
इंस्पेक्टर की फटकार पर 9 दिन बाद लिखा पीड़ित का मुकदमा
- पीड़ित ने सिपाही रामपाल पर लगाया एप्लीकेशन बदलवाने का आरोप
- सिपाही ने अपमानजनक भाषा का प्रयोग करते हुए कहा, “तुम्हारी औक़ात 5000 रुपये की नहीं
- शाहपुर के धर्मवीर रावत को जातिसूचक शब्दों से अपमानित कर मारने पीटने, मोटरसाइकिल और मोबाइल तोड़ने व 5000 की नकदी लूटने का मामला
संतोष कुमार सिंह
लखनऊ। मोटरसाइकिल और मोबाइल तोड़ने, जाति सूचक शब्द का प्रयोग करते हुए उसे मारने पीटने और 5000 रुपए छीन लेने के मामले में चिनहट पुलिस पीड़ित को 9 दिनों तक टरकाती रही। पीड़ित और उसकी पत्नी कभी थाने तो कभी कस्बा चौकी के चक्कर काटते रहे। लेकिन चिनहट पुलिस ने कार्रवाई के नाम पर केवल पीड़ित को सीएचसी चिनहट में इलाज करवा दिया। पीड़ित के मुताबिक़ कस्बा चौकी पर तैनात सिपाही रामपाल ने उसे कई दिनों तक दौड़ता रहा। इतना ही आरोप है कि सिपाही रामपाल पीड़ित को इंस्पेक्टर से मिलने तक नहीं दे रहा था। उसने दो बार पीड़ित की तहरीर बदलने का दबाव बनाया।
पीड़ित ने तो यह भी आरोप है कि सिपाही ने आरोपियों से मिलकर उन्हें लूट और हरिजन एक्ट की धारा हटाने के नाम पर पैसे वसूले होंगे। फिलहाल 9 दिन बाद शनिवार को रोके जाने के बाद भी पीड़ित और उसकी पत्नी इंस्पेक्टर से मामले की गुहार लगाई तो उसका मुकदमा दर्ज किया गया।
शाहपुर का रहने वाला धर्मवीर रावत सरिया बाधने का काम करता है। वह छ: दिनों तक सेमरा के रहने वाले ठेकेदार बबलू के यहाँ काम कर रहा था। बीते 3 अप्रैल को वह बबलू की साइड पर काम करने नहीं गया। इस बात से बबलू काफी नाराज हो गया। पीड़ित धर्मवीर रावत का आरोप है कि वह अपनी बाइक से चिनहट तिराहा स्थित दरगाह के पास पहुंचा तो बबलू, कारगिल, आकाश यादव और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति ने उसे घेर लिया। उसके साथ जमकर मारपीट की। उनका 15000 का ओप्पो का फोन और बाइक तोड़ दी। उसके जेब में रखे 5000 रुपए छीन लिए और उसे जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया। पीड़ित बाइक और मोबाइल वहीं छोड़कर किसी दूसरे के मोबाइल से अपनी रुचि को फोन किया।
3 अप्रैल को ही लहूलुहान धर्मवीर अपनी पत्नी रुचि के साथ चिनहट थाने पहुंचा। सर पर चोट और खून को देखते हुए पुलिस उसे प्राथमिक उपचार के लिए सीएचसी चिनहट ले गई। तहरीर लेकर उसे घर जाने को कहा। बताया की आरोपी को पकड़ लेंगे तो तुम्हें बुलाएँगे। पीड़ित का आरोप है कि पहली तहरीर में उसने पूरी घटना का जिक्र किया था। 3 अप्रैल से वह कभी थाने तो कभी कस्बा चौकी का चक्कर लगाता रहा। पीड़ित का आरोप है कि इस दौरान सिपाही रामपाल ने उसे दो बार तहरीर बदलवाईं। सिपाही रामपाल ने उसे फटकार लगाते कहा कि तुम्हारी औक़ात 5000 रुपए की नहीं है। सिपाही रामपाल की औक़ात वाली बात से पीड़ित काफी आहत है। शनिवार को पीड़ित रोके जाने के बाद भी इंस्पेकर दिनेश चंद्र मिश्रा से मिला और न्याय की गुहार लगाई। इंस्पेक्टर के निर्देश पर आरोपी बबलू, कारगिल, आकाश यादव और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।





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