
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से जबरन कराए जा रहे एआई कोर्स, कार्य प्रभावित होने की शिकायत
लखनऊ। लोक निर्माण विभाग (PWD) में संचालित मिशन कर्मयोगी के तहत चतुर्थ श्रेणी फील्ड कर्मचारियों से जबरन एआई एवं अन्य ऑनलाइन कोर्स कराए जाने का मामला सामने आया है। डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने इस प्रक्रिया में व्यापक अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
संघ के अध्यक्ष इं. एन.डी. द्विवेदी ने बताया कि विभाग द्वारा जारी निर्देशों के तहत फील्ड में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों, जिनमें बड़ी संख्या कम पढ़े-लिखे या अशिक्षित कर्मचारियों की है, को मुख्यालय कार्यालय बुलाकर कोर्स पूरा करने के लिए बाध्य किया जा रहा है। जबकि इन कर्मचारियों के पास न तो ईमेल आईडी है और न ही स्मार्टफोन उपलब्ध हैं।
आरोप है कि कोर्स पूरा कराने के लिए फर्जी या अन्य व्यक्तियों की ईमेल आईडी का इस्तेमाल किया जा रहा है। जिन कर्मचारियों के पास मोबाइल नहीं हैं, उनके स्थान पर दूसरे का मोबाइल नंबर लगाया जा रहा है। इतना ही नहीं, विभाग के तृतीय श्रेणी कर्मचारी अपने नियमित कार्य छोड़कर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के नाम पर कोर्स चला रहे हैं और प्रश्नावली के उत्तर भी स्वयं दे रहे हैं। इसके बाद प्रमाणपत्र डाउनलोड कर औपचारिकता पूरी की जा रही है।
संघ का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया के कारण फील्ड में कार्य प्रभावित हो रहा है, क्योंकि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अपने कार्यस्थल छोड़कर मुख्यालय में उपस्थित हैं। वहीं दूसरी ओर तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को भी उनके मूल दायित्वों से हटाकर इस कार्य में लगाया जा रहा है, जिससे कार्यालयीन कार्य भी बाधित हो रहे हैं। इसे संघ ने स्पष्ट रूप से सरकारी कार्य में क्षति और समय की बर्बादी बताया है।
संघ ने यह भी सवाल उठाया है कि क्या ऐसे एआई आधारित कोर्स वास्तव में इन कर्मचारियों के लिए उपयोगी हैं, और क्या कम पढ़े-लिखे या अशिक्षित कर्मचारी इन्हें समझने में सक्षम हैं।
डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस प्रकार की कूटरचित और अव्यवहारिक प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि कर्मचारी अपने मूल कार्यों का निर्वहन कर सकें और शासन की छवि प्रभावित न हो।





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