
राज्य कर विभाग का पोर्टल पहली अप्रैल से फिर ठप हुआ
रवींद्र प्रकाश
लखनऊ। आनलाइन जीएसटी मे अगर विभागीय पोर्टल ही ठप हो जाए तो यह ठीक ऐसा ही होगा की सुखोई के जमाने मे पुरानी तोपो से केवल आंख दिखाकर अधिकारियों से कार्य की गुणवत्ता बढाने की उम्मीद की जा रही है। पिछले माह भी यह पोर्टल ठप रहा मीडिया की दखल के बाद पोर्टल चला तो लेकिन पहली अप्रैल से फिर ठप हो गया वही है अधिकारियों पर दंड की तलवार लटक गयी है।
कामटेकस , विभागीय पोर्टल बंद हो जाने से एमआईएम , एआई नोटिस मॉड्यूल एनफोर्समेंट ऐप्प ,स्कैनिंग , वेरिफिकेशन ऐप्प ,बकाया वैट आर सी डिटेल ,ई वे बिल डिटेल डाउनलोडिंग आदि सभी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं । सूत्रो के अनुसार भुगतान न होने से संबंधित संस्था ने एकबार फिर सेवाएं बंद कर दी हैं। , प्रदेश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है । किसी भी व्यापारी की कोई रसीद नही कट पा रही है । सभी अधिकारी कर्मचारी परेशान हैं । जीएसटीएन से मिले आंकड़ों को रिफाइंड करके कार्यवाही हेतु स्टेट जीएसटी के अधिकारियों को कार्यवाही हेतु डेटा मिलता था ।भुगतान न मिलने से कोई संस्था आगे अपडेट तो रोंक सकती थी लेकिन ऑनलाइन सिस्टम से पूरा डेटा गायब हो जाना किसी षडयंत्र के अंदेशा से इनकार नहीं किया जा सकता है। मुख्यालय से लेकर लोकल स्तर पर लगातार वीसी करके समीक्षा से अधिकारी परेशान घूम रहे हैं । हैरत की बात यह है की विभागीय समस्याओं व संसाधनों की कमी पर कभी भी कोई वीसी नही होती ।। पहले से ही अधिकांश खण्डों में फील्ड में जाने हेतु वाहनों की कमी, भट्ठों की जांच हेतु कैसे अधिकारी दूरदराज भागों में पहुंचे, स्टेनो विहीन ,सेवक विहीन ,पत्रवाहक विहीन ,अमीन विहीन ,बैठने की जगह विहीन क्या करें । केंद्रीय जीएसटी कार्यालयों व वहाँ के संशाधनों की भारी कमी है ऐसे मे केन्द्रीय जीएसटी से तुलना कैसे हो सकती है।





Leave A Comment
Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).