
लो भारत अपने हाथ में”: लखनऊ में वीरांगना वाहिनी के दूसरे सम्मेलन में 5000 युवतियों का शक्ति प्रदर्शन
लखनऊ । काल्वेन तेलुकादार कॉलेज मैदान, लखनऊ में वीरांगना वाहिनी का दूसरा राज्य स्तरीय सम्मेलन “लो भारत अपने हाथ में, निकलो बंद मकानों से” के जोशीले नारों के साथ संपन्न हुआ। सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के 40 जिलों से आईं करीब 5000 उभरती नेतृत्वकारी युवतियों ने भाग लिया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए वीरांगना वाहिनी की संस्थापक ने कहा कि यह संगठन नौजवान लड़कियों और महिलाओं की सामूहिक शक्ति और नेतृत्व को विकसित करने के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य है—हर महिला सुरक्षित और स्वावलंबी बने तथा समाज के सभी क्षेत्रों में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन में नेतृत्वकारी भूमिका निभाए। यह पहल केवल महिला सशक्तिकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि नए समाज और राष्ट्र निर्माण के व्यापक लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। वक्ताओं ने कहा कि वीरांगना वाहिनी एक सामाजिक-सांस्कृतिक आंदोलन के रूप में तेजी से विस्तार कर रही है। लैंगिक, जातीय और धार्मिक संवाद के माध्यम से यह समता-मूलक समाज के निर्माण का प्रयास कर रही है। वक्ताओं ने यह भी रेखांकित किया कि प्रकृति और जीवन-निर्वाह से गहरे जुड़ाव के कारण महिलाएँ पर्यावरण संकट का समाधान देने और सतत ज्ञान-प्रणालियों को पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
सम्मेलन में राष्ट्रीय आजादी आंदोलन और सामाजिक समता की विरासत को भी याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में लाखों वीरांगनाओं के संघर्ष और बलिदान से देश को आजादी मिली, जो 1947 में एक ऐतिहासिक मुकाम तक पहुँची। हालांकि, ऐसा भारत जहाँ अंतिम व्यक्ति तक आजादी, इंसाफ, सम्मान और रोज़गार पहुंचे—उस सपने को अभी पूरा किया जाना बाकी है।
वीरांगना वाहिनी ने इन अधूरे सपनों को साकार करने का संकल्प दोहराया। संगठन की दिशा में वर्ष 2018 से लगातार संवाद, बैठकें, शिविर और यात्राएँ आयोजित की जा रही थीं। इसकी औपचारिक स्थापना 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हुई थी, जिसमें प्रदेश के 40 जिलों से लगभग 1000 युवतियों ने भाग लिया था।
दूसरे सम्मेलन में बड़ी संख्या में युवतियों की भागीदारी ने यह संकेत दिया कि प्रदेश में महिला नेतृत्व की एक नई धारा आकार ले रही है, जो सामाजिक समता और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने को तत्पर है।





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