
हिमालयन कोल्ड स्टोरेज में भीषण आग, करोड़ों का किराना सामान जलकर खाक
संतोष कुमार सिंह
लखनऊ। अलीगंज अग्निकांड की लौ अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि राजधानी के चिनहट-अयोध्या मार्ग स्थित हिमालयन कोल्ड स्टोरेज में रविवार सुबह भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि उसका घना धुआं कई किलोमीटर दूर से ही आसमान में तैरता दिखाई दिया। लपटों की तीव्रता के कारण कोल्ड स्टोरेज की करीब 35 फीट ऊंची एक दीवार चटककर ढह गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल की एक दर्जन गाड़ियां और दो हाइड्रोलिक मशीनें मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया। राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, हालांकि करोड़ों रुपये का किराना सामान जलकर खाक हो गया है। आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड की पूरी टीम और सीएफओ मौके पर मौजूद रहे। फिलहाल आग लगने के सही कारणों की जांच की जा रही है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
चिनहट-अयोध्या मार्ग पर स्थित यह हिमालयन कोल्ड स्टोरेज उद्योगपति राहुल गुप्ता का है। इस कोल्ड स्टोर में अहियागंज सुभाष मार्ग के अधिकांश थोक व्यापारियों का किराना सामान (जैसे- सूखी लाल मिर्च, धनिया, काजू, किशमिश, सुपारी, जीरा, इलायची और सौंफ आदि) भंडारित था, जिसके लिए वे स्टोर मालिक को किराया देते थे। रविवार सुबह करीब 5.30 बजे कोल्ड स्टोर के चैंबर नंबर 3 और 4 से अचानक धुएं का गुबार उठता देखा गया। कर्मचारियों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी।
हिमालयन कोल्ड स्टोरेज को ठंडा रखने के लिए उसके पिछले हिस्से में एक बड़ा एसी प्लांट (चौंबर) बनाया गया है। इस चौंबर की बाउंड्री वॉल से सटा हुआ ही दयाल रेजिडेंसी नाम का एक पूरा रिहायशी इलाका बसा हुआ है। इस एसी चौंबर में भारी मात्रा में अमोनिया गैस भरी हुई थी। मौके पर मौजूद प्रशासनिक और दमकल अधिकारी इस बात को लेकर बेहद आशंकित थे कि यदि आग की लपटों या दीवार गिरने के कारण यह एसी चौंबर क्षतिग्रस्त हुआ, तो अमोनिया गैस का रिसाव हो सकता है, जिससे बड़े पैमाने पर जनहानि की आशंका थी। अधिकारियों ने सूझबूझ दिखाते हुए एहतियात के तौर पर दयाल रेजिडेंसी के मकान नंबर ए-8 से लेकर ए-17 तक में रहने वाले लोगों जैसे कैलाशी अलका रानी, मिथिलेश शर्मा, दिना शर्मा, वविता चौहान, अनिता शर्मा, वैशाली रानी, वीर सिंह, कविता सक्सेना, पंकज सिंह को मकान खाली कर सुरक्षित बाहर निकलने के निर्देश दिए। लोगों ने अपने घरों की एमसीवी गिराकर बाहन निकल आये।
काबू पाने में छूटे पसीने, बुलाई गईं हाइड्रोलिक मशीनें
आग की सूचना पर दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और पानी की बौछारें शुरू कर दीं। हालांकि, शुरुआती दो-तीन घंटों तक पानी की बौछारें इस विकराल आग पर बेअसर साबित हुईं। आग की भयावहता को देखते हुए दमकल विभाग ने तुरंत दो हाइड्रोलिक मशीनों को मौके पर बुलाया। इसके साथ ही एक दर्जन से अधिक फायर टेंडर आग पर काबू पाने के लिए लगातार काम पर लगे रहे। हाइड्रोलिक मशीनों की मदद से कोल्ड स्टोरेज के टीन शेड के ऊपर से लगातार पानी डालना शुरू किया गया। लेकिन यह पानी आग लगने वाले स्थान तक नहीं पहुंच पा रहा था। जिससे आग बुझाने में काफी दिक्कतों को सामना करना पड़ा।
चिनहट के हिमालय कोल्ड स्टोरेज में लगी आग की भयावह स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आग पर काबू पाने के लिए राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर, इंदिरानगर, हजरतगंज, चौक, आलमबाग, पीजीआई, बीकेटी, सरोजनीनगर और लखनऊ हाईकोर्ट के अलावा देवा रोड स्थित टाटा मोर्टस और बाराबंकी से भी दमकल की गाड़ियां मौके पर बुलानी पड़ी। आग बुझाने के दौरान इन गाड़ियों में कई बार बीबीडी, टाइम्स ऑफ इंडिया, ओमेगा से पानी भरा गया।
नाले के पानी का भी हुआ इस्तेमाल
हिमालयन कोल्ड स्टोर के किनारे एक नाला बहता है इस नाले के पानी का इस्तेमाल आग पर काबू पाने के लिए लिया गया। दमकल कर्मी पोर्टेबल पम्प के सहारे नाले से पानी की खींचकर पाइप से आग पर लगातार पानी डाल रहे थे। दमकल कर्मियों ने इस भयावह अग्नि पर नियंत्रण पाने के लिए दयाल रेजीडेंसी स्थित कैलाशी अलका रानी के घर की छत, और एक गोदाम की छत से भी मोर्चा संभाल रखा था।





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