए। उन्होंने हाईटेक एवं मॉडर्न पौधशालाओं, टिशू कल्चर और उच्च गुणवत्ता वाले क्लोन के माध्यम से पौध उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए।
वन विभाग में तकनीकी सुदृढ़ीकरण पर बल देते हुए उन्होंने ड्रोन और उपग्रह आधारित निगरानी प्रणाली को शीघ्र लागू करने के लिए प्रस्तावों को मंजूरी दिलाकर कार्यान्वयन तेज करने को कहा।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए वन क्षेत्रों में मानवीय हस्तक्षेप कम करने, फलदार पौधों का रोपण बढ़ाने और विशेषकर गर्मियों में वन्यजीवों के लिए पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बंदर-मानव संघर्ष के समाधान हेतु तैयार कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में गठित समितियों की नियमित बैठकें कराने और उनके सुझावों के प्रभावी अनुपालन पर बल दिया। साथ ही प्रभावित लोगों को सरकार द्वारा निर्धारित सहायता राशि समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
रामसर साइट घोषित किए जाने के लिए प्रस्तावों की धीमी प्रगति पर असंतोष जताते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि सभी जनपद तत्काल प्रस्ताव प्रस्तुत करें और वेटलैंड से संबंधित सूचनाओं को आईटी पोर्टल पर अद्यतन करें। वन भूमि पर अतिक्रमण के मामलों में सख्ती बरतने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि न्यायालय में लंबित मामलों को छोड़कर अन्य सभी अतिक्रमण तुरंत हटाए जाएं और संबंधित मामलों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अवैध कटान, खनन और शिकार में संलिप्त तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने तथा लापरवाही बरतने वाले वन कर्मियों के विरुद्ध भी सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव वी0 हेकाली झिमोमी, सचिव बी0 चन्द्रकला, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अनुराधा वेमूरी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (अनुश्रवण एवं कार्ययोजना) बी0 प्रभाकर, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (योजना एवं कृषि वानिकी) दीपक कुमार, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (परियोजना) राम कुमार, मुख्य वन संरक्षक (ईको विकास) नीरज कुमार तथा अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं नोडल अधिकारी ललित कुमार वर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।





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